लेह शहर में सफाई अभियान: उपराज्यपाल के आदेश पर शुरू हुआ धूल-मलबे से मुक्ति का कार्य
सारांश
Key Takeaways
- लेह शहर में सफाई अभियान शुरू हुआ है।
- उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
- धूल और मलबे से मुक्ति का कार्य प्राथमिकता पर है।
- स्थानीय लोगों की भागीदारी आवश्यक है।
- इस अभियान से शहर की सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण में वृद्धि होगी।
लेह, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लद्दाख का लेह शहर अब साफ-सुथरा और व्यवस्थित होने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। प्रशासन ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देशों के अनुसार एक व्यापक सफाई अभियान शुरू किया है। संबंधित एजेंसियां अब मिशन मोड में शहर की सफाई और सौंदर्यीकरण के कार्यों में जुट गई हैं।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा, "सड़क किनारे जमा धूल और निर्माण व मलबे को हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पहले चरण में लोक निवास, सचिवालय, लेह मुख्य बाजार, जेविटसल और आस-पास के क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।"
उन्होंने आगे कहा कि इन क्षेत्रों में सफाई के साथ-साथ पेड़ लगाने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि हरियाली को बढ़ावा दिया जा सके। इसके लिए गड्ढे खोदने का काम जारी है। यह अभियान उस निरीक्षण के परिणामस्वरूप शुरू किया गया, जब उपराज्यपाल ने 15 मार्च को लेह बाजार और पुराने शहर का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था, बुनियादी ढांचे की स्थिति और शहरी प्रबंधन से संबंधित समस्याओं का मूल्यांकन किया और अधिकारियों को तात्कालिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना इस अभियान की सतत निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने सरकारी एजेंसियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के संगठित प्रयास लेह-लद्दाख को एक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यटकों के लिए आकर्षक स्थान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से ही काम नहीं चलेगा; स्थानीय लोगों की भागीदारी भी इस मिशन की सफलता के लिए आवश्यक है। सामूहिक सहयोग और निरंतर प्रयासों से लद्दाख को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जा सकता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लेह को धूल, मलबे और निर्माण के कचरे से मुक्त कर एक बेहतर शहरी वातावरण का निर्माण करना है।
प्रशासन का मानना है कि यह पहल न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी बढ़ावा देगी। आने वाले समय में इस पहल के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।