3 अगस्त 2026
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नारा लोकेश ने पिक्सेल स्पेस के फाउंडर को अनंतपुर आने का न्योता दिया, बेंगलुरु में जमीन संकट पर बोले

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नारा लोकेश ने पिक्सेल स्पेस के फाउंडर को अनंतपुर आने का न्योता दिया, बेंगलुरु में जमीन संकट पर बोले

सारांश

बेंगलुरु में सैटेलाइट फैक्ट्री के लिए जमीन न मिलने की शिकायत करते ही पिक्सेल स्पेस के CTO क्षितिज खंडेलवाल को दो राज्यों के मंत्रियों ने घेर लिया। नारा लोकेश ने अनंतपुर का न्योता देकर स्पेस सिटी और तैयार इकोसिस्टम का वादा किया — यह आंध्र प्रदेश की कर्नाटक को चुनौती देने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

नारा लोकेश ने पिक्सेल स्पेस के CTO और फाउंडर क्षितिज खंडेलवाल को अनंतपुर में निवेश का न्योता दिया।
खंडेलवाल ने एक्स पर लिखा था कि बेंगलुरु के बाहरी इलाके में सैटेलाइट फैक्ट्री के लिए जमीन मिलना, सैटेलाइट बनाने से भी कठिन है।
आंध्र प्रदेश स्पेस सिटी , एयरोस्पेस पार्क और तैयार औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है।
आंध्र प्रदेश इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड को खंडेलवाल से संपर्क करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पहले ही HAL को अनंतपुर में 10,000 एकड़ जमीन की पेशकश कर चुके हैं।
यह अक्टूबर 2024 के बाद लोकेश का कर्नाटक की एयरोस्पेस कंपनियों को लुभाने का दूसरा बड़ा प्रयास है।

आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट निर्माता कंपनी पिक्सेल स्पेस के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) क्षितिज खंडेलवाल को अनंतपुर में निवेश करने का खुला न्योता दिया है। यह निमंत्रण तब आया जब खंडेलवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बेंगलुरु के बाहरी इलाके में सैटेलाइट फैक्ट्री के लिए जमीन हासिल करना, वास्तव में सैटेलाइट बनाने से कहीं अधिक कठिन साबित हो रहा है।

क्या बोले क्षितिज खंडेलवाल

पिक्सेल स्पेस के CTO और फाउंडर क्षितिज खंडेलवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बेंगलुरु के बाहरी इलाके में सैटेलाइट फैक्ट्री बनाने के लिए जमीन हासिल करने की कोशिश, असल में सैटेलाइट बनाने से कहीं ज्यादा मुश्किल रही है।' इस पोस्ट ने तत्काल राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दिया और दो राज्यों — कर्नाटकआंध्र प्रदेश — के मंत्री सक्रिय हो गए।

लोकेश का न्योता और आंध्र प्रदेश की पेशकश

मंत्री लोकेश ने खंडेलवाल को सीधे संबोधित करते हुए एक्स पर लिखा, 'क्षितिज, बेंगलुरु के बाहरी इलाके में निवेशकों के लिए एक नई और अच्छी जगह है। इसका नाम अनंतपुर है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश सरकार स्पेस सिटी, एयरोस्पेस पार्क और तत्काल उपयोग के लिए तैयार औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रही है, ताकि स्टार्टअप संस्थापकों को जमीन की तलाश में समय बर्बाद न करना पड़े और वे अपना पूरा ध्यान नवाचार पर केंद्रित कर सकें। साथ ही लोकेश ने आंध्र प्रदेश इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड को निर्देश दिया कि वह खंडेलवाल से संपर्क स्थापित करे।

कर्नाटक की प्रतिक्रिया

खंडेलवाल की पोस्ट पर सबसे पहले कर्नाटक के बड़े एवं मध्यम उद्योग तथा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास मंत्री एमबी पाटिल ने प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि उनका कार्यालय खंडेलवाल से संपर्क करेगा। इस तरह दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच एयरोस्पेस निवेश को आकर्षित करने की अघोषित प्रतिस्पर्धा एक बार फिर सामने आ गई।

