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लखनऊ में पार्किंग विवाद पर ट्रिपल मर्डर: एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गोली मारी

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लखनऊ में पार्किंग विवाद पर ट्रिपल मर्डर: एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गोली मारी

सारांश

पार्किंग जैसा मामूली विवाद लखनऊ के सआदतगंज में तीन जिंदगियाँ लील गया। आरोपी ऋषभ शुक्ला ने 8 से 10 राउंड फायर कर शिवाजी, शिवेंद्र और सुयश तिवारी की हत्या की — सुयश की अगले महीने शादी थी। पड़ोसी के अनुसार हमला पूर्व-नियोजित था।

मुख्य बातें

लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में 26 अक्टूबर 2026 को पार्किंग विवाद में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या ।
मारे गए — शिवाजी तिवारी , उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और शिवाजी के पुत्र सुयश तिवारी ।
आरोपी की पहचान ऋषभ शुक्ला के रूप में; 8 से 10 राउंड फायरिंग की गई।
पड़ोसी अनूप सक्सेना के अनुसार, आरोपी ने पहले ही धमकी दी थी कि 'दीपावली से पहले बड़ा कांड करूंगा।' सुयश तिवारी की अगले महीने शादी होने वाली थी।
बचाने आया युवक जितेंद्र कार के पीछे कूदकर बच गया; अन्य किसी को गोली नहीं लगी।

लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को पार्किंग और पेड़ को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जब आरोपी ऋषभ शुक्ला ने ताबड़तोड़ 8 से 10 राउंड फायरिंग कर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी। मारे गए लोगों में शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और शिवाजी के पुत्र सुयश तिवारी शामिल हैं।

घटना का पूरा घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शी और पड़ोसी अनूप सक्सेना ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हो रही थी और दोनों एक-दूसरे का वीडियो भी बना रहे थे। इसी हंगामे के बीच किसी ने पुलिस को बुलाने की बात कही, लेकिन तब तक आरोपी ने अंदर से हथियार निकालकर फायरिंग शुरू कर दी।

सक्सेना ने बताया, 'मैं मोबाइल लेने घर पहुँचा और बाहर निकल भी नहीं पाया था कि गोलियाँ चलने लगीं। आरोपी ने यह भी नहीं देखा कि आसपास लोग खड़े हैं।' गोलीबारी के दौरान जितेंद्र नामक एक युवक पीड़ितों को बचाने दौड़ा तो उस पर भी फायर किया गया, लेकिन वह कार के पीछे कूदकर बच गया।

आरोपी की पहचान और पूर्व धमकियाँ

पड़ोसी अनूप सक्सेना के अनुसार, आरोपी ऋषभ शुक्ला का पूरा परिवार इस घटना में शामिल बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये लोग पूरी तैयारी से इस वारदात को अंजाम देने आए थे।

गौरतलब है कि आरोपी पहले ही कथित तौर पर धमकी दे चुका था कि 'दीपावली से पहले बड़ा कांड करूंगा।' सक्सेना के अनुसार, आरोपी पक्ष का इलाके के तमाम लोगों से विवाद रहता था और उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कही थीं।

पीड़ित परिवार पर असर

तीनों पीड़ितों में शिवाजी तिवारी और शिवेंद्र तिवारी सगे भाई थे, जबकि सुयश तिवारी, शिवाजी का पुत्र था। सुयश तिवारी की अगले महीने शादी होने वाली थी — यह तथ्य इस त्रासदी की पीड़ा को और गहरा करता है।

पड़ोसी ने स्पष्ट किया कि फायरिंग में किसी अन्य व्यक्ति को गोली नहीं लगी। आरोपी ने सुनियोजित तरीके से केवल इन्हीं तीनों को निशाना बनाया।

पुलिस और जाँच की स्थिति

सआदतगंज थाना पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। आरोपी ऋषभ शुक्ला की पहचान सुनिश्चित की जा चुकी है। यह मामला उत्तर प्रदेश में सामान्य पड़ोसी विवादों के हिंसक रूप लेने की बढ़ती घटनाओं के बीच आया है, जहाँ पार्किंग और ज़मीन जैसे छोटे मुद्दे जानलेवा टकराव में बदल रहे हैं।

जाँच के परिणाम और आरोपी की गिरफ्तारी पर अगले कुछ घंटों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी कोई निवारक कार्रवाई नहीं हुई। उत्तर प्रदेश में पड़ोसी विवादों से जुड़ी हिंसक घटनाओं का यह सिलसिला यह सवाल उठाता है कि स्थानीय पुलिस ऐसी पूर्व-सूचनाओं पर समय से कार्रवाई क्यों नहीं करती।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में क्या हुआ?
26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के सआदतगंज इलाके में पार्किंग और पेड़ को लेकर हुए विवाद में आरोपी ऋषभ शुक्ला ने 8 से 10 राउंड फायरिंग की, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्य — शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र तिवारी और सुयश तिवारी — मारे गए।
लखनऊ फायरिंग में कौन-कौन मारे गए?
मारे गए तीनों एक ही परिवार के हैं — शिवाजी तिवारी और उनके भाई शिवेंद्र तिवारी, तथा शिवाजी के पुत्र सुयश तिवारी। सुयश की अगले महीने शादी होने वाली थी।
इस हत्याकांड का आरोपी कौन है?
पड़ोसी अनूप सक्सेना के बयान के अनुसार, फायरिंग करने वाले आरोपी की पहचान ऋषभ शुक्ला के रूप में हुई है। पड़ोसी ने यह भी बताया कि इस घटना में ऋषभ शुक्ला का पूरा परिवार शामिल बताया जा रहा है।
क्या इस हत्याकांड की कोई पूर्व चेतावनी थी?
पड़ोसी अनूप सक्सेना के अनुसार, आरोपी पक्ष पहले ही कह चुका था कि 'दीपावली से पहले बड़ा कांड करूंगा।' उनके अनुसार, आरोपी का इलाके के कई लोगों से विवाद था और वह पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें करता था।
क्या फायरिंग में किसी अन्य को भी चोट आई?
पड़ोसी के बयान के अनुसार, फायरिंग में केवल तीनों पीड़ितों को ही गोली लगी। जितेंद्र नाम का एक युवक पीड़ितों को बचाने दौड़ा तो उस पर भी फायर किया गया, लेकिन वह कार के पीछे कूदकर बच गया।
राष्ट्र प्रेस
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