ममता बनर्जी को 'सलाहकार' बनाने की मांग: बागी खेमे में सुदीप बंद्योपाध्याय की एंट्री, अमित शाह से 70 मिनट की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ लोकसभा सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने रविवार, 14 जून को सार्वजनिक रूप से पार्टी के बागी गुट का समर्थन करते हुए मांग दोहराई कि पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को उनके समूह का 'सलाहकार' बनाया जाए। यह पहली बार है जब बंद्योपाध्याय ने शनिवार को बागी खेमे में शामिल होने की खबरें आने के बाद मीडिया के सामने खुलकर बात की।
बागी गुट और 'सलाहकार' की मांग
इससे पहले बागी सांसद भी ममता बनर्जी से यह भूमिका स्वीकार करने की अपील कर चुके हैं। बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट किया कि इस पूरे अभियान की असली सूत्रधार काकोली घोष दस्तिदार हैं, जिनके नेतृत्व में एक मसौदा तैयार किया गया है। यह मसौदा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष आधिकारिक मान्यता के लिए पेश किया जाना है।
हालांकि, बंद्योपाध्याय ने अभी तक उस मसौदे पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उन्होंने कहा, 'मुझ पर नेतृत्व की भूमिका संभालने का दबाव रहा है, लेकिन इस पूरी कवायद के पीछे हमेशा काकोली घोष ही रही हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी नेतृत्व संभालने की कोई मंशा नहीं है।
सुवेंदु अधिकारी से संपर्क और हस्ताक्षर की शर्त
बंद्योपाध्याय ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी रविवार को उनके संपर्क में रहे और देर शाम नई दिल्ली में उनसे मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे कहा है कि मैं उनकी मौजूदगी में ही लोकसभा अध्यक्ष को भेजे जाने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करूंगा।' यह बयान इस बात का संकेत है कि बंद्योपाध्याय अपने अगले कदम में सतर्कता बरत रहे हैं।
भूपेंद्र यादव और अमित शाह से मुलाकात
शनिवार को नई दिल्ली पहुँचने के बाद बंद्योपाध्याय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी भेंट की, जो करीब 70 मिनट तक चली। बंद्योपाध्याय ने बैठक के एजेंडे पर कोई जानकारी साझा नहीं की; उन्होंने केवल इतना बताया कि गृह मंत्री ने ममता बनर्जी के स्वास्थ्य और कुशलक्षेम के बारे में पूछा।
गौरतलब है कि एक TMC सांसद का BJP के शीर्ष नेतृत्व से इस तरह की लंबी मुलाकात राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। आलोचकों का कहना है कि यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए समीकरण की ओर इशारा करता है।
सुदीप बंद्योपाध्याय: ममता के करीबी से बागी तक
77 वर्षीय सुदीप बंद्योपाध्याय लंबे समय तक ममता बनर्जी के सबसे विश्वस्त सहयोगियों में गिने जाते रहे हैं और संसद में उनके प्रमुख समर्थक की भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में उनका बागी खेमे की ओर झुकाव TMC के भीतर उभरते आंतरिक तनाव की गंभीरता को रेखांकित करता है।
आगे क्या होगा
यह स्पष्ट नहीं है कि बंद्योपाध्याय अंततः मसौदे पर हस्ताक्षर करेंगे या नहीं। सुवेंदु अधिकारी के साथ प्रस्तावित बैठक और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपने की प्रक्रिया अगले कुछ घंटों में TMC के भीतर इस संकट की दिशा तय करेगी। पार्टी के भीतर यह टकराव पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए दूरगामी परिणाम ला सकता है।