यह पहली बार नहीं — लोकेश की रणनीति का इतिहास

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब नारा लोकेश ने कर्नाटक की एयरोस्पेस कंपनियों को आंध्र प्रदेश की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया हो। अक्टूबर 2024 में, जब कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने बेंगलुरु के निकट देवनहल्ली तालुक में प्रस्तावित एयरोस्पेस पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण रद्द करने की घोषणा की थी — जिसका किसानों ने विरोध किया था — तब लोकेश ने एयरोस्पेस उद्योग को खुला संदेश देते हुए लिखा था, 'प्रिय एयरोस्पेस इंडस्ट्री, यह सुनकर दुख हुआ। मेरे पास आपके लिए एक बेहतर विचार है। क्यों न आप आंध्र प्रदेश पर विचार करें। हमारे पास आपके लिए एक आकर्षक एयरोस्पेस पॉलिसी है, जिसमें बेहतरीन इंसेंटिव और 8,000 एकड़ से ज्यादा इस्तेमाल के लिए तैयार जमीन (बेंगलुरु के ठीक बाहर) उपलब्ध है।'

इससे पहले मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अनंतपुर जिले में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को संभावित विस्तार के लिए 10,000 एकड़ जमीन की पेशकश करके भी कर्नाटक में हलचल मचाई थी।

आगे क्या होगा

आंध्र प्रदेश इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड के पिक्सेल स्पेस से संपर्क करने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कंपनी अनंतपुर में निवेश की संभावना को गंभीरता से लेती है। यह घटनाक्रम भारत के उभरते अंतरिक्ष स्टार्टअप परिदृश्य में राज्यों के बीच निवेश प्रतिस्पर्धा की बढ़ती तीव्रता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आंध्र प्रदेश की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है — जो कर्नाटक की भूमि-अधिग्रहण विफलताओं को अवसर में बदलने की कोशिश करती है। विडंबना यह है कि जिस बेंगलुरु इकोसिस्टम ने भारत के स्पेस स्टार्टअप को पाला-पोसा, आज वही जमीन की कमी के चलते उन्हें धकेल रहा है। आंध्र प्रदेश के पास जमीन और नीति दोनों हैं, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति और प्रतिभा पूल की उपलब्धता होगी — जो अभी भी बेंगलुरु के पक्ष में झुकी है। बिना कुशल कार्यबल और अनुसंधान संस्थानों की निकटता के, केवल जमीन की पेशकश पर्याप्त नहीं होगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारा लोकेश ने पिक्सेल स्पेस को अनंतपुर क्यों बुलाया?
पिक्सेल स्पेस के CTO क्षितिज खंडेलवाल ने एक्स पर बेंगलुरु में सैटेलाइट फैक्ट्री के लिए जमीन मिलने की कठिनाई बताई, जिसके बाद मंत्री लोकेश ने उन्हें आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में तैयार औद्योगिक इकोसिस्टम और स्पेस सिटी का प्रस्ताव दिया।
पिक्सेल स्पेस क्या करती है?
पिक्सेल स्पेस एक भारतीय कंपनी है जो रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट बनाती और संचालित करती है। कंपनी के CTO और फाउंडर क्षितिज खंडेलवाल हैं।
आंध्र प्रदेश एयरोस्पेस कंपनियों को क्या सुविधाएँ दे रहा है?
आंध्र प्रदेश सरकार स्पेस सिटी, एयरोस्पेस पार्क और तत्काल उपयोग के लिए तैयार औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने HAL को अनंतपुर में 10,000 एकड़ जमीन की पेशकश भी की है।
क्या कर्नाटक ने भी पिक्सेल स्पेस से संपर्क किया?
हाँ, कर्नाटक के बड़े एवं मध्यम उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने भी खंडेलवाल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका कार्यालय उनसे संपर्क करेगा। इस तरह दोनों राज्यों के बीच निवेश आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा सामने आई।
क्या लोकेश पहले भी कर्नाटक की कंपनियों को आंध्र प्रदेश बुला चुके हैं?
हाँ, अक्टूबर 2024 में जब कर्नाटक ने देवनहल्ली तालुक में एयरोस्पेस पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण रद्द किया था, तब भी लोकेश ने एयरोस्पेस उद्योग को आंध्र प्रदेश में 8,000 एकड़ से अधिक तैयार जमीन और आकर्षक नीतियों का प्रस्ताव दिया था।
राष्ट्र प्रेस
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