महाकाल मंदिर उज्जैन में कांवड़ियों का हंगामा: बैरिकेड तोड़े, 4 सुरक्षाकर्मी घायल
सारांश
मुख्य बातें
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में 26 अगस्त 2026 को उस समय हंगामा मच गया जब ओंकारेश्वर के खेड़ीघाट से कांवड़ लेकर आए लगभग 100 कांवड़ियों के एक समूह ने कथित तौर पर सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर नंदी हॉल में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। इस झड़प में 4 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जिनमें से दो को पैर और सिर में गंभीर चोटें आईं।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा हंगामा
मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, कांवड़िये भक्तों के लिए निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ने लगे। सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने के बावजूद उन्होंने बैरिकेड की पहली पंक्ति पार कर ली और नंदी हॉल की ओर बढ़ते रहे। जब गार्डों ने रोकने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर कुछ तीर्थयात्रियों ने बैरिकेड के ऊपर से कूदना शुरू कर दिया, जिससे कई बैरिकेड गिर गए और सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई हो गई।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को काबू करने के लिए संघर्ष करते और कांवड़ियों को बैरिकेड पार करने से रोकने की कोशिश करते देखा गया।
मंदिर प्रबंधन समिति के आरोप
मंदिर प्रबंधन समिति ने आरोप लगाया कि कुछ उपद्रवी तत्वों ने बैरिकेड और सुरक्षा के अन्य इंतजामों को नुकसान पहुँचाया। समिति का यह भी कहना है कि इन लोगों ने दान पेटियाँ हटाने और गर्भगृह में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने की कोशिश की। समिति ने स्पष्ट किया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई
मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और झड़प में शामिल कुछ लोगों को महाकाल पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जाँच कर शेष आरोपियों की पहचान में जुटी है। अधिकारियों ने कहा कि जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
महाकालेश्वर मंदिर का महत्व और सुरक्षा चुनौती
महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और वर्षभर लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान तीर्थस्थलों पर भीड़ प्रबंधन पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। गौरतलब है कि इतने बड़े धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की इस तरह की चुनौती मंदिर प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है।
आगे क्या होगा
मंदिर प्रबंधन समिति और पुलिस दोनों ने पुष्टि की है कि वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान जारी है। घटना में शामिल लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई अपेक्षित है। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की संभावना है।