शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर दो विपणन अधिकारी सस्पेंड, सीहोर-रायसेन में मांगी थी रिश्वत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 सितंबर 2026 को रिश्वतखोरी के मामले में कृषि विभाग के दो विपणन अधिकारियों — नीरज वर्मा और संदीप दीदावत — को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार दोनों अधिकारियों पर मध्य प्रदेश के सीहोर और रायसेन जिलों में वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी राशि जारी करने के बदले रिश्वत माँगने का आरोप है।
क्या था मामला
अधिकारियों के अनुसार विपणन अधिकारी नीरज वर्मा ने सीहोर जिले के वेयरहाउस संचालकों से ₹50,000-₹50,000 की रिश्वत की माँग की थी। आरोप है कि यह राशि सब्सिडी जारी करने के एवज में माँगी गई थी। इससे पहले सीहोर में ही निरीक्षण के दौरान शिवाय वेयरहाउस से ₹1 लाख और श्री कृष्णा वेयरहाउस से ₹60,000 की रिश्वत माँगने के आरोप में विपणन अधिकारी अनुराग को पहले ही निलंबित किया जा चुका था।
रायसेन में भी रिश्वत का आरोप
विपणन अधिकारी संदीप दीदावत पर आरोप है कि उन्होंने रायसेन में निरीक्षण के दौरान प्रकाश वेयरहाउस के संचालक से सब्सिडी राशि जारी करने के बदले ₹60,000 की रिश्वत माँगी। यह माँग कथित तौर पर तब की गई जब अधिकारी वेयरहाउस का आधिकारिक निरीक्षण कर रहे थे।
शिकायत और कार्रवाई
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री चौहान विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं और सीहोर तथा रायसेन दोनों जिले उनके संसदीय क्षेत्र में आते हैं। वह हाल ही में संसदीय क्षेत्र के दौरे पर थे, जहाँ स्थानीय नागरिकों और वेयरहाउस संचालकों ने उन्हें इन अधिकारियों के विरुद्ध शिकायतें दीं। शिकायत मिलते ही चौहान के निर्देश पर दोनों अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।
आगे क्या होगा
यह तीसरी ऐसी निलंबन कार्रवाई है जो मध्य प्रदेश में कृषि विभाग के भीतर रिश्वतखोरी के खिलाफ हाल के हफ्तों में हुई है। विभागीय जाँच के नतीजे और सम्भावित एफआईआर को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आलोचकों का कहना है कि निलंबन के साथ-साथ विभागीय सतर्कता तंत्र को और मज़बूत करने की ज़रूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न दोहराई जाएँ।