जनगणना 2027: J&K उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्व-गणना पूरी की, नागरिकों से भागीदारी की अपील
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 18 मई 2025 को जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) पहल में व्यक्तिगत रूप से भाग लिया और जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक परिवार से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया। यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है, जिसमें मोबाइल-आधारित डेटा संग्रह और स्व-गणना तंत्र को एकीकृत किया गया है।
उपराज्यपाल की अपील और आधिकारिक संदेश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जनगणना का पहला चरण शुरू हो चुका है और जम्मू-कश्मीर में भी यह अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया न केवल देश के लिए, बल्कि जम्मू-कश्मीर और यहाँ के प्रत्येक नागरिक के लिए बेहद ज़रूरी है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लें और अपने घर तथा परिवार के सदस्यों की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएँ। सिन्हा ने विश्वास जताया कि प्रदेश के लोग इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएँगे।
एक्स पर आधिकारिक पोस्ट
जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल कार्यालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया गया: 'मैंने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है। इस चरण में घरों की सूची बनाना और आवास संबंधी कार्य शामिल हैं। मैं जम्मू-कश्मीर के हर परिवार से आग्रह करता हूँ कि वे स्वयं अपनी जानकारी दें और जनगणना में हिस्सा लें।'
पोस्ट में आगे कहा गया कि जनगणना 2027 का ऐतिहासिक महत्व इसलिए है क्योंकि यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल और कागज़-रहित जनगणना है, जिसमें उन्नत डिजिटल तकनीकों, मोबाइल-आधारित डेटा संग्रह प्रणालियों और स्वयं-गणना तंत्रों को एकीकृत किया गया है।
जनगणना 2027 की विशेषताएँ
यह जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यमों के उपयोग के साथ आयोजित की जा रही है। व्यापक और सटीक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। फील्ड विजिट के दौरान प्रगणक (सर्वे अधिकारी) एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल रूप से डेटा एकत्र कर रहे हैं।
देशभर में उत्साहजनक प्रतिक्रिया
जनगणना कार्यों में पहली बार शुरू की गई स्व-गणना सुविधा को जनता से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। 25 राज्यों में आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अब तक 1.44 करोड़ से अधिक परिवार स्व-गणना पूरी कर चुके हैं। गौरतलब है कि यह पहल जनगणना कार्यों के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और निवासियों को सुविधाजनक एवं सुरक्षित तरीके से भाग लेने का अवसर प्रदान करती है।
आगे की राह
जम्मू-कश्मीर में जनगणना अभियान की यह शुरुआत उस समय हुई है जब पूरे देश में डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के प्रयास तेज़ हो रहे हैं। उपराज्यपाल की व्यक्तिगत भागीदारी से अपेक्षा है कि स्थानीय स्तर पर नागरिकों में इस अभियान के प्रति जागरूकता और उत्साह और बढ़ेगा।