'मन के मौसम' का विमोचन: जयवीर सिंह ने रुचि चौहान के काव्य संग्रह को बताया नारी संवेदनाओं का सशक्त दस्तावेज़
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार, 22 जुलाई को लखनऊ स्थित पर्यटन भवन के सभागार में लेखिका रुचि चौहान के प्रथम काव्य संग्रह 'मन के मौसम' का विधिवत विमोचन किया। उन्होंने इस कृति को नारी मन की कोमल संवेदनाओं, जीवन-संघर्ष और मानवीय भावों की प्रभावशाली साहित्यिक अभिव्यक्ति बताया।
मंत्री जयवीर सिंह का संबोधन
विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए जयवीर सिंह ने कहा कि 'मन के मौसम' में नारी हृदय की सूक्ष्म भावनाओं, मिलन-वियोग, त्रासदी, शोषण और जीवन के अनेक अनछुए पहलुओं को सरल किंतु प्रभावशाली भाषा में पिरोया गया है। उन्होंने लेखिका के शब्द-चयन की सराहना करते हुए कहा कि कई स्थानों पर भावनाएं शब्दों के साथ सहज रूप से प्रवाहित होती प्रतीत होती हैं।
मंत्री ने विश्वास जताया कि यह पुस्तक नारी समाज और आधी आबादी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि भविष्य में रुचि चौहान का रचनात्मक संसार और व्यापक होगा तथा वे अपने लेखन के माध्यम से महिलाओं से जुड़े संघर्षों, विडंबनाओं और संवेदनशील मुद्दों को और अधिक प्रभावशाली ढंग से सामने लाएंगी।
पूर्व मंत्री स्वाति सिंह की उपस्थिति
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री स्वाति सिंह ने कहा कि ईश्वर ने नारी को सृजन की अद्भुत शक्ति प्रदान की है और उसके बिना समाज की कल्पना अधूरी है। उन्होंने माँ, बहन और पत्नी जैसे विभिन्न रूपों में नारी की समाज को दिशा और गति देने वाली भूमिका को रेखांकित किया।
कवि पंकज प्रसून का मत
कवि पंकज प्रसून ने कहा कि 'मन के मौसम' में प्रेम, विरह, संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं को अत्यंत मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त किया गया है। उन्होंने लेखिका को उनके पहले काव्य संग्रह के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन लेखिका के पति डी.एस. चौहान ने किया।
साहित्यिक महत्त्व और आगे की राह
गौरतलब है कि यह रुचि चौहान की पहली प्रकाशित काव्य कृति है। यह ऐसे समय में आई है जब हिंदी साहित्य में महिला स्वर तेज़ी से मुखर हो रहे हैं और नारी-केंद्रित लेखन को व्यापक पाठक वर्ग मिल रहा है। मंत्री जयवीर सिंह ने पुस्तक की व्यापक लोकप्रियता की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि यह संग्रह साहित्यिक जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।