मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य, रामनिवास रावत बने विधायक
सारांश
Key Takeaways
- ग्वालियर उच्च न्यायालय ने मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य किया।
- रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया गया।
- कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने की योजना बना रही है।
ग्वालियर/भोपाल 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने श्योपुर जिले के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया है और पराजित उम्मीदवार रामनिवास रावत को विधायक के रूप में मान्यता दी है।
मल्होत्रा को इस निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का अवसर प्राप्त है।
दरअसल, राज्य में वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस के उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा ने भाजपा के रामनिवास रावत को हराया था। रावत ने मल्होत्रा पर आरोप लगाया कि उन्होंने निर्वाचन आयोग में प्रस्तुत हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज मामलों को छुपाया है। इसी शिकायत के आधार पर उन्होंने ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की थी।
सुनवाई के बाद, ग्वालियर खंडपीठ ने आरोप को सही मानते हुए मल्होत्रा के निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया। उनके अधिवक्ता ने बताया कि रावत की याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि दो प्रकार के मामलों की जानकारी छुपाई गई है, जिनका निपटारा हो चुका है और जिनमें सजा हुई थी, जबकि दो मामलों में ट्रायल कोर्ट से बरी हो गए थे। उनका कहना था कि मल्होत्रा के खिलाफ और भी मामले हैं जिनकी जानकारी छिपाई गई है।
न्यायालय ने जानकारी छुपाने को गलत प्रेक्टिस मानते हुए अपना फैसला सुनाया है। चुनाव को शून्य घोषित कर दिया गया है और रामनिवास को विधायक के रूप में मान्यता दी गई है। इस निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील का प्रावधान है और मल्होत्रा की ओर से अपील की जाएगी। साथ ही, उच्च न्यायालय में इस फैसले पर स्टे के लिए आवेदन भी किया गया है।
ग्वालियर खंडपीठ के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विजयपुर से कांग्रेस पार्टी के विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन उच्च न्यायालय ने शून्य घोषित किया है। शून्य घोषित करने का कारण हलफनामे में अपूर्ण जानकारी देना बताया गया है। हम अदालत का सम्मान करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी वकीलों से सलाह-मशविरा करके कानूनी पहलुओं को समझने के बाद इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेगी। विजयपुर की जनता ने कांग्रेस पार्टी को जनादेश दिया था और जनता आज भी हमारे साथ है। हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा।