मैरी मिलबेन की 'ओम जय जगदीश हरे' से दीपावली पर अमेरिका से भारत तक गूंजेगी आरती
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने दीपावली के पावन अवसर पर समस्त भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और अपनी यादगार आरती 'ओम जय जगदीश हरे' की प्रस्तुति के साथ एक बार फिर करोड़ों दिलों को छूने की तैयारी की। वॉशिंगटन से जारी इस संदेश ने भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत किया है।
एक्स पर दीपावली संदेश
मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'कल, रविवार को दुनियाभर में दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। इस खास मौके पर प्रस्तुत किया गया यादगार भजन 'ओम जय जगदीश हरे' एक बार फिर लोगों के घरों और दिलों में गूंजेगा।' उन्होंने अपने प्रशंसकों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए इस प्रस्तुति से जुड़ने की अपील भी की।
भारत से गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव
मिलबेन इससे पहले भी 'ओम जय जगदीश हरे' आरती गा चुकी हैं और भारतीय श्रोताओं के बीच उन्होंने अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। उनके भारत-प्रेम की जड़ें बचपन से जुड़ी हैं — उनके घर में सुनीता पटेल नामक एक भारतीय मूल की महिला ने बड़ी बहन की तरह उनका और उनके भाई-बहनों का ख्याल रखा। मिलबेन के अनुसार, इसी वजह से वे बहुत कम उम्र में भारतीय संस्कृति, खान-पान और संगीत से परिचित हो गईं।
मिलबेन ने अपने भारत-प्रेम के बारे में कहा, 'आप किस कल्चर, धर्म, भाषा और देश से हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। भारत में लोग एक-दूसरे से मानवता से जुड़े हुए हैं। अपने पड़ोसी को प्यार करना, उनका ख्याल रखना, परिवार के सभी सदस्यों से प्यार करना, दयालु होना — ये सभी वैल्यू आपको जोड़कर रखते हैं।'
संगीत सफर की शुरुआत
एक ईसाई परिवार में पली-बढ़ी मैरी मिलबेन का संगीत से पहला परिचय स्कूल नहीं, बल्कि चर्च में हुआ। उनकी माँ ने सिंगल मदर के रूप में चार बच्चों की परवरिश की और 20-30 वर्षों तक मंत्रालय में काम किया। मिलबेन ने बताया, 'संगीत के प्रति प्यार की वजह से मैंने कॉलेज में भी पढ़ाई की और फिर इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाया।'
गौरतलब है कि मिलबेन का गायन करियर एक अनोखे मोड़ से शुरू हुआ। उन्होंने व्हाइट हाउस में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल में सबसे कम उम्र के स्टाफ सदस्य के तौर पर काम किया। वहीं उन्हें गाने का अवसर मिला, जिसने उनके पेशेवर संगीत जीवन की नींव रखी।
भारत-अमेरिका सांस्कृतिक संबंध
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध लगातार गहरे हो रहे हैं। एक अमेरिकी गायिका का भारतीय भक्ति संगीत को इस तरह आत्मसात करना और उसे वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना, दोनों देशों के बीच जन-से-जन संपर्क का एक सशक्त उदाहरण है। मिलबेन की यह प्रस्तुति दीपावली के उत्सव को और अधिक वैश्विक आयाम देती है।