शाहनवाज हुसैन ने कहा: महागठबंधन की एकता केवल दिखावा है
सारांश
Key Takeaways
- महागठबंधन में कोई असली एकता नहीं है।
- कांग्रेस और राजद के बीच तनाव बढ़ रहा है।
- जयंत चौधरी को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
- प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन आम लोगों के लिए नहीं।
- सरकार आम जनता की चिंताओं का ध्यान रख रही है।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की पाँच राज्यसभा सीटों पर महागठबंधन की हार के बाद कांग्रेस और राजद में तनाव उत्पन्न हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस गठबंधन में कोई वास्तविक एकता नहीं है और यह भविष्य में भी संभव नहीं है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में शाहनवाज हुसैन ने कहा कि राजद और कांग्रेस के बीच तनाव और बढ़ेगा। चुनावों में ये दोनों दल एक-दूसरे का सहयोग नहीं करते हैं, यह केवल नाम के लिए महागठबंधन है। ये लोग मुस्लिम वोटों की लालच में साथ आते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इनमें कोई वास्तविक एकता नहीं है और न ही कभी होगी।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर शाहनवाज ने कहा कि थरूर ने सही बात कही है। कांग्रेस को यह बुरा लग रहा है, लेकिन सरकार निष्क्रिय नहीं है। थरूर ने केवल आंशिक सत्यता प्रस्तुत की है। हमारी कूटनीति ऐसी है कि हम सभी देशों के साथ संपर्क बनाए रखते हैं। प्रधानमंत्री खाड़ी देशों के संपर्क में हैं, और हमारे विदेश मंत्री तथा ईरान के विदेश मंत्री के बीच भी वार्ता हुई है। हम एक शांतिप्रिय देश हैं और अमन-चैन के पक्षधर हैं।
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को मिली धमकी पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जयंत चौधरी एनडीए के एक महत्वपूर्ण नेता हैं। उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जाएगी और मामले की गहन जांच की जाएगी। कोई भी व्यक्ति इस तरह की गलत गतिविधि नहीं कर सकता, और जो भी ऐसा करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि पर उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता की चिंता करती है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में 14 देश शामिल हैं, जो सभी पेट्रोल और गैस के बड़े उत्पादक हैं। इस कारण, वैश्विक स्तर पर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। हालांकि, भारत में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें केवल 2.70 रुपये बढ़ाई गई हैं। औद्योगिक ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है, लेकिन आम जनता द्वारा उपयोग किए जाने वाले पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि नहीं की गई है। यह दर्शाता है कि हमारे प्रधानमंत्री और सरकार आम लोगों की चिंता करती है और इस संकट के समय में उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया जा रहा है।