शिवराज सिंह चौहान का अफसरों को कड़ा संदेश: 'जनता का काम रोकना बंद करें, सरकार की मंशा पर पलीता न लगाएँ'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 जून 2025 को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में आयोजित जनकल्याण शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने खुलकर कहा कि कुछ अफसरों को जनता के काम रोकने में आनंद आता है, और यह प्रवृत्ति सरकार की नीयत पर पानी फेरती है। मंच से ही उन्होंने सीहोर के कलेक्टर को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि वे सरकार की मंशा पर पलीता न लगाएँ।
मुख्य घटनाक्रम
जनकल्याण शिविर में बोलते हुए चौहान ने कहा, 'कुछ अफसरों को जनता के काम रोकने में मजा आता है। कलेक्टर को सरकार की मंशा पर पलीता नहीं लगाना चाहिए। सरकार जिस भावना से काम कर रही है, अधिकारियों को भी उसी भावना से उसे लागू करना चाहिए।' उन्होंने जोर दिया कि विकास कार्यों को गति देना और आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ पहुँचाना प्राथमिकता है — इसमें अड़चन डालने वाले अधिकारियों को अपनी कार्यशैली बदलनी होगी।
PM आवास योजना पर विशेष निर्देश
चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को सचेत किया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति ने आवेदन किया है तो उसकी जाँच और फिजिकल वेरिफिकेशन ईमानदारी से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आवेदनों की संख्या अधिक होने पर बहाने बनाकर उन्हें निरस्त करना अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि 21,000 लोगों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद जिनके पास आवास नहीं है, उन्हें पक्का मकान दिया जाएगा, और जिनका कच्चा मकान है, उन्हें योजना के तहत सहायता राशि मिलेगी।
शिकायतों का हवाला
मंत्री ने बताया कि उनके पास शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें आई हैं जिनमें दावा किया गया है कि सही आवेदन होने के बावजूद अधिकारियों ने लोगों को केंद्र की योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया। चौहान ने कहा कि 'सरकार की नीति साफ है — योग्य लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, और अधिकारी इसे भलीभाँति समझ लें।'
36 गाँवों के लिए 36 नई सड़कों की घोषणा
जनकल्याण शिविर में चौहान ने क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए 36 गाँवों में 36 नई सड़कें बनाने की घोषणा की। इससे ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और विकास की रफ्तार तेज होगी।
अधिकारियों से अपील
चौहान ने सभी अधिकारियों से 'पॉजिटिव माइंडसेट' रखने की अपील करते हुए कहा कि उनका काम जनता की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उन्हें उलझाना। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिसका कोई नहीं है, उसके लिए शिवराज हैं — और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर लापरवाही की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।