मनोज झा का पीएम मोदी पर पलटवार: 'यह गांधी का देश है, गांधी के तरीकों से ही सब होगा'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने 23 अक्टूबर 2026 को पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें मोदी ने इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों को देश में 'अव्यवस्था फैलाने' और 'सत्ता परिवर्तन के सपने' देखने से जोड़ा था। झा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जनता के बीच गलत धारणा फैला रहे हैं।
मनोज झा का मुख्य तर्क
मनोज झा ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश दौरों पर जाकर कहते हैं कि वे 'गांधी और बुद्ध के देश' से आए हैं, लेकिन देश के भीतर उनकी सरकार गांधीवादी मूल्यों को नहीं अपनाती।
झा ने तीखे शब्दों में कहा, 'अगर आपका पूरा रिजीम आर्किटेक्चर बेरोज़गारी और असमानता की बात नहीं करता, तो लोग क्या करें? क्या आपके ऑर्केस्ट्रा में शामिल हो जाएं? लोग जंतर-मंतर नहीं जाएंगे तो कहाँ जाएंगे? यह गांधी का देश है और गांधी के तरीकों से ही सब कुछ होगा, आपको इसे स्वीकार करना होगा।'
मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर प्रतिक्रिया
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हाल ही में कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को हटाने जैसी ही है, और यदि विपक्ष महाभियोग प्रस्ताव लाता है तो प्रक्रिया के तहत चर्चा होगी।
इस पर मनोज झा ने तंज कसते हुए कहा, 'आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। नया यही है कि मैं अखबार पर नहीं जाऊंगा, मैं साक्ष्य पर नहीं जाऊंगा, मैं सबूत पर नहीं जाऊंगा, मैं प्रोसीजर के आधार पर मोरैलिटी का — जो हमारे संविधान का एक बहुत बड़ा सिद्धांत है — उसका कत्ल कर दूंगा। इसके अलावा कुछ नहीं।'
झा का आरोप है कि सरकार इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को प्रक्रियात्मक तर्कों की आड़ लेकर टालना चाहती है, जबकि नैतिकता के मूल प्रश्न को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया पर लंबे समय से सवाल उठाता रहा है।
विधान परिषद चुनाव पर भाजपा पर हमला
उत्तर प्रदेश और बिहार में जारी विधान परिषद चुनाव को लेकर मनोज झा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'मतदान हो ही रहे हैं, लेकिन कल रात जिस तरह से एसटीएफ आ गई, तो मुझे लग गया कि हाँ, ये चुनाव है। क्योंकि बिना किसी अतिरिक्त मदद के तो आप लड़ ही नहीं सकते।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनावी निगरानी तंत्र की निष्पक्षता पर बार-बार सवाल उठा रहे हैं।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कहा था कि दुनिया नए वैश्विक क्रम की तलाश में आगे बढ़ रही है, वहीं भारत में कुछ लोग देश में अव्यवस्था फैलाने और सत्ता परिवर्तन के सपने देख रहे हैं। इस बयान को इंडिया गठबंधन ने अपने विरोध प्रदर्शनों पर सीधा हमला माना और उसी के जवाब में झा की यह प्रतिक्रिया सामने आई।
आलोचकों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच यह तकरार आगामी चुनावी मौसम में और तेज़ होने की संभावना है।