11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मनिंदरजीत सिंह बिट्टा का कांग्रेस पर पलटवार: 'मोदी के इस्तीफे की मांग देशहित के खिलाफ'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा का कांग्रेस पर पलटवार: 'मोदी के इस्तीफे की मांग देशहित के खिलाफ'

सारांश

AIATF चेयरमैन मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने बागपत से कांग्रेस को कड़ा जवाब दिया — आर्टिकल 370, राम मंदिर और पहलगाम के बाद पाकिस्तान में सैन्य कार्रवाई को गिनाते हुए कहा कि PM मोदी के इस्तीफे की मांग राष्ट्रहित के विरुद्ध है और राजनीति को सुरक्षा से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

मुख्य बातें

मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने 11 अगस्त 2026 को बागपत में कांग्रेस की PM मोदी के इस्तीफे की मांग को 'राजनीतिक स्वार्थ' बताया।
बिट्टा ने आर्टिकल 370 हटाने, राम मंदिर निर्माण और पहलगाम के बाद पाकिस्तान में कथित सैन्य कार्रवाई को सरकार की उपलब्धि के रूप में गिनाया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर संभावित बम साजिश को दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों की सतर्कता से नाकाम बताया।
बिट्टा ने खालिस्तान की मांग को सिरे से खारिज करते हुए राष्ट्रीय एकता को सर्वोपरि बताया।
खुद को कांग्रेस का पुराना समर्थक बताते हुए कहा कि उनकी प्रशंसा दल-निरपेक्ष और देशहित पर आधारित है।

ऑल इंडियन एंटी-टेररिस्ट फ्रंट (AIATF) के चेयरमैन मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने 11 अगस्त 2026 को बागपत में कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को 'राजनीतिक स्वार्थ' करार देते हुए कड़ी आलोचना की। बिट्टा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देशहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।

मुख्य बयान और तर्क

बिट्टा ने कहा, 'जिस प्रधानमंत्री ने आर्टिकल 370 हटाया, उनके इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है।' उन्होंने तर्क दिया कि आर्टिकल 370 के दौर में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा की घटनाएं लगातार होती थीं, जिनमें सैनिकों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी जान गंवानी पड़ती थी। उनके अनुसार, यह निर्णय देश को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था।

राम मंदिर और आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई

बिट्टा ने राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया बिना किसी हिंसा, दंगे या गोलीबारी के संपन्न हुई। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में कथित तौर पर की गई सैन्य कार्रवाई का भी उल्लेख किया और कहा कि आतंकवादी कैंपों को नष्ट किया गया। उनके अनुसार, यह 'आज के बदले हुए भारत' की पहचान है, जो अब आतंकवाद का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।

दिल्ली बम साजिश और सुरक्षा एजेंसियों की सराहना

बिट्टा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर संभावित बम विस्फोट की साजिश का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की सतर्कता के कारण एक बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने कहा कि यदि यह घटना होती, तो राजनीतिक दल केंद्र सरकार को ही कठघरे में खड़ा करते।

राष्ट्रीय एकता और अलगाववाद पर कड़ा रुख

बिट्टा ने पंजाब में खालिस्तान की मांग का संदर्भ देते हुए स्पष्ट किया कि देश की एकता और अखंडता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से माँगें रखना और प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन राष्ट्र को बाँटने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राजनीतिक दलों से तुलनात्मक आह्वान

खुद को कांग्रेस का पुराना समर्थक बताते हुए बिट्टा ने कहा कि उनकी प्रशंसा किसी दल विशेष के लिए नहीं, बल्कि उन नीतियों के लिए है जिन्हें वह देशहित में मानते हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे दस साल पहले के भारत और आज के भारत की तुलना करें और सुरक्षा परिदृश्य में आए बदलाव को स्वीकार करें। बिट्टा ने कहा कि उन्होंने स्वयं आतंकवाद का दौर झेला है और कई जानलेवा हमलों से बचे हैं — इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा उनके लिए केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अनुभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पहलगाम के बाद पाकिस्तान में की गई कथित सैन्य कार्रवाई के विवरण और उसकी सत्यापन-योग्यता पर स्वतंत्र पुष्टि अभी भी सीमित है। जंतर-मंतर बम साजिश का संदर्भ भी बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के दिया गया, जो मुख्यधारा की कवरेज में अनदेखा रह जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा विमर्श में ऐसे बयानों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन पत्रकारिता की जिम्मेदारी यह भी है कि दावों को तथ्यों की कसौटी पर परखा जाए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनिंदरजीत सिंह बिट्टा कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ऑल इंडियन एंटी-टेररिस्ट फ्रंट (AIATF) के चेयरमैन हैं, जो आतंकवाद-विरोधी मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। उन्होंने 11 अगस्त 2026 को बागपत में कांग्रेस की PM मोदी के इस्तीफे की मांग को 'राजनीतिक स्वार्थ' बताते हुए खारिज किया और आर्टिकल 370, राम मंदिर तथा पहलगाम के बाद की सैन्य कार्रवाई को सरकार की उपलब्धि बताया।
बिट्टा ने आर्टिकल 370 का जिक्र क्यों किया?
बिट्टा ने आर्टिकल 370 हटाने को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा कम करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उनका तर्क था कि इस प्रावधान के रहते कश्मीर में सैनिकों और नागरिकों की जानें जाती रहीं, और इसे हटाना राष्ट्रहित में था।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में क्या कार्रवाई हुई?
बिट्टा के अनुसार, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी कैंपों को कथित तौर पर नष्ट किया गया। हालाँकि, इस कार्रवाई के स्वतंत्र विवरण और आधिकारिक पुष्टि सीमित रही है।
दिल्ली जंतर-मंतर बम साजिश क्या थी?
बिट्टा ने दावा किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर बम विस्फोट की साजिश थी, जिसे दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की सतर्कता से नाकाम किया गया। इस साजिश के विस्तृत आधिकारिक विवरण की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
बिट्टा ने खालिस्तान मांग पर क्या कहा?
बिट्टा ने पंजाब में खालिस्तान की मांग का संदर्भ देते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक तरीके से माँगें रखना अधिकार है, लेकिन राष्ट्र को बाँटने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले