मध्य प्रदेश के 68 सरकारी कॉलेजों में AI और फिनटेक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू, IIT दिल्ली का सहयोग
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने 27 जुलाई 2026 को घोषणा की कि प्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं फिनटेक विथ AI के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। ये पाठ्यक्रम IIT दिल्ली के सहयोग से संचालित होंगे और विद्यार्थियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेंगे।
कौन-से कॉलेज शामिल हैं
इन 68 महाविद्यालयों में 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और 13 स्वशासी महाविद्यालय शामिल हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, इन संस्थानों का चयन उनकी तकनीकी अधोसंरचना और विद्यार्थी आधार को ध्यान में रखकर किया गया है।
लक्ष्य और विस्तार
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 2,000 विद्यार्थियों को इन कोर्सों के माध्यम से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गौरतलब है कि प्रथम चरण में यह लक्ष्य केवल 1,000 विद्यार्थियों का था, जिसे इस वर्ष दोगुना कर दिया गया है। यह विस्तार सरकार की रोजगारोन्मुखी शिक्षा के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कोर्स में क्या सिखाया जाएगा
इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, साइबर सुरक्षा तथा AI-आधारित वित्तीय समाधान का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल अर्थव्यवस्था में AI और फिनटेक कौशल की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
आम विद्यार्थियों पर असर
उच्च शिक्षा मंत्री परमार के अनुसार, इन कोर्सों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। कोर्स पूरा करने के बाद विद्यार्थी बैंकिंग, फिनटेक कंपनियों, IT क्षेत्र, स्टार्ट-अप और डिजिटल वित्तीय सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे। पाठ्यक्रम के निःशुल्क होने से आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी समान अवसर मिलेगा।
आगे की राह
यह पहल मध्य प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में तकनीकी शिक्षा को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। IIT दिल्ली जैसी प्रतिष्ठित संस्था की भागीदारी से पाठ्यक्रम की गुणवत्ता और उद्योग-प्रासंगिकता सुनिश्चित होने की उम्मीद है।