4 अगस्त 2026
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विनियोग विधेयक 2026 लोकसभा में ध्वनिमत से पारित, विपक्ष के हंगामे से सदन बाधित

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विनियोग विधेयक 2026 लोकसभा में ध्वनिमत से पारित, विपक्ष के हंगामे से सदन बाधित

सारांश

विपक्ष के हंगामे और बार-बार स्थगन के बावजूद लोकसभा ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित किया। राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी, 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई और नीट विवाद — तीन मोर्चों पर घिरी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मानसून सत्र में थमने का नाम नहीं ले रहा।

मुख्य बातें

लोकसभा ने 4 अगस्त 2026 को विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित किया।
विधेयक 31 मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष के अतिरिक्त सरकारी व्यय को भारत की संचित निधि से अधिकृत करता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक भी सदन में पेश किया।
विपक्ष ने राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी , 20 जुलाई पुलिस कार्रवाई और कावेरी जल विवाद पर हंगामा किया।
भाजपा ने कांग्रेस और सहयोगी दलों पर जानबूझकर संसद बाधित करने का आरोप लगाया।
लोकसभा की अगली बैठक बुधवार, 5 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी।

लोकसभा ने 4 अगस्त 2026 को मानसून सत्र के बीच विपक्षी हंगामे और नारेबाजी के बावजूद विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। यह विधेयक 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए अतिरिक्त सरकारी व्यय को भारत की संचित निधि (कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया) से औपचारिक अनुमति देने से संबंधित है। इस पारित होने के साथ ही सदन में तनाव और बढ़ गया और कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा।

सदन में क्या हुआ

विधेयक पारित होने के साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक भी विचार के लिए सदन में पेश किया। इस संशोधन विधेयक में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स अधिनियम, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। हालाँकि, विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे के चलते सदन में सामान्य चर्चा संभव नहीं हो सकी।

विपक्ष के विरोध के मुद्दे

मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में कई मुद्दों पर प्रदर्शन किया, जिनमें प्रमुख रहे — राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई, और कावेरी जल विवाद। विपक्षी दल केंद्रीय गृह मंत्री से इन मुद्दों पर जवाब माँग रहे हैं और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर कथित 'फायरिंग' के मामले को भी संसद में उठाते रहे हैं। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद भी इस मानसून सत्र में विपक्ष का प्रमुख हथियार बना हुआ है।

भाजपा का पलटवार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही को जानबूझकर बाधित करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महत्वपूर्ण विधायी कार्य को रोक रहे हैं, जिससे चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े विषय उठाने का अवसर नहीं मिल पा रहा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार के पास मानसून सत्र में कई अहम विधेयक पारित कराने का एजेंडा है।

एक दिन पहले का घटनाक्रम

उल्लेखनीय है कि सोमवार, 3 अगस्त को भी लोकसभा ने विपक्ष के विरोध के बीच बिना किसी विस्तृत चर्चा के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक पारित किया था। यह लगातार दूसरा दिन है जब बिना पर्याप्त चर्चा के महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए हैं।

आगे क्या होगा

लगातार गतिरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए समाप्त कर दी गई और अब सदन की अगली बैठक बुधवार, 5 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी। सरकार और विपक्ष के बीच टकराव फिलहाल थमता नज़र नहीं आ रहा, और विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इन विवादास्पद मुद्दों पर कोई राजनीतिक सहमति नहीं बनती, मानसून सत्र का शेष समय भी इसी तरह बाधित रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर विस्तृत बहस होनी चाहिए थी। लगातार दो दिन महत्वपूर्ण विधेयक बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के पारित हुए — यह प्रवृत्ति विधायिका की निगरानी भूमिका को कमज़ोर करती है। विपक्ष के विरोध के मुद्दे वैध हो सकते हैं, लेकिन हंगामे की रणनीति से वित्तीय पारदर्शिता पर बहस का अवसर भी उन्हीं के हाथ से निकल जाता है। दोनों पक्षों की इस खींचतान में असली नुकसान संसदीय लोकतंत्र की गुणवत्ता को हो रहा है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 क्या है?
यह विधेयक 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार द्वारा किए गए अतिरिक्त व्यय को भारत की संचित निधि से पूर्वव्यापी अनुमति देता है। इसे 4 अगस्त 2026 को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित किया गया।
कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक में क्या प्रस्ताव है?
इस विधेयक में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स अधिनियम, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में संशोधन का प्रस्ताव है। इसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 4 अगस्त 2026 को लोकसभा में विचार के लिए पेश किया।
विपक्ष ने मानसून सत्र में किन मुद्दों पर विरोध किया?
विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई, कावेरी जल विवाद और नीट पेपर लीक विवाद पर सरकार को घेरा। वे केंद्रीय गृह मंत्री से इन मुद्दों पर जवाब माँग रहे हैं।
भाजपा ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं, जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इससे चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर नहीं मिल पा रहा।
लोकसभा की अगली बैठक कब होगी?
लगातार हंगामे के कारण 4 अगस्त को लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए समाप्त कर दी गई। अब सदन की अगली बैठक बुधवार, 5 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे होगी।
राष्ट्र प्रेस
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