17 सितंबर 2026
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मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे की 13 में से 12 मांगें मानीं — CM फडणवीस; 90 दिन का अल्टीमेटम

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मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे की 13 में से 12 मांगें मानीं — CM फडणवीस; 90 दिन का अल्टीमेटम

सारांश

20 दिन की भूख हड़ताल के बाद मनोज जरांगे पाटिल ने अनशन स्थगित किया — लेकिन यह पूर्णविराम नहीं, अल्पविराम है। 13 में से 12 मांगें मानने का सरकारी दावा और 90 दिन का अल्टीमेटम यह साफ करता है कि मराठा आरक्षण की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई।

मुख्य बातें

मनोज जरांगे पाटिल ने 17 सितंबर 2026 को 20 दिन से चल रही भूख हड़ताल स्थगित की।
CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार ने जरांगे पाटिल की 13 में से 12 मांगें स्वीकार कर ली हैं।
एक मांग कानूनी अड़चनों के कारण पूरी नहीं हो सकी।
जरांगे पाटिल ने सरकार को सातारा गजट लागू करने के लिए 90 दिन का अल्टीमेटम दिया।
चेतावनी दी कि वादे न पूरे होने पर मुंबई कूच किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे , मंत्री विखे पाटिल और विधायक प्रसाद लाड की मध्यस्थ भूमिका की सराहना।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 17 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार ने मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल की 13 में से 12 मांगें स्वीकार कर ली हैं। इसी के साथ जरांगे पाटिल ने बीड जिले के पाटोदा में 20 दिनों से चल रही अपनी भूख हड़ताल गुरुवार को स्थगित कर दी।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार को राज्य सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल बीड के पाटोदा पहुँचा, जिसमें मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, मंत्री दादाजी भुसे, विधायक प्रसाद लाड, सुरेश धस और बीड जिलाधिकारी शामिल थे। बातचीत के बाद जरांगे पाटिल ने अनशन स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने सरकार को सातारा गजट लागू करने के लिए 90 दिन यानी तीन महीने की मोहलत दी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 'हमें खुशी है कि मनोज जरांगे पाटिल ने अपना अनशन वापस ले लिया है। हमने उनसे इसके लिए आग्रह किया था। उनकी 13 मांगों में से 12 को सरकार ने मान लिया है। एक मांग कानूनी अड़चनों की वजह से पूरी नहीं हो सकी, जिसके बारे में उन्हें बता दिया गया है।'

फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि कैबिनेट सब-कमेटी ने जो वादे किए हैं, उन्हें सख्ती से पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि मराठा समुदाय के कल्याण के लिए जितने ठोस फैसले इस सरकार ने लिए हैं, उतने पहले किसी सरकार ने नहीं लिए।

नेतृत्व की सराहना

मुख्यमंत्री ने इस आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराने में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधायक प्रसाद लाड की भूमिका की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले त्योहारों में बिना किसी व्यवधान के आंदोलन समाप्त हो सका।

जरांगे पाटिल का अल्टीमेटम

अनशन स्थगित करते हुए जरांगे पाटिल ने स्पष्ट किया कि आंदोलन जारी रहेगा और जब तक सफलता नहीं मिलती, लड़ाई नहीं रुकेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 90 दिनों के भीतर वादे पूरे नहीं किए और धोखा दिया, तो वे मुंबई कूच करेंगे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में कई बड़े त्योहार नज़दीक हैं और सरकार पर सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का दबाव है।

आगे की राह

राज्य सरकार को अब 90 दिनों के भीतर सातारा गजट लागू करना होगा और कैबिनेट सब-कमेटी के वादों को प्रशासनिक स्तर पर अमल में लाना होगा। यह देखना होगा कि जो एक मांग कानूनी अड़चनों के कारण अधूरी रह गई है, उसका क्या हल निकलता है। मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है और इस समझौते की स्थायित्व की परीक्षा आने वाले महीनों में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जो एक मांग 'कानूनी अड़चनों' के कारण अधूरी रही, वह कौन-सी है और उसका हल कब निकलेगा। मराठा आरक्षण का यह मुद्दा पिछले कई वर्षों में कई बार 'हल' होते-होते रह गया है — हर बार अनशन, हर बार समझौता, हर बार नया अल्टीमेटम। 90 दिन की मोहलत एक नई समय-सीमा है, जो यह भी बताती है कि ज़मीन पर अमल अभी बाकी है। महाराष्ट्र सरकार के लिए असली परीक्षा कैबिनेट सब-कमेटी के वादों को प्रशासनिक हकीकत में बदलने की है — अन्यथा मुंबई कूच की चेतावनी महज़ बयानबाज़ी नहीं रहेगी।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज जरांगे पाटिल ने भूख हड़ताल क्यों की थी और कब खत्म की?
मनोज जरांगे पाटिल मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे और 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। 17 सितंबर 2026 को बीड जिले के पाटोदा में सरकारी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद उन्होंने अनशन स्थगित करने की घोषणा की।
सरकार ने जरांगे पाटिल की कितनी मांगें मानीं?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार सरकार ने 13 में से 12 मांगें स्वीकार कर ली हैं। एक मांग कानूनी अड़चनों के कारण पूरी नहीं हो सकी और इस बारे में जरांगे पाटिल को सूचित कर दिया गया है।
सातारा गजट क्या है और इसे लागू करने की मोहलत कितनी दी गई है?
सातारा गजट मराठा आरक्षण आंदोलन की एक प्रमुख मांग से जुड़ा दस्तावेज़ है। जरांगे पाटिल ने सरकार को इसे लागू करने के लिए 90 दिन यानी तीन महीने की मोहलत दी है, और चेतावनी दी है कि वादे पूरे न होने पर मुंबई कूच किया जाएगा।
क्या मराठा आरक्षण आंदोलन पूरी तरह खत्म हो गया?
नहीं। जरांगे पाटिल ने स्पष्ट किया है कि केवल अनशन स्थगित किया गया है, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सफलता नहीं मिलती, लड़ाई नहीं रुकेगी।
गतिरोध खत्म कराने में किन नेताओं की भूमिका रही?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधायक प्रसाद लाड की मध्यस्थ भूमिका की सराहना की। सरकारी प्रतिनिधिमंडल में मंत्री दादाजी भुसे, विधायक सुरेश धस और बीड जिलाधिकारी भी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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