11 अगस्त 2026
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मौलाना नोमानी के बयान पर भाजपा विधायक संजय उपाध्याय का पलटवार, गजवा-ए-हिंद पर दी चेतावनी

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मौलाना नोमानी के बयान पर भाजपा विधायक संजय उपाध्याय का पलटवार, गजवा-ए-हिंद पर दी चेतावनी

सारांश

भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने मौलाना सज्जाद नोमानी के जनगणना संबंधी बयान को हिंदू समाज के लिए चेतावनी बताया और गजवा-ए-हिंद का मुद्दा उठाया। साथ ही शिवसेना (यूबीटी) की अंदरूनी कलह के लिए संजय राउत को जिम्मेदार ठहराया और पेरिस में मोदी के विवाटेक संबोधन की तारीफ की।

मुख्य बातें

भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने मौलाना सज्जाद नोमानी के जनगणना संबंधी बयान को हिंदू समाज के लिए गंभीर चेतावनी बताया।
उपाध्याय ने गजवा-ए-हिंद और शरिया-आधारित शासन की बातों पर चिंता जताते हुए हिंदू समाज को जागरूक रहने की अपील की।
शिवसेना (यूबीटी) की अंदरूनी कलह के लिए संजय राउत की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया।
पेरिस में विवाटेक 2026 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के AI और डिजिटल विकास संबंधी संबोधन की सराहना की।
उपाध्याय ने दावा किया कि दुनिया के कुल डिजिटल लेन-देन का लगभग आधा हिस्सा अब भारत में हो रहा है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 19 जून 2026 को मौलाना सज्जाद नोमानी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें भारत की जनगणना और हिंदुओं की बहुसंख्यक स्थिति पर सवाल उठाए गए थे। उपाध्याय ने इसे पूरे हिंदू समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी करार दिया और जनसंख्या संतुलन तथा धर्मांतरण के मुद्दे पर खुलकर बोले।

गजवा-ए-हिंद पर उपाध्याय की चेतावनी

उपाध्याय ने कहा कि कुछ तत्व गजवा-ए-हिंद और भारत को शरिया के अनुसार संचालित करने जैसी बातें खुलेआम करते हैं। उनके अनुसार, यह हिंदू समाज के लिए समय पर जागरूक होने का संकेत है। उन्होंने आगाह किया कि यदि धर्मांतरण की घटनाएँ इसी गति से बढ़ती रहीं और हिंदुओं की जनसंख्या में लगातार गिरावट आती रही, तो भविष्य में जनसंख्या संतुलन बिगड़ सकता है, जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि वे अपने परिवारों पर ध्यान दें, सजग रहें और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा दें। उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि यदि जनसंख्या का संतुलन बिगड़ा, तो आने वाली पीