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सोनम वांगचुक के समर्थन में CPI(ML) सांसद राजा राम सिंह, 20 जुलाई के संसद मार्च का ऐलान

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सोनम वांगचुक के समर्थन में CPI(ML) सांसद राजा राम सिंह, 20 जुलाई के संसद मार्च का ऐलान

सारांश

CPI(ML) सांसद राजा राम सिंह ने सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को 'दमनकारी' बताया और 20 जुलाई के संसद मार्च में साथ देने का वादा किया। धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की माँग के साथ यह आंदोलन संसद की दहलीज तक पहुँचने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

CPI(ML) सांसद राजा राम सिंह ने 18 जुलाई को नई दिल्ली में सोनम वांगचुक व अन्य आंदोलनकारियों के समर्थन में बयान दिया।
उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को 'बेहद दमनकारी' करार दिया।
20 जुलाई को छात्रों और युवाओं का पार्लियामेंट मार्च प्रस्तावित है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की माँग की गई।
'अहिंसा विश्व भारती' के आचार्य लोकेश मुनि ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद व्यक्त की।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के सांसद राजा राम सिंह ने 18 जुलाई को नई दिल्ली में कहा कि वे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक, नेहा, मनीष, आमिन और अन्य आंदोलनकारी साथियों के जज्बे को सलाम करने आए हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को 'बेहद दमनकारी' करार देते हुए कहा कि वे इस आंदोलन की आवाज बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

20 जुलाई का संसद मार्च

राजा राम सिंह ने घोषणा की कि 20 जुलाई को छात्रों और नौजवानों का पार्लियामेंट मार्च आयोजित होगा। उन्होंने कहा, 'हम सड़क से लेकर संसद तक उनका साथ देंगे।' उनके अनुसार, यह आंदोलन आज की तारीख में देश में युवाओं का केंद्र बिंदु बन चुका है।

सरकार और धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना

सांसद ने कहा कि सरकार को युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करना होगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की माँग की। राजा राम सिंह ने चेतावनी दी कि यदि पढ़े-लिखे युवाओं को सम्मानजनक रोजगार नहीं मिला, तो देश का युवा वर्ग इस लड़ाई को अंतिम क्षण तक जारी रखने के लिए मजबूर रहेगा।

नेहा और महिला मुद्दे

सीपीआई(एमएल) सांसद ने छात्र नेताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरी प्रखरता से अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से नेहा का उल्लेख किया, जो महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाकर 'हिंदुस्तान की नायिका' बन चुकी हैं।

किसान आंदोलन से जुड़ाव

राजा राम सिंह ने बताया कि वे स्वयं किसान आंदोलन का हिस्सा रहे हैं और उससे संबंधित समन्वय समिति के सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों की देश के युवाओं के साथ पूरी सहानुभूति है और वे भी इस आंदोलन के पक्ष में खड़े हैं।

सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर आचार्य लोकेश मुनि की प्रतिक्रिया

'अहिंसा विश्व भारती' के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य लोकेश मुनि ने सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर कहा कि उनके स्वास्थ्य को लेकर सभी चिंतित थे और न्यायालय ने भी इस पर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के दिशानिर्देश के बाद सरकार ने कदम उठाया, क्योंकि 'किसी भी व्यक्ति की जान बहुत कीमती होती है।' आचार्य लोकेश मुनि ने उम्मीद जताई कि वांगचुक स्वस्थ होकर देशहित के लिए काम करेंगे।

यह आंदोलन ऐसे समय में और तेज हो रहा है जब युवा बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में असंतोष बढ़ रहा है। आगामी 20 जुलाई का संसद मार्च इस आंदोलन की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

छात्र, किसान और सांसद — एक साझा मंच पर दिख रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान पर इस्तीफे का दबाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नजरअंदाज कर रही है कि युवा बेरोजगारी का यह असंतोष किसी एक नेता या घटना तक सीमित नहीं — यह संरचनागत विफलता का संकेत है जिसे केवल इस्तीफे से नहीं सुलझाया जा सकता।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजा राम सिंह ने सोनम वांगचुक के समर्थन में क्या कहा?
CPI(ML) सांसद राजा राम सिंह ने 18 जुलाई को नई दिल्ली में कहा कि वे सोनम वांगचुक और अन्य आंदोलनकारियों के जज्बे को सलाम करने आए हैं और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को 'बेहद दमनकारी' बताया। उन्होंने कहा कि वे सड़क से संसद तक युवाओं की आवाज बनेंगे।
20 जुलाई का पार्लियामेंट मार्च क्या है?
20 जुलाई को छात्रों और नौजवानों द्वारा संसद की ओर मार्च का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें युवा बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी मांगें उठाई जाएंगी। राजा राम सिंह समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस मार्च को समर्थन देने की घोषणा की है।
धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की माँग क्यों की जा रही है?
राजा राम सिंह ने कहा कि युवाओं की मांगों के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार पढ़े-लिखे युवाओं को सम्मानजनक रोजगार देने में विफल रही है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल क्यों भर्ती कराया गया?
दिल्ली पुलिस ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया। 'अहिंसा विश्व भारती' के आचार्य लोकेश मुनि के अनुसार, उनके स्वास्थ्य को लेकर न्यायालय ने भी चिंता जाहिर की थी, जिसके बाद दिशानिर्देश के तहत सरकार ने यह कदम उठाया।
इस आंदोलन में किसान वर्ग की क्या भूमिका है?
राजा राम सिंह ने बताया कि वे स्वयं किसान आंदोलन और उसकी समन्वय समिति का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों की देश के युवाओं के साथ पूरी सहानुभूति है और वे इस आंदोलन के पक्ष में खड़े हैं।
राष्ट्र प्रेस
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