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एसआईईटी लखनऊ में 'नई पहचान, नई उड़ान' थीम के साथ नवीन लोगो अनावरण, तकनीक-नैतिकता संतुलन पर जोर

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एसआईईटी लखनऊ में 'नई पहचान, नई उड़ान' थीम के साथ नवीन लोगो अनावरण, तकनीक-नैतिकता संतुलन पर जोर

सारांश

लखनऊ के एसआईईटी ने 'नई पहचान, नई उड़ान' थीम के साथ नया लोगो लॉन्च किया — जो डिजिटल लर्निंग, एजुसैट प्रसारण और नैतिक शिक्षा के संकल्प का प्रतीक है। निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने बच्चों के स्क्रीन टाइम और नैतिक मूल्यों के संतुलन पर ज़ोर दिया।

मुख्य बातें

एसआईईटी, निशातगंज, लखनऊ में 2 सितंबर 2026 को 'नई पहचान, नई उड़ान' थीम के साथ नवीन लोगो का अनावरण हुआ।
लोगो में नीला वृत्त (विश्वास व तकनीक), श्वेत कबूतर-पुस्तक (शांति व ज्ञान), प्ले बटन (डिजिटल लर्निंग) और सैटेलाइट डिश (एजुसैट प्रसारण) शामिल हैं।
मुकेश चंद्र ने तकनीक और नैतिकता के बीच संतुलन तथा बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम में योगेश कुमार (एडीसीपी कानपुर) और सुधीर कुमार (वरिष्ठ विशेषज्ञ, समग्र शिक्षा परियोजना) सहित संस्थान का स्टाफ व मीडिया टीम उपस्थित रही।
संस्थान का लक्ष्य सुदूर क्षेत्रों तक एजुसैट प्रसारण के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है।

राज्य शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (एसआईईटी), निशातगंज, लखनऊ में 2 सितंबर 2026 को 'नई पहचान, नई उड़ान' थीम के अंतर्गत संस्थान के नवीन लोगो का अनावरण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने की और इसमें शिक्षा, प्रशासन एवं मीडिया जगत के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नए लोगो का प्रतीकात्मक स्वरूप

नवीन लोगो में नीले रंग का वृत्त विश्वास और प्रौद्योगिकी का, श्वेत कबूतर और पुस्तक शांति एवं ज्ञान के प्रसार का, प्ले बटन डिजिटल लर्निंग और ई-कंटेंट का तथा सैटेलाइट डिश सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक शिक्षा की पहुँच और एजुसैट प्रसारण का प्रतीक है। यह लोगो परंपरागत शिक्षा को आधुनिक प्रौद्योगिकी से जोड़ने के एसआईईटी के संकल्प को रेखांकित करता है।

कार्यक्रम के आमंत्रण पर अंकित राजकीय चिन्ह में दो मछलियाँ अवध की समृद्धि और गंगा-यमुना संस्कृति की, जबकि धनुष-बाण मर्यादा, शौर्य और न्याय की प्रतीक हैं। 'शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश' का अंकन एसआईईटी की संस्थागत भूमिका को स्पष्ट करता है।

निदेशक का संदेश: तकनीक और नैतिकता में संतुलन

डॉ. मुकेश चंद्र ने इस अवसर पर कहा कि राज्य शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान का मूल उद्देश्य बच्चों और शिक्षकों की सेवा करना है। उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक और नैतिकता के बीच संतुलन स्थापित करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए किताबों का समय बढ़ाने और स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे स्क्रीन का सकारात्मक और आवश्यकता-अनुसार उपयोग करें। डॉ. चंद्र ने कहा, 'बच्चों को तकनीक के सही उपयोग के साथ नैतिक मूल्यों से जोड़े रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।'

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

कार्यक्रम में योगेश कुमार, एडीसीपी कानपुर, सुधीर कुमार, वरिष्ठ विशेषज्ञ, समग्र शिक्षा परियोजना, लखनऊ, संस्थान का समस्त स्टाफ और मीडिया टीम उपस्थित रही। कार्यक्रम का समापन प्रशासनिक अधिकारी अजीत सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

आगे की राह

नए लोगो के अनावरण के साथ एसआईईटी ने अपनी डिजिटल और शैक्षिक पहुँच को और व्यापक बनाने का संकल्प दोहराया है। संस्थान का लक्ष्य एजुसैट प्रसारण के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना और डिजिटल लर्निंग को नैतिक मूल्यों के साथ समन्वित करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि एजुसैट जैसी तकनीक कक्षाओं में व्यावहारिक रूप से कितनी प्रभावी है। लोगो बदलने से संस्थागत पहचान बनती है, परंतु शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच के आँकड़े ही इस 'नई उड़ान' की सच्ची परीक्षा लेंगे।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईईटी लखनऊ का नया लोगो क्या दर्शाता है?
नवीन लोगो में नीला वृत्त विश्वास और तकनीक का, श्वेत कबूतर व पुस्तक शांति एवं ज्ञान के प्रसार का, प्ले बटन डिजिटल लर्निंग का और सैटेलाइट डिश एजुसैट प्रसारण व सुदूर क्षेत्रों तक शिक्षा पहुँच का प्रतीक है। यह लोगो परंपरागत शिक्षा को आधुनिक प्रौद्योगिकी से जोड़ने के संस्थान के संकल्प को दर्शाता है।
'नई पहचान, नई उड़ान' थीम का क्या अर्थ है?
यह थीम एसआईईटी की नई संस्थागत पहचान और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा में आगे बढ़ने के संकल्प को व्यक्त करती है। इसके अंतर्गत संस्थान ने तकनीक और नैतिक मूल्यों के समन्वय पर विशेष जोर दिया है।
एसआईईटी लखनऊ का कार्यक्रम कब और कहाँ हुआ?
यह कार्यक्रम 2 सितंबर 2026 को निशातगंज, लखनऊ स्थित राज्य शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (एसआईईटी) में आयोजित किया गया। अध्यक्षता निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने की।
डॉ. मुकेश चंद्र ने बच्चों के स्क्रीन टाइम पर क्या कहा?
डॉ. मुकेश चंद्र ने कहा कि बच्चों के लिए किताबों का समय बढ़ाना और स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को तकनीक के सकारात्मक उपयोग के साथ नैतिक मूल्यों से जोड़े रखना संस्थान की जिम्मेदारी है।
एसआईईटी का एजुसैट प्रसारण किन क्षेत्रों के लिए है?
एसआईईटी का एजुसैट प्रसारण उत्तर प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने के लिए है। नए लोगो में सैटेलाइट डिश इसी मिशन का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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