मध्य प्रदेश में व्यापारी कल्याण बोर्ड गठित, CM मोहन यादव होंगे अध्यक्ष

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मध्य प्रदेश में व्यापारी कल्याण बोर्ड गठित, CM मोहन यादव होंगे अध्यक्ष

सारांश

मध्य प्रदेश ने राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया — CM मोहन यादव की अध्यक्षता में यह बोर्ड केंद्र के राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का राज्य-स्तरीय विस्तार है। निर्यात संवर्धन, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और लघु उद्यमों को संस्थागत समर्थन इसकी प्राथमिकता होगी।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन 21 मई 2026 को किया गया।
बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री मोहन यादव हैं; MPIDC के प्रबंध संचालक सदस्य-सचिव नामित।
बोर्ड में मुख्यमंत्री द्वारा नामित अधिकतम 10 सदस्य और 20 से अधिक विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
CII, FICCI, FIEO, DICCI और लघु उद्योग भारती के राज्य प्रमुख पदेन सदस्य मनोनीत।
बोर्ड की बैठक वर्ष में 4 बार (प्रत्येक 3 माह में एक बार) होगी।
जिला स्तरीय समितियों (DLC) का गठन सदस्य-सचिव के प्रस्ताव पर अनुमोदन के बाद किया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार ने 21 मई 2026 को राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का औपचारिक गठन किया, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे। यह बोर्ड भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों को राज्य स्तर पर लागू करने के लिए बनाया गया है। इसके माध्यम से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर वातावरण तैयार करेगा और प्रदेश के निर्यात को बल देगा।

बोर्ड की संरचना और सदस्यता

बोर्ड में मंत्री — औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री सदस्य होंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा नामित अधिकतम 10 सदस्य भी इसमें शामिल किए जाएंगे।

आधिकारिक सदस्यों में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं — जिनमें वाणिज्यिक कर, वित्त, कृषि विकास, लोक स्वास्थ्य, लोक निर्माण, खनिज साधन, ऊर्जा, नवकरणीय ऊर्जा, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विमानन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, तकनीकी शिक्षा, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन विभाग के अधिकारी शामिल हैं।

केंद्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी बोर्ड का हिस्सा होंगे — इनमें भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के क्षेत्रीय प्रमुख, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी, भारतीय कन्टेनर निगम के वरिष्ठ प्रबंधक, नाबार्ड के सीजीएम, ईसीजीसी और एक्जीम बैंक के शाखा प्रबंधक, एपिडा के क्षेत्रीय प्रमुख, एफएसएसएआई के आयुक्त तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सीईओ सम्मिलित हैं।

संस्थागत और उद्योग प्रतिनिधित्व

अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के सीईओ और आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक को संस्था के पदेन सदस्य के रूप में नामित किया गया है।

उद्योग जगत की प्रमुख संस्थाएँ — CII, FICCI, FIEO, DICCI, लघु उद्योग भारती तथा अन्य राज्य स्तरीय व्यापार समितियों के राज्य प्रमुखों को शीर्ष चेम्बर्स से पदेन सदस्य मनोनीत किया गया है।

मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC), भोपाल के प्रबंध संचालक को बोर्ड का सदस्य-सचिव नामित किया गया है।

बोर्ड की कार्यप्रणाली

बोर्ड की बैठक कैलेंडर वर्ष में 4 बार — अर्थात प्रत्येक 3 माह में एक बार — आयोजित की जाएगी। बोर्ड में आवश्यकतानुसार संशोधन अध्यक्ष की अनुमति से किए जा सकेंगे।

जिला स्तरीय समिति (DLC) के गठन और कार्य क्षेत्र का निर्धारण सदस्य-सचिव द्वारा प्रस्तावित कर समन्वय में अनुमोदन के पश्चात किया जाएगा।

आम जनता और व्यापारी समुदाय पर असर

यह बोर्ड व्यापारियों के लिए नीति-निर्माण में सीधी भागीदारी का मंच बनेगा। निर्यात संवर्धन, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सुविधा और लघु उद्यमों को संस्थागत समर्थन — ये तीनों पहलू इस ढाँचे के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश हाल के वर्षों में निवेश आकर्षण की दिशा में सक्रिय रहा है, और यह बोर्ड उसी नीतिगत निरंतरता का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले महीनों में जिला स्तरीय समितियों के गठन के बाद इसका असर ज़मीनी स्तर पर दिखना शुरू होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी वास्तविक परीक्षा क्रियान्वयन में होगी। बोर्ड की संरचना व्यापक ज़रूर है — दो दर्जन से अधिक विभाग और उद्योग संगठन — लेकिन बड़ी समितियाँ अक्सर निर्णय-गति खो देती हैं। जिला स्तरीय समितियों का गठन अभी प्रस्तावित चरण में है, जो यह संकेत देता है कि ज़मीनी असर दिखने में समय लगेगा। निर्यात संवर्धन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लक्ष्य तभी साकार होंगे जब त्रैमासिक बैठकें महज औपचारिकता न बनकर ठोस नीतिगत परिणाम दें।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 21 मई 2026 को गठित एक नीति-समन्वय निकाय है, जो भारत सरकार के राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों को राज्य स्तर पर लागू करेगा। इसका मुख्य लक्ष्य व्यापारी समुदाय के कल्याण, निर्यात संवर्धन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है।
इस बोर्ड के अध्यक्ष कौन हैं?
बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री मोहन यादव हैं। मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC), भोपाल के प्रबंध संचालक को सदस्य-सचिव नामित किया गया है।
बोर्ड में कौन-कौन से सदस्य शामिल हैं?
बोर्ड में औद्योगिक नीति, MSME, वित्त, कृषि, ऊर्जा, पर्यटन सहित 20 से अधिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा RBI, NHAI, नाबार्ड, एपिडा, एफएसएसएआई जैसी केंद्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि और CII, FICCI, FIEO, DICCI व लघु उद्योग भारती के राज्य प्रमुख भी पदेन सदस्य हैं। मुख्यमंत्री अधिकतम 10 सदस्य अतिरिक्त नामित कर सकते हैं।
बोर्ड की बैठकें कितनी बार होंगी?
बोर्ड की बैठक कैलेंडर वर्ष में 4 बार, यानी प्रत्येक 3 माह में एक बार, आयोजित की जाएगी। आवश्यकतानुसार अध्यक्ष की अनुमति से बोर्ड की संरचना में संशोधन भी किया जा सकेगा।
जिला स्तरीय समितियों का गठन कब होगा?
जिला स्तरीय समितियों (DLC) के गठन और कार्य क्षेत्र का निर्धारण सदस्य-सचिव द्वारा प्रस्तावित कर समन्वय में अनुमोदन के बाद किया जाएगा। इसकी समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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