11 जुलाई 2026
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मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा ड्रॉप-आउट दर शून्य: CM मोहन यादव का ऐतिहासिक दावा

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मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा ड्रॉप-आउट दर शून्य: CM मोहन यादव का ऐतिहासिक दावा

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में दावा किया कि राज्य में प्राथमिक शिक्षा ड्रॉप-आउट दर शून्य हो गई है। सांदीपनि विद्यालय के 58 छात्रों ने राज्य मेरिट सूची में जगह बनाई और सरकारी स्कूलों का बोर्ड परिणाम निजी स्कूलों से बेहतर रहा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 11 जुलाई को इंदौर में घोषणा की कि मध्य प्रदेश में प्राथमिक स्कूली शिक्षा की ड्रॉप-आउट दर शून्य हो गई है।
सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थियों ने इस वर्ष राज्य स्तरीय मेरिट सूची में स्थान हासिल किया।
बोर्ड परीक्षा परिणामों में सरकारी विद्यालयों का प्रदर्शन निजी विद्यालयों से बेहतर रहा — मुख्यमंत्री के अनुसार।
राज्य में सांदीपनि विद्यालय , पीएमश्री स्कूल और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की त्रिस्तरीय शिक्षा पहल जारी है।
राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 11 जुलाई को इंदौर में आयोजित हिंद रक्षक पुण्योदय प्रकल्प के कार्यक्रम में घोषणा की कि राज्य ने प्राथमिक स्कूली शिक्षा स्तर पर ड्रॉप-आउट दर शून्य करने की उपलब्धि हासिल कर ली है। उन्होंने इसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया।

मुख्यमंत्री के प्रमुख बयान

मुख्यमंत्री यादव ने कहा, 'शिक्षा ही समाज में परिवर्तन लाने का सबसे बड़ा और सशक्त माध्यम है।' उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए संकल्पित है।

शिक्षा की त्रिवेणी: तीन प्रमुख पहल

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएमश्री स्कूल, और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में शिक्षा की एक त्रिवेणी बन रही है। उन्होंने बताया कि सांदीपनि विद्यालय मॉडल की पूरे देश में सराहना हो रही है। इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय मेरिट सूची में स्थान हासिल किया।

सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन

मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, इस वर्ष बोर्ड परीक्षा परिणामों में सरकारी विद्यालयों का प्रदर्शन निजी विद्यालयों से बेहतर रहा। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है। गौरतलब है कि यह दावा मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित है और स्वतंत्र सत्यापन अभी उपलब्ध नहीं है।

राष्ट्रहित और सामाजिक सुधार

मुख्यमंत्री यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 'राष्ट्र प्रथम' की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति से ऊपर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज सुधार के अनेक कार्य हो रहे हैं। उन्होंने हिंद रक्षक संगठन के संस्थापक स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ (लखन दादा) को युवा शक्ति का प्रेरणा स्रोत बताया और कहा कि उन्होंने तत्कालीन सरकार के कुशासन के खिलाफ आवाज उठाई थी। मुख्यमंत्री ने स्वयं को उनका सहयोगी बताते हुए उनके योगदान को नमन किया।

आगे की राह

राज्य सरकार का लक्ष्य इस शैक्षणिक प्रगति को बनाए रखते हुए माध्यमिक और उच्च शिक्षा स्तर पर भी ड्रॉप-आउट दर को कम करना है। सांदीपनि विद्यालय मॉडल को अन्य राज्यों में भी अपनाने की चर्चा है, जो मध्य प्रदेश की शिक्षा नीति को राष्ट्रीय पहचान दिला रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह स्वतंत्र सत्यापन की माँग करता है — क्योंकि ऐसे आँकड़े अक्सर नामांकन और उपस्थिति की परिभाषाओं पर निर्भर करते हैं, न कि वास्तविक ठहराव पर। सरकारी स्कूलों का निजी स्कूलों से बेहतर बोर्ड परिणाम, यदि सत्यापित हो, तो यह वास्तव में नीतिगत सफलता की मिसाल होगी। हालाँकि, राष्ट्रीय स्तर पर ASER जैसी रिपोर्टें बताती हैं कि नामांकन और सीखने के स्तर के बीच अभी भी बड़ा अंतर है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह उपलब्धि टिकाऊ है और क्या माध्यमिक स्तर पर भी यही तस्वीर दिखती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा ड्रॉप-आउट दर शून्य कैसे हुई?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप सांदीपनि विद्यालय, पीएमश्री स्कूल और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जैसी पहलों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा देकर यह उपलब्धि हासिल की गई है। यह दावा सरकार की ओर से किया गया है।
सांदीपनि विद्यालय क्या है और यह क्यों चर्चा में है?
सांदीपनि विद्यालय मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख शिक्षा पहल है, जो आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करती है। इस वर्ष इन विद्यालयों के 58 छात्रों ने राज्य स्तरीय मेरिट सूची में स्थान बनाया, जिससे यह मॉडल पूरे देश में सराहना पा रहा है।
क्या मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूल वाकई निजी स्कूलों से बेहतर हैं?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दावा किया है कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षा परिणामों में सरकारी विद्यालयों का प्रदर्शन निजी विद्यालयों से बेहतर रहा। यह दावा सरकारी बयान पर आधारित है और स्वतंत्र सत्यापन अभी उपलब्ध नहीं है।
हिंद रक्षक पुण्योदय प्रकल्प कार्यक्रम क्या है?
हिंद रक्षक पुण्योदय प्रकल्प हिंद रक्षक संगठन से जुड़ा एक सामाजिक कार्यक्रम है। इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने संगठन के संस्थापक स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ को श्रद्धांजलि दी और शिक्षा सुधारों की जानकारी साझा की।
मध्य प्रदेश में शिक्षा सुधार के लिए आगे क्या योजना है?
राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप माध्यमिक और उच्च शिक्षा स्तर पर भी ड्रॉप-आउट दर कम करने का लक्ष्य रखती है। सांदीपनि विद्यालय मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की भी चर्चा है।
राष्ट्र प्रेस
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