महिला एवं बाल विकास विभाग ने अक्षय तृतीया पर 13 बाल विवाहों को रोका
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मुंबई, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में अक्षय तृतीया के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर कई बाल विवाहों को रोकने में सफलता प्राप्त की है। राज्य की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मेघना सकोरे बोर्दिकर ने बताया कि विभाग ने राज्यभर में कुल 13 बाल विवाहों को रुकवाने में सफलता हासिल की।
अक्षय तृतीया को साढ़े तीन शुभ अवसरों में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है, इसीलिए बाल विवाह एवं सामूहिक विवाहों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभाग पहले से ही सतर्क था।
इस संदर्भ में, बोर्दिकर की अध्यक्षता में एक ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सचिव, आयुक्त, सभी जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारी शामिल हुए। सभी एजेंसियों को बाल विवाह रोकने के लिए तत्पर रहने और कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद, राज्य के हर जिला, तालुका और ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला बाल संरक्षण प्रकोष्ठ, बाल हेल्पलाइन 1098, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम बाल संरक्षण समितियों और अन्य संगठनों के माध्यम से कीर्तन, भागवत, नुक्कड़ नाटक, पदयात्रा, पोस्टर और स्टिकर जैसे कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। नागरिकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए प्रयास किए गए और हर घर में जागरूकता फैलाने की प्रतिज्ञा का आयोजन किया गया।
बाल विवाहों को रोकने के लिए नागरिकों को यह भी बताया गया कि विवाह हॉल के मालिक, वजंत्री दल, पुजारी और संबंधित रिश्तेदारों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग को विभिन्न स्थानों पर बाल विवाहों को रोकने में सफलता मिली है, जिनमें रायगढ़ में 1, अहिल्यानगर में 5, बुलढाणा में 1, यवतमाल में 2, छत्रपति संभाजीनगर में 1, धराशिव में 2 और परभणी में 1 स्थान शामिल हैं।
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मेघना सकोरे बोर्दिकर ने कहा कि प्रशासन ने अक्षय तृतीया के दिन राज्यभर में हो रहे बाल विवाहों को रोकने में सफलता प्राप्त की है। इस प्रभावी कार्रवाई के जरिए समाज को बाल विवाह की बुराई के खिलाफ एक ठोस संदेश मिला है, और भविष्य में ऐसे अभियानों को और भी प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा।