5 नवंबर 2026
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अनूप जलोटा बोले — दीपावली में अली, रमजान में राम; सबको त्योहार मनाने दीजिए

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अनूप जलोटा बोले — दीपावली में अली, रमजान में राम; सबको त्योहार मनाने दीजिए

सारांश

भजन सम्राट अनूप जलोटा का दीपावली पर संदेश महज़ शुभकामना नहीं था — यह साफ़ बात थी। 'दीपावली में अली, रमजान में राम' कहते हुए उन्होंने सांप्रदायिक बहसों के बीच एकता की आवाज़ उठाई और एआर रहमान की आलोचना को भी निर्देशक-निर्माता की ज़िम्मेदारी बताकर खारिज किया।

मुख्य बातें

अनूप जलोटा ने 5 नवंबर 2026 को दीपावली के मौके पर धार्मिक सौहार्द का संदेश दिया।
उन्होंने कहा — 'सबको दीपावली मनाने दीजिए, सबको ईद मनाने दीजिए — यही देश की सुंदरता है।' एआर रहमान के 'रामायण' फिल्म संगीत पर उठे सवालों पर कहा — गाने का चयन निर्देशक और निर्माता की ज़िम्मेदारी है, रहमान को दोष देना उचित नहीं।
युवाओं को पटाखे जलाते समय सावधानी बरतने और कम धुआँ छोड़ने वाले पटाखों के उपयोग की सलाह दी।
दीपावली पर वे विशेष रूप से 'दीपावली मनाई सुहानी' गाना गाना पसंद करते हैं।

प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा ने 5 नवंबर 2026 को दीपावली के अवसर पर धार्मिक सौहार्द का संदेश देते हुए कहा कि सभी को अपने-अपने त्योहार मनाने का अधिकार है — यही भारत की असली पहचान है। उन्होंने मुंबई में अपनी त्योहार-मनाने की परंपरा, एआर रहमान पर उठे विवाद और मनोरंजन जगत के हालिया सवालों पर भी खुलकर बात की।

दीपावली का अर्थ और व्यक्तिगत परंपरा

जलोटा ने कहा कि दीपावली उनके लिए भगवान राम के वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने की खुशी का पर्व है। इस दिन वे अपने घर को सजाते हैं, पटाखे और फुलझड़ियाँ जलाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और पूरे उत्साह के साथ उत्सव में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा, 'भगवान राम जब वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे, तब पूरी अयोध्या प्रसन्न थी — आज भी दीपावली पर वही भाव मन में आते हैं।'

वे इस अवसर पर माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती से प्रार्थना करते हैं कि सभी के जीवन को सुंदर और सुखमय बनाएँ। उन्होंने यह भी बताया कि त्योहार पर वे विशेष रूप से 'दीपावली मनाई सुहानी, मेरे साईं के हाथों में जादू का पानी' गाना पसंद करते हैं।

धार्मिक सौहार्द का संदेश

दीया मिर्जा से जुड़े विवाद के संदर्भ में जलोटा ने कहा कि 'दीपावली में अली है और रमजान में राम है — इस जहान में सबका मालिक एक है।' उन्होंने स्पष्ट अपील की, 'सबको दीपावली मनाने दीजिए और सबको ईद मनाने दीजिए — यही हमारे देश की सुंदरता है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर त्योहारों को लेकर सांप्रदायिक बहसें तेज़ होती जा रही हैं।

एआर रहमान और 'रामायण' फिल्म विवाद

एआर रहमान के 'रामायण' फिल्म संगीत पर उठे सवालों के जवाब में जलोटा ने कहा कि रहमान हर तरह का संगीत बनाते हैं और पूरी दुनिया उनके काम को पसंद करती है। उन्होंने साफ किया कि किसी फिल्म में कौन-सा गाना शामिल किया जाए, यह तय करना निर्देशक और निर्माता की जिम्मेदारी होती है — इसलिए किसी गाने में कव्वाली या सूफी शैली की झलक होने पर रहमान को दोष देना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों को संगीत सुनना चाहिए और उसका आनंद लेना चाहिए — 'धीरे-धीरे लोग उस गाने को सुनेंगे तो उन्हें पसंद आने लगेगा।' युवा पीढ़ी को ध्यान में रखकर फिल्म बनाए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

युवाओं को पटाखों पर सलाह

दीपावली पर युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए जलोटा ने सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे पटाखे न जलाएँ जिनसे किसी को चोट लगने का खतरा हो। तेज़ आवाज़ वाले बमों से पड़ोसियों को रातभर परेशानी हो सकती है, इसलिए पटाखे जलाने का समय निश्चित होना चाहिए। उन्होंने कम धुआँ छोड़ने वाले पटाखों के इस्तेमाल और प्रदूषण का ध्यान रखने की भी सलाह दी।

गौरतलब है कि त्योहारों पर प्रदूषण और पटाखों के सुरक्षित उपयोग को लेकर न्यायालय और सरकारें लंबे समय से दिशानिर्देश जारी करती रही हैं — और इस बार एक लोकप्रिय कलाकार का यह सार्वजनिक संदेश उसी चर्चा को और मज़बूत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसी अपीलें उस ऑनलाइन माहौल को बदलने में कारगर हैं जो तेज़ी से विभाजित होता जा रहा है। रहमान विवाद पर उनकी राय तकनीकी रूप से सटीक है — फिल्म संगीत का चयन रचनाकार नहीं, निर्माता करता है — लेकिन यह बात उस भावनात्मक बहस को शांत करने के लिए पर्याप्त नहीं लगती जो पहले से चल रही है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनूप जलोटा ने दीपावली पर क्या संदेश दिया?
अनूप जलोटा ने कहा कि सभी को अपने-अपने त्योहार मनाने का अधिकार है — 'सबको दीपावली मनाने दीजिए, सबको ईद मनाने दीजिए, यही हमारे देश की सुंदरता है।' यह संदेश उन्होंने दीया मिर्जा से जुड़े विवाद के संदर्भ में धार्मिक सौहार्द की अपील के रूप में दिया।
अनूप जलोटा ने एआर रहमान के 'रामायण' संगीत विवाद पर क्या कहा?
जलोटा ने कहा कि किसी फिल्म में कौन-सा गाना शामिल किया जाए, यह निर्णय निर्देशक और निर्माता का होता है, न कि संगीतकार का। इसलिए गाने में सूफी या कव्वाली शैली की झलक होने पर एआर रहमान को दोष देना उचित नहीं है।
अनूप जलोटा दीपावली कैसे मनाते हैं?
वे अपने घर को सजाते हैं, पटाखे और फुलझड़ियाँ जलाकर भगवान राम का स्वागत करते हैं और माँ लक्ष्मी व माँ सरस्वती की पूजा करते हैं। त्योहार पर वे विशेष रूप से 'दीपावली मनाई सुहानी, मेरे साईं के हाथों में जादू का पानी' गाना गाना पसंद करते हैं।
अनूप जलोटा ने युवाओं को पटाखों पर क्या सलाह दी?
उन्होंने ऐसे पटाखों से बचने की सलाह दी जिनसे चोट लग सकती है या तेज़ आवाज़ से पड़ोसियों को रातभर परेशानी हो। उन्होंने कम धुआँ छोड़ने वाले पटाखों के उपयोग और प्रदूषण का ध्यान रखने की भी अपील की।
दीया मिर्जा विवाद में अनूप जलोटा की क्या राय है?
जलोटा ने इस विवाद पर सीधे टिप्पणी करने के बजाय धार्मिक सौहार्द का व्यापक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 'दीपावली में अली है और रमजान में राम है — इस जहान में सबका मालिक एक है।'
राष्ट्र प्रेस
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