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क्या लेंसकार्ट के प्रमोटर सुमीत कपाही की डिग्री और मार्कशीट गायब हैं?

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क्या लेंसकार्ट के प्रमोटर सुमीत कपाही की डिग्री और मार्कशीट गायब हैं?

सारांश

लेंसकार्ट के प्रमोटर सुमीत कपाही की डिग्री और मार्कशीट गायब होने की खबर ने सभी को चौंका दिया है। क्या यह कंपनी की आईपीओ प्रक्रिया पर असर डालेगा? जानिए पूरी कहानी!

मुख्य बातें

लेंसकार्ट का आईपीओ भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास है।
सुमीत कपाही की डिग्री और मार्कशीट गायब हैं।
कंपनी ने कई प्रमुख वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी की है।
आईपीओ में 2,150 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए जाएंगे।
लेंसकार्ट की वार्षिक आम बैठक में सार्वजनिक लिस्टिंग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।

मुंबई, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध आईवियर रिटेलर कंपनी लेंसकार्ट ने अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में एक अंदेश का खुलासा किया है कि कंपनी के प्रमोटर्स में से एक सुमीत कपाही की डिग्री और मार्कशीट गायब हैं।

वर्तमान में, कपाही लेंसकार्ट में सोर्सिंग के ग्लोबल हेड के रूप में कार्यरत हैं।

डीआरएचपी दस्तावेज के अनुसार, उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त अपनी बी.कॉम (ऑनर्स) की डिग्री और मार्कशीट नहीं मिल रही है।

डीआरएचपी में बताया गया है कि कपाही ने विश्वविद्यालय को कई ईमेल और पत्र लिखकर अपनी डिग्री प्रमाणपत्र की प्रतियों का अनुरोध किया है और विश्वविद्यालय के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मार्कशीट के लिए आवेदन भी किया है।

हालांकि, उन्हें अब तक कोई उत्तर नहीं मिला है। डीआरएचपी में कहा गया है कि यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि विश्वविद्यालय उनके अनुरोधों का समय पर उत्तर देगा या नहीं।

लेंसकार्ट ने आगे कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कपाही भविष्य में अपनी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर पाएंगे।

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, सुमीत कपाही ने पीयूष बंसल, अमित चौधरी, नेहा बंसल और रमणीक खुराना के साथ मिलकर लेंसकार्ट की सह-स्थापना की।

वह बंसल और चौधरी के साथ मिलकर काम करने वाले तीसरे व्यक्ति हैं और उन्हें वैश्विक आईवियर ब्रांडों के साथ काम करने का व्यापक अनुभव है।

लेंसकार्ट आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख वित्तीय संस्थानों द्वारा किया जाएगा, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, एवेंडस कैपिटल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, एक्सिस कैपिटल और इंटेंसिव फिस्कल सर्विसेज शामिल हैं।

डीआरएचपी के अनुसार, आईपीओ में 2,150 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए जाएंगे और निवेशकों व प्रमोटरों द्वारा 13.2 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी।

26 जुलाई को लेंसकार्ट की वार्षिक आम बैठक में सार्वजनिक लिस्टिंग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि प्रमोटर्स की शैक्षणिक योग्यता की अनुपस्थिति से लेंसकार्ट की आईपीओ प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। हमें उम्मीद है कि कंपनी इस मुद्दे को शीघ्रता से सुलझाएगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुमीत कपाही की डिग्री और मार्कशीट क्यों गायब हैं?
सुमीत कपाही ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी बी.कॉम (ऑनर्स) की डिग्री और मार्कशीट के लिए अनुरोध किया है, लेकिन उन्हें अभी तक कोई उत्तर नहीं मिला है।
क्या लेंसकार्ट का आईपीओ प्रभावित होगा?
इस मामले का प्रभाव लेंसकार्ट के आईपीओ की प्रक्रिया पर पड़ सकता है, हालांकि कंपनी ने इसे सुलझाने का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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