मणिपुर कैबिनेट का बड़ा फैसला: यूनिफाइड पेंशन स्कीम और ग्रेच्युटी को मंजूरी, 1 अप्रैल 2026 से लागू
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर सरकार की कैबिनेट ने 5 नवंबर 2026 को इंफाल में आयोजित बैठक में राज्य के सरकारी कर्मचारियों के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS), राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत ग्रेच्युटी भुगतान के नियम और काकचिंग जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। ये तीनों निर्णय राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और छात्रों के जीवन पर सीधा असर डालेंगे।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम: क्या है नई व्यवस्था
कैबिनेट ने मणिपुर सिविल सर्विसेज (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने) नियम, 2026 को मंजूरी दी। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
1 जनवरी 2005 या उसके बाद सेवा में शामिल हुए राज्य सरकारी कर्मचारी अब बाज़ार-आधारित पेंशन के बजाय सुनिश्चित पेंशन का विकल्प चुन सकेंगे। 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को सुनिश्चित मासिक पेंशन के साथ-साथ एकमुश्त राशि भी प्रदान की जाएगी।
20 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को आनुपातिक पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, परिवार पेंशन और महंगाई राहत (DR) की सुविधा भी इस योजना में शामिल है।
योगदान का ढाँचा और समयसीमा
इस योजना में कर्मचारी अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत योगदान देंगे, जबकि राज्य सरकार का योगदान 18.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। गौरतलब है कि यह सरकारी योगदान केंद्र सरकार की UPS के अनुरूप ही है।
मौजूदा कर्मचारी 31 दिसंबर 2026 तक इस योजना को चुन सकते हैं। नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति के 30 दिनों के भीतर अपना विकल्प देना होगा।
ग्रेच्युटी नियमों में ऐतिहासिक बदलाव
कैबिनेट ने मणिपुर सिविल सर्विसेज (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत ग्रेच्युटी भुगतान) नियम, 2026 को भी मंजूरी दी, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक 1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी देने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं था।
केंद्र सरकार के 2021 के नियमों के आधार पर तैयार किए गए इन नए नियमों के तहत NPS से जुड़े सभी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी दोनों का कानूनी अधिकार प्राप्त होगा। UPS चुनने वाले कर्मचारी भी इस सुविधा के पात्र होंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के कई राज्य NPS कर्मचारियों के लिए पेंशन सुरक्षा को लेकर नीतिगत बदलाव कर रहे हैं। मणिपुर का यह कदम उन्हें पुराने पेंशनधारकों के समकक्ष वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक ठोस पहल है।
काकचिंग में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना
कैबिनेट ने काकचिंग जिले के वाबागई (राजस्व ग्राम संख्या-66) में लगभग 4 एकड़ (1.6187 हेक्टेयर) सरकारी भूमि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हेतु शिक्षा विभाग को आवंटित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी।
वर्ष 2016 में ज़िला बनने के बाद से काकचिंग में कोई केंद्रीय विद्यालय नहीं है और CBSE से संबद्ध स्कूलों की संख्या भी सीमित रही है। सरकार का मानना है कि नए केंद्रीय विद्यालय के खुलने से जिले के बच्चों को अपने घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण और किफायती CBSE शिक्षा उपलब्ध होगी।
आगे की राह
इन निर्णयों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। पेंशन और ग्रेच्युटी नियमों को लागू करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। काकचिंग में केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि आवंटन के बाद संस्थान की स्थापना प्रक्रिया केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के सहयोग से आगे बढ़ेगी।