एलजी मनोज सिन्हा बोले — जम्मू-कश्मीर अब अतीत की चुनौतियों से आगे, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं की भूमि
सारांश
मुख्य बातें
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर में कहा कि जम्मू-कश्मीर की पहचान अब केवल अतीत की कठिनाइयों तक सीमित नहीं है — यह वर्तमान के सामूहिक प्रयासों और भविष्य की असीम संभावनाओं की धरती बन चुकी है। वे 'पैडल थ्रू पैराडाइज' साइकिलिंग इवेंट के विजेता समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
आयोजन की पृष्ठभूमि
जम्मू-कश्मीर पुलिस के सिविक एक्शन प्रोग्राम (नागरिक कार्य कार्यक्रम) के तहत आयोजित 'पैडल थ्रू पैराडाइज' साइकिलिंग इवेंट में युवाओं की उत्साहजनक भागीदारी देखी गई। उपराज्यपाल सिन्हा ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्रतिभागियों के उत्साह, दृढ़ संकल्प और आकांक्षाओं की विशेष सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन एक नए जम्मू-कश्मीर के आशावाद, आत्मविश्वास और जीवंत भावना को प्रतिबिंबित करते हैं, जो यहाँ के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा से प्रेरित हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की भूमिका
एलजी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के अपने पारंपरिक दायरे से आगे बढ़कर सार्थक सामुदायिक पहलों को भी अपनाया है। उन्होंने कहा, 'पैडल थ्रू पैराडाइज' जैसी पहल इस बात का प्रमाण हैं कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 'सुरक्षा को करुणा के साथ, अनुशासन को प्रेरणा के साथ और कर्तव्य को सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ' जोड़ा है, ताकि लोगों के साथ दिलों का रिश्ता कायम हो सके।
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस के सिविक एक्शन प्रोग्राम ने युवाओं की भागीदारी, कौशल विकास और खेलों में उत्कृष्टता के लिए नए अवसर सृजित किए हैं, जिससे समाज में आत्मविश्वास और सकारात्मकता बढ़ी है।
युवाओं पर जोर और नशा मुक्ति का संकल्प
उपराज्यपाल ने इस बात पर बल दिया कि किसी भी क्षेत्र की असली तरक्की तब होती है जब युवाओं की आँखों में भरोसा हो, हाथों में अवसर हों और दिलों में एकता की भावना हो। उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि पैडल थ्रू पैराडाइज जैसे आयोजन जम्मू-कश्मीर के युवाओं को अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के ज़रिए राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।'
सिन्हा ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर के निर्माण के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि नशीले पदार्थों से प्रभावित लोगों की सहानुभूति और देखभाल के साथ मदद की जाए, ताकि वे मुख्यधारा में वापस आ सकें।
तीन संकल्पों का आह्वान
समारोह के अंत में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभी वर्गों से तीन संकल्प लेने का आग्रह किया — पहला, शांति की दिशा में निरंतर आगे बढ़ना; दूसरा, प्रगति को गति देना; और तीसरा, एक स्वस्थ, समृद्ध, सुरक्षित और उज्ज्वल जम्मू-कश्मीर के निर्माण में योगदान देना।
उन्होंने 'पैडल थ्रू पैराडाइज' और 'जश्न-ए-डल' जैसी पहलों को केवल खेल प्रतियोगिताओं से परे बताया — ये आयोजन प्रतिभागियों में अनुशासन, लगन और प्रतिकूल परिस्थितियों में डटे रहने की क्षमता विकसित करते हैं।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में खेल, शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है, और प्रशासन सामुदायिक पहलों को सुशासन के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।