लखनऊ पुलिस ने उज्बेकिस्तानी महिला को किया गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज़ और देह व्यापार नेटवर्क का भंडाफोड़
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ की थाना सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने बुधवार, 12 अगस्त 2025 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला कायूमोवा (उम्र 45 वर्ष, ताशकंद) को गिरफ्तार किया, जो वीज़ा और पासपोर्ट की अवधि समाप्त होने के बाद भी वर्षों से भारत के विभिन्न राज्यों में अवैध रूप से रह रही थी। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
20 जून 2025 को शिकायतकर्ता महेश कुमार सिंह ने थाना सुशांत गोल्फ सिटी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक संगठित गिरोह एक्सपायर्ड पासपोर्ट और वीज़ा वाली विदेशी महिलाओं को भारत में अवैध रूप से रहने में मदद कर रहा है। इसके अलावा, उन महिलाओं की पहचान बदलने के लिए कथित तौर पर प्लास्टिक सर्जरी या ऑपरेशन तक कराए जाते थे।
इस शिकायत के आधार पर थाने पर धारा 318(4)/61 बीएनएस, विदेशी पंजीकरण अधिनियम 1939 की धारा 5, विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14(ए), धारा 7(1) तथा द इमीग्रेशन एंड फॉरेनर एक्ट 2025 की धारा 8/10/23 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
जाँच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और FRRO (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय) की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी लोला कायूमोवा को उसके हालिया पते — तुलसी विहार कॉलोनी, राजाजीपुरम तथा आर्चिट बी. ओमेक्स, अर्जुनगंज, थाना सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ — से हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद की: 4 सोने की अंगूठियाँ, 1 चाँदी की अंगूठी, 1 सोने की घड़ी, 1 सोने की चेन, 1 सोने का ब्रेसलेट, 1 लॉकेट सहित पतली सोने की चेन, 1 जोड़ी सोने की ईयरिंग, 2 मोबाइल फोन (Vivo और Samsung), 3 डेबिट कार्ड (Axis, HDFC), 1 Fantura कार्ड, 2 आधार कार्ड, 1 पैन कार्ड, 1 ड्राइविंग लाइसेंस और ₹39,740 नकद।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ के दौरान लोला कायूमोवा ने स्वीकार किया कि वह वर्षों से भारत के अलग-अलग राज्यों और जिलों में छुपकर रह रही थी। उसने बताया कि उसने नियमों के विपरीत आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे फर्जी दस्तावेज़ बनवाए। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसके गिरोह में कई अन्य सहयोगी हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने यह भी बताया कि वह और उसके गिरोह की अन्य महिलाएँ अलग-अलग राज्यों में अनैतिक देह व्यापार में भी संलिप्त थीं। आरोपी के मोबाइल फोन से कई अहम साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों के विरुद्ध भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस नेतृत्व और अभियान
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अपर्णा कुमार के निर्देशानुसार महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) मो. मुश्ताक, अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली वसंथ कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त ऋषभ यादव और प्रभारी निरीक्षक राजीव रंजन उपाध्याय की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है। मोबाइल से मिले साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जाँच जारी है। यह मामला भारत में अवैध प्रवास और संगठित अपराध नेटवर्क के बीच गहरे संबंधों की ओर ध्यान दिलाता है।