मणिपुर के कामजोंग में कुकी-नागा झड़प: महिला की गोली मारकर हत्या, चार घर जलाए गए
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के कामजोंग जिले में कुकी और नागा समूहों के बीच शुक्रवार रात भड़की ताज़ा झड़पों में एक महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि चार घरों में आग लगाए जाने की सूचना है। घटना के बाद कामजोंग जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह घटना नागा बहुल कामजोंग जिले के कुकी बहुल चस्साद गाँव में हुई। मृत महिला की पहचान डोमखोनेई तौथांग के रूप में हुई है, जो पाँच बच्चों की माँ थीं। गोली उनके गले के पास लगी और कुछ ही मिनटों में उनकी मृत्यु हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवानों पर संदिग्ध कुकी सशस्त्र समूहों की ओर से गोलीबारी किए जाने के बाद टकराव शुरू हुआ। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की और यह गोलीबारी शनिवार सुबह तक जारी रही।
कुकी संगठनों का पक्ष
कुकी ह्यूमन राइट्स फोरम (KHRF) ने दावा किया कि चस्साद गाँव के स्वयंसेवकों की कथित गिरफ्तारी और हिरासत के विरोध में महिलाओं का एक समूह प्रदर्शन कर रहा था। फोरम के अनुसार, इसी प्रदर्शन के दौरान डोमखोनेई तौथांग को गोली लगी और शुक्रवार रात उनकी मृत्यु हो गई।
कुकी ह्यूमन राइट्स फोरम, कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन और कुकी सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन वर्किंग कमेटी, उखरुल सहित कई कुकी जनजातीय संगठनों ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है और घटना के लिए जिम्मेदार सुरक्षाकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की है।
निषेधाज्ञा और प्रशासनिक कदम
घटना के बाद कामजोंग जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत चस्साद पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी। इस आदेश के तहत पाँच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, आग्नेयास्त्र ले जाने और प्रतिबंधित क्षेत्र में आवाजाही पर रोक लगाई गई है।
ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों, मजिस्ट्रेटों, आवश्यक सेवाओं के कर्मचारियों तथा कामजोंग के जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस अधीक्षक से विशेष अनुमति प्राप्त लोगों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
आम जनता पर असर
झड़पों में दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल होने की खबर है, हालाँकि हताहतों की आधिकारिक संख्या अभी तक जारी नहीं की गई है। गौरतलब है कि 9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात अज्ञात उपद्रवियों द्वारा तांगखुल नागा ग्रामीणों के घरों में भी आग लगाए जाने की खबर है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि का अभी इंतज़ार है।
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर मई 2023 से जातीय तनाव और हिंसा की लगातार घटनाओं से जूझ रहा है। राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएँ एक बार फिर सामने आई हैं।
क्या होगा आगे
सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और प्रशासन हालात पर नज़र बनाए हुए है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, घायलों की स्थिति और हताहतों की पूरी जानकारी जाँच पूरी होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी। मणिपुर में स्थायी शांति बहाली के लिए केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है।