5 अक्टूबर 2026
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मणिशंकर अय्यर के भारत-पाक बयान पर मंत्री संजय निषाद का पलटवार, बोले- राष्ट्रहित सर्वोपरि

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मणिशंकर अय्यर के भारत-पाक बयान पर मंत्री संजय निषाद का पलटवार, बोले- राष्ट्रहित सर्वोपरि

सारांश

मणिशंकर अय्यर के भारत-पाक बयान पर यूपी मंत्री संजय निषाद का पलटवार — राष्ट्रहित की दुहाई के साथ ओवैसी, अखिलेश और सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी निशाना। मुस्लिम आरक्षण के इतिहास को हथियार बनाते हुए निषाद ने विपक्षी एकता में दरार उजागर की।

मुख्य बातें

यूपी मंत्री संजय निषाद ने 5 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के भारत-पाक बयान की निंदा करते हुए कहा कि बयान राष्ट्रहित में होने चाहिए।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए निषाद ने कहा कि ये नेता मुसलमानों को वोट के लिए बाँटते हैं और उन्हें लोकतंत्र से दूर करते हैं।
निषाद ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1950 में नेहरू सरकार के दौरान मुसलमानों का आरक्षण छिना था।
सपा-कांग्रेस गठबंधन को निषाद ने विचारधारा-विरोधी करार दिया, सीट बँटवारे की तानातनी को उजागर किया।
गोरखपुर में निषाद समुदाय के अपमान पर निषाद ने चेतावनी दी कि किसी भी ऐसी घटना की जिम्मेदारी पार्टी अध्यक्ष की होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 5 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के भारत-पाकिस्तान संबंधी बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी भी नेता के बयान राष्ट्रहित में होने चाहिए। इसी दौरान उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी तीखा निशाना साधा।

मणिशंकर अय्यर के बयान पर प्रतिक्रिया

मंत्री संजय निषाद ने मणिशंकर अय्यर के भारत-पाकिस्तान संबंधी बयान को लेकर कहा, 'बयान राष्ट्रहित में होना चाहिए। राष्ट्र सर्वोपरि होता है और राष्ट्र के प्रति सबको समर्पित भी होना चाहिए। राष्ट्र के नाम पर सबको कर्तव्यनिष्ठ भी होना चाहिए।' निषाद ने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनेता की जिम्मेदारी है कि वह अपने बयानों में देशहित को प्राथमिकता दे।

ओवैसी और मुस्लिम आरक्षण पर सवाल

असदुद्दीन ओवैसी की विपक्ष संबंधी टिप्पणी पर संजय निषाद ने कहा कि ये नेता मुसलमानों के तथाकथित ठेकेदार बने हुए हैं, जबकि इतने वर्षों में उन्हें उचित हिस्सेदारी नहीं दिला सके। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1930 में गरीब मुसलमानों को आरक्षण मिला था, और 1931 में निषाद समुदाय के लोगों ने इसमें अगुवाई की थी। उनके अनुसार 1950 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के सत्ता में आने के बाद मुसलमानों का आरक्षण समाप्त कर दिया गया। निषाद ने ओवैसी से प्रश्न किया कि जब कांग्रेस ने मुसलमानों का आरक्षण छीना, तो उसका साथ क्यों दिया जा रहा है।

अखिलेश यादव और वोट की राजनीति पर निशाना

अखिलेश यादव को लेकर ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा कि मुसलमान भी इस देश का नागरिक है और उसे वोट के लिए बाँटने की कोशिश करने वाले दलों को एक भी सीट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति मुसलमानों को लोकतंत्र की मुख्यधारा से दूर करती है, न कि उनके नेतृत्व को आगे लाती है।

सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज

उत्तर प्रदेश में सीट बँटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान पर निषाद ने कटाक्ष किया कि ये दोनों दल मूलतः एक-दूसरे की विचारधारा के विरोध में खड़े हुए हैं, इसलिए उनके गठबंधन में आंतरिक टकराव स्वाभाविक है।

निषाद समुदाय और गोरखपुर कार्यक्रम

संजय निषाद ने चेतावनी दी कि यदि गोरखपुर के कार्यक्रम में अखिलेश यादव उनकी बात नहीं मानते, तो उन्होंने धरने पर बैठने की तैयारी कर ली थी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी भी जिले में निषाद समुदाय के पूजनीय व्यक्तियों के विरुद्ध अपमानजनक घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित पार्टी के अध्यक्ष की होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच राजनीतिक गोलबंदी तेज हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सत्तारूढ़ गठबंधन की परिचित रणनीति है। लेकिन जो बात मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि निषाद समुदाय की राजनीतिक स्वायत्तता की यह माँग भाजपा गठबंधन के भीतर भी दबाव बना रही है — गोरखपुर के धरने की धमकी इसी का संकेत है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिशंकर अय्यर ने भारत-पाकिस्तान पर क्या बयान दिया था?
स्रोत में अय्यर के बयान का पूरा विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन उनके भारत-पाकिस्तान संबंधी बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज हो गई हैं। यूपी मंत्री संजय निषाद ने इस पर कहा कि किसी भी नेता के बयान राष्ट्रहित में होने चाहिए।
संजय निषाद ने ओवैसी पर क्या आरोप लगाए?
यूपी मंत्री संजय निषाद ने कहा कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और उनके जैसे नेता मुसलमानों के तथाकथित ठेकेदार बने हुए हैं, लेकिन दशकों में उन्हें उचित हिस्सेदारी नहीं दिला सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति मुसलमानों को लोकतंत्र की मुख्यधारा से दूर करती है।
निषाद ने मुस्लिम आरक्षण के बारे में क्या कहा?
संजय निषाद ने कहा कि 1930 में गरीब मुसलमानों को आरक्षण मिला था और 1950 में नेहरू सरकार के आने के बाद वह आरक्षण छिन गया। उन्होंने ओवैसी से सवाल किया कि जब कांग्रेस ने मुसलमानों का आरक्षण छीना, तो उसका साथ क्यों दिया जा रहा है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर निषाद का क्या कहना है?
संजय निषाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मूलतः एक-दूसरे की विचारधारा के विरुद्ध बनी हुई हैं, इसलिए उनके गठबंधन में आंतरिक टकराव अपरिहार्य है। उत्तर प्रदेश में सीट बँटवारे की खींचतान इसी का प्रमाण है।
निषाद समुदाय और गोरखपुर विवाद क्या है?
संजय निषाद ने कहा कि गोरखपुर कार्यक्रम में अखिलेश यादव के न मानने पर उन्होंने धरने की तैयारी कर ली थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी जिले में निषाद समुदाय के पूजनीय व्यक्तियों के विरुद्ध अपमानजनक घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी सीधे उस पार्टी के अध्यक्ष की होगी।
राष्ट्र प्रेस
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