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क्या उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड को लेकर विवाद हुआ?

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क्या उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड को लेकर विवाद हुआ?

सारांश

महाकालेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड को लेकर विवाद ने मंदिर परिसर में तनाव बढ़ा दिया है। गोरखपुर और उज्जैन के महंतों के बीच की बहस ने धक्का-मुक्की का रूप ले लिया। क्या यह विवाद भविष्य में किसी बड़े मुद्दे का रूप ले सकता है?

मुख्य बातें

महाकालेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड का पालन आवश्यक है।
संतों और भक्तों के बीच विवाद ने तनाव बढ़ाया।
मंदिर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।
सीसीटीवी फुटेज से जांच हो रही है।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उज्जैन, २२ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में बुधवार को पूजा के दौरान गोरखपुर के महंत शंकरनाथ महाराज और उज्जैन ऋणमुक्तेश्वर के महंत महावीर नाथ महाराज के बीच मंदिर के पुजारी महेश शर्मा के साथ विवाद उत्पन्न हुआ। यह विवाद संतों के पहनावे तथा गर्भगृह में प्रवेश के लिए पगड़ी उतारने के नियम को लेकर शुरू हुआ, जो जल्दी ही नोकझोंक और धक्का-मुक्की में बदल गया।

यह घटना मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के महंत शंकरनाथ और उज्जैन के महंत महावीर नाथ बुधवार सुबह महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। इस दौरान, पुजारी महेश शर्मा ने गर्भगृह में प्रवेश के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करने तथा पगड़ी उतारने के लिए कहा। इस पर दोनों महंतों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।

पुजारी महेश शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए एक निर्धारित ड्रेस कोड है, जिसका पालन सभी श्रद्धालुओं, चाहे वे संत हों या सामान्य भक्त, को करना अनिवार्य है।

उन्होंने आरोप लगाया कि महंत महावीर नाथ ने ड्रेस कोड का पालन करने से इनकार करते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया और अभद्र व्यवहार किया।

वहीँ, महंत महावीर नाथ ने दावा किया कि साधु-संत किसी भी वेश-भूषा में मंदिर में दर्शन के लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पगड़ी महाकाल बाबा की देन है और मंदिर में प्रवेश पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए। महंत ने पुजारी महेश शर्मा पर भी अभद्र भाषा और व्यवहार का आरोप लगाया।

इस घटना ने मंदिर परिसर में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि घटना की जांच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति, चाहे वह कोई भी हो, के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे सुलझाने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाकालेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड क्या है?
महाकालेश्वर मंदिर में गर्भगृह में प्रवेश के लिए एक निर्धारित ड्रेस कोड है जिसे सभी श्रद्धालुओं को पालन करना होता है।
इस विवाद में कौन-कौन शामिल थे?
इस विवाद में गोरखपुर के महंत शंकरनाथ महाराज, उज्जैन के महंत महावीर नाथ महाराज और पुजारी महेश शर्मा शामिल थे।
मंदिर प्रशासन की प्रतिक्रिया क्या थी?
मंदिर प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रहा है।
क्या साधु किसी भी पहनावे में मंदिर में जा सकते हैं?
महंत महावीर नाथ का कहना है कि साधु किसी भी वेश-भूषा में मंदिर में जा सकते हैं।
क्या विवाद का समाधान हो गया है?
जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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