महाराष्ट्र TET पेपर लीक: STF ने हाजीपुर साइबर कैफे पर छापा मारा, कैफे संचालक सोनू कुमार समेत तीन हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले की जाँच अब बिहार तक पहुँच गई है। महाराष्ट्र स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने वैशाली पुलिस के सहयोग से 2 जुलाई 2026 की देर रात हाजीपुर के कछड़ी रोड स्थित एक साइबर कैफे पर छापा मारा और कैफे संचालक सोनू कुमार समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। यह कार्रवाई उस बहु-राज्यीय नेटवर्क को तोड़ने के प्रयास का हिस्सा है, जिस पर 28 जून को निर्धारित TET परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप है।
छापेमारी का घटनाक्रम
महाराष्ट्र STF और ठाणे पुलिस की संयुक्त टीम ने वैशाली पुलिस के साथ मिलकर बुधवार की रात हाजीपुर के कछड़ी रोड पर स्थित साइबर कैफे को घेरा। तलाशी अभियान गुरुवार तड़के लगभग 1:00 बजे तक चला, जिसके दौरान जाँचकर्ताओं ने परिसर में मौजूद दस्तावेज़ों और डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जाँच की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कई डिजिटल वस्तुएँ और संदिग्ध दस्तावेज़ बरामद किए गए, जिन्हें फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा जाएगा।
हिरासत में लिए गए लोग
छापेमारी के बाद कैफे संचालक सोनू कुमार सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। महाराष्ट्र पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, 'यह मामला महाराष्ट्र TET परीक्षा के पेपर लीक से जुड़ा है। हम इस मामले की जाँच करने यहाँ आए थे। हमें कुछ संदिग्ध दस्तावेज़ मिले हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।' अधिकारियों के अनुसार, अभी तक कोई औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज नहीं की गई है और तीनों से पूछताछ चल रही है।
सोनू कुमार के बड़े भाई जितेंद्र कुमार ने बताया कि सोनू बुधवार शाम हाजीपुर के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं लौटा। उनकी पत्नी ने परिवार को सूचित किया कि वह फोन नहीं उठा रहा था, जिसके बाद परिवार ने पूरी रात उसकी तलाश की और गुरुवार को पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिली।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पुलिस जाँच में बिहार के समस्तीपुर जिले के निवासी बिजेंद्र गुप्ता को इस पेपर लीक नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। जाँचकर्ता गुप्ता का पता लगाने के लिए कई राज्यों में छापेमारी कर रहे हैं। इससे पहले, महाराष्ट्र STF ने कथित पेपर लीक मामले की वित्तीय जाँच के तहत पटना में गुप्ता की पत्नी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
परीक्षा रद्द होने का पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र TET परीक्षा के लिए 4.28 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। 28 जून को निर्धारित परीक्षा से लगभग 24 घंटे पहले प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा रद्द कर दी। गौरतलब है कि इस मामले में महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा में पहले ही गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं, जो इस नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाता है।
आगे क्या होगा
बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेज़ों की फोरेंसिक जाँच के नतीजे जाँच की दिशा तय करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई एकत्र किए गए साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। महाराष्ट्र STF की टीम फिलहाल बिहार में ही डेरा डाले हुए है और जाँच का दायरा और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।