महाराष्ट्र विधानमंडल ने मोटर वाहन कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को सर्वसम्मति से पारित किया
सारांश
Key Takeaways
- विधेयक का पारित होना पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
- पुराने वाहनों पर पर्यावरण कर की वृद्धि की गई है।
- राज्य को अतिरिक्त 160 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
- औद्योगिक क्षेत्र को राहत मिलेगी।
- यह विधेयक रोजगार सृजन में मदद करेगा।
मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्य विधानमंडल ने बुधवार को महाराष्ट्र मोटर वाहन कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को सर्वसम्मति से पारित किया। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने यह जानकारी दी। यह विधेयक राज्य में पर्यावरण संरक्षण, राजकोषीय अनुशासन और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस विधेयक के अंतर्गत बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के प्रयास में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर पर्यावरण कर में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है।
इसके अनुसार, पर्यावरण कर को दोपहिया वाहनों के लिए 2,000 रुपए से बढ़ाकर 4,000 रुपए, पेट्रोल वाहनों के लिए 3,000 रुपए से बढ़ाकर 6,000 रुपए और डीजल वाहनों के लिए 3,500 रुपए से बढ़ाकर 7,000 रुपए किया गया है। यह कर पांच वर्षों की अवधि के लिए एकमुश्त वसूला जाएगा।
इस संशोधित कर संरचना से राज्य को 160 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त वार्षिक राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। इस राशि का उपयोग सड़क सुरक्षा पहलों, आधुनिक परिवहन सुविधाओं, एटीएस (स्वचालित यातायात निगरानी) प्रणाली और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, औद्योगिक क्षेत्र को राहत प्रदान करते हुए क्रेन वाहनों पर लागू मोटर वाहन कर की अधिकतम सीमा 30 लाख रुपए निर्धारित की गई है। इस कदम से निर्माण और बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
इस विधेयक से नागरिकों को बीएस-6 मानकों के अनुरूप और इलेक्ट्रिक वाहनों के अपनाने के लिए प्रेरित होने की संभावना है, जिससे राज्य की पर्यावरण नीति को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही, यह भी अनुमान है कि यह कानून ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में वार्षिक रोजगार सृजन में वृद्धि करेगा। खास बात यह है कि यह विधेयक राज्य की संचित निधि पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डालेगा। इसके विपरीत, यह राजस्व वृद्धि में योगदान देगा।
मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि सदन में सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों ने इस विधेयक का स्वागत किया और इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी, जो राज्य के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।