विनियोग विधेयक 2026 लोकसभा में ध्वनिमत से पारित, विपक्ष के हंगामे से सदन बाधित
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा ने 4 अगस्त 2026 को मानसून सत्र के बीच विपक्षी हंगामे और नारेबाजी के बावजूद विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। यह विधेयक 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए अतिरिक्त सरकारी व्यय को भारत की संचित निधि (कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया) से औपचारिक अनुमति देने से संबंधित है। इस पारित होने के साथ ही सदन में तनाव और बढ़ गया और कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा।
सदन में क्या हुआ
विधेयक पारित होने के साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक भी विचार के लिए सदन में पेश किया। इस संशोधन विधेयक में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स अधिनियम, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। हालाँकि, विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे के चलते सदन में सामान्य चर्चा संभव नहीं हो सकी।
विपक्ष के विरोध के मुद्दे
मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में कई मुद्दों पर प्रदर्शन किया, जिनमें प्रमुख रहे — राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई, और कावेरी जल विवाद। विपक्षी दल केंद्रीय गृह मंत्री से इन मुद्दों पर जवाब माँग रहे हैं और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर कथित 'फायरिंग' के मामले को भी संसद में उठाते रहे हैं। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद भी इस मानसून सत्र में विपक्ष का प्रमुख हथियार बना हुआ है।
भाजपा का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही को जानबूझकर बाधित करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महत्वपूर्ण विधायी कार्य को रोक रहे हैं, जिससे चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े विषय उठाने का अवसर नहीं मिल पा रहा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार के पास मानसून सत्र में कई अहम विधेयक पारित कराने का एजेंडा है।
एक दिन पहले का घटनाक्रम
उल्लेखनीय है कि सोमवार, 3 अगस्त को भी लोकसभा ने विपक्ष के विरोध के बीच बिना किसी विस्तृत चर्चा के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक पारित किया था। यह लगातार दूसरा दिन है जब बिना पर्याप्त चर्चा के महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए हैं।
आगे क्या होगा
लगातार गतिरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए समाप्त कर दी गई और अब सदन की अगली बैठक बुधवार, 5 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी। सरकार और विपक्ष के बीच टकराव फिलहाल थमता नज़र नहीं आ रहा, और विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इन विवादास्पद मुद्दों पर कोई राजनीतिक सहमति नहीं बनती, मानसून सत्र का शेष समय भी इसी तरह बाधित रह सकता है।