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अभिषेक बनर्जी के घर बाहर झड़प: ममता ने सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी, BJP-पुलिस पर साजिश का आरोप

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अभिषेक बनर्जी के घर बाहर झड़प: ममता ने सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी, BJP-पुलिस पर साजिश का आरोप

सारांश

कोलकाता के कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर रात 2 बजे कथित हमले के बाद ममता बनर्जी ने BJP और पुलिस पर सीधा निशाना साधा है। सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी और काली पूजा में बाधा के आरोप के साथ यह विवाद अब राजनीतिक-न्यायिक दोनों मोर्चों पर गर्म होने की राह पर है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 7 नवंबर को सर्वोच्च न्यायालय जाने की चेतावनी दी।
अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर कथित तौर पर रात 2 बजे के बाद झड़प हुई।
ममता ने BJP और कालीघाट थाने के प्रभारी बोलाई बाग पर साजिश का आरोप लगाया।
पुलिस पर BNSS 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगाकर वार्षिक काली पूजा में बाधा डालने का भी आरोप।
ममता ने परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार, 7 नवंबर को घोषणा की कि वे अपने भतीजे व डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास के बाहर हुई कथित झड़पों के मामले में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर इलाके में जानबूझकर तनाव की स्थिति उत्पन्न की।

घटनाक्रम: तड़के हुई कथित झड़प

ममता बनर्जी कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुँचीं, जो उनके अपने निवास के समीप है, और वहाँ पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि रात 2 बजे के बाद BJP समर्थित असामाजिक तत्वों के एक समूह ने अभिषेक के घर पर हमला कराया। ममता के अनुसार, इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही और किसी भी उपद्रवी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस पर गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने कालीघाट थाने के प्रभारी बोलाई बाग का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके कदमों से जनता में आक्रोश भड़क सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है और पुलिस वाहन जानबूझकर उनके घर के प्रवेश द्वार पर खड़े किए गए हैं।

उन्होंने कहा, 'पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है, ताकि मेरे घर के सामने कोई भीड़ इकट्ठा न हो सके। यह सब काली पूजा के अवसर पर लोगों को मेरे घर आने से रोकने के लिए किया जा रहा है।'

काली पूजा में बाधा का आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके आवास पर आयोजित होने वाली वार्षिक काली पूजा में बाधा डाल रही है और श्रद्धालुओं को वहाँ पहुँचने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, 'काली पूजा से पहले इस इलाके में जानबूझकर अशांति का माहौल बनाया गया है। पुराने क्लबों की पूजा रोकी जा रही है, जबकि नई पूजाएं रातोंरात शुरू हो रही हैं। मेरे घर के प्रवेश मार्ग को लगभग बंद कर दिया गया है।'

BJP पर लोकतंत्र विरोधी होने का आरोप

ममता ने BJP की राज्य में चल रही 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैलियों का हवाला देते हुए तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'एक तरफ वे राज्य में लोकतंत्र बचाने की रैलियां कर रहे हैं और दूसरी तरफ वही लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचल रहे हैं।' उन्होंने राज्य प्रशासन की भी आलोचना करते हुए परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का जिक्र किया और कहा कि पश्चिम बंगाल में प्रशासन का नेतृत्व कर रहा व्यक्ति इन सभी घटनाओं के पीछे जिम्मेदार है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। ममता बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी के बाद यह मामला अब न्यायिक रूप ले सकता है। गौरतलब है कि कालीघाट का यह इलाका ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, और यहाँ किसी भी घटना की राज्य की राजनीति पर व्यापक प्रतिध्वनि होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुचिंतित राजनीतिक संदेश है — यह दर्शाता है कि TMC अब BJP के विरुद्ध सड़क की बजाय न्यायिक मंच को प्राथमिकता देने की रणनीति अपना रही है। हालाँकि, यह उल्लेखनीय है कि पुलिस, जिस पर निष्क्रियता का आरोप है, वह राज्य सरकार के अधीन है — और राज्य में TMC की ही सरकार है। यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है। काली पूजा के संवेदनशील मौके पर इस विवाद का उठना बताता है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में धार्मिक आयोजन और चुनावी गणित किस हद तक एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर क्या हुआ?
कथित तौर पर 7 नवंबर की रात 2 बजे के बाद कोलकाता के कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर झड़प हुई। ममता बनर्जी के अनुसार, BJP समर्थित असामाजिक तत्वों ने हमला कराया और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट क्यों जाना चाहती हैं?
ममता बनर्जी का आरोप है कि पुलिस ने झड़प के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की और BJP के साथ मिलकर इलाके में तनाव पैदा किया गया। इसी के विरोध में उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय जाने की चेतावनी दी है।
काली पूजा से इस विवाद का क्या संबंध है?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि पुलिस उनके आवास पर होने वाली वार्षिक काली पूजा में बाधा डाल रही है और श्रद्धालुओं को रोका जा रहा है। BNSS 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर पुलिस वाहन प्रवेश द्वार पर खड़े किए गए हैं।
ममता ने किस अधिकारी पर सीधा आरोप लगाया?
ममता बनर्जी ने कालीघाट थाने के प्रभारी बोलाई बाग का नाम लेते हुए कहा कि उनके कदमों से जनता में आक्रोश भड़क सकता है। उन्होंने परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को भी इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया।
अभिषेक बनर्जी कौन हैं?
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रमुख नेता और डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और पार्टी में दूसरे सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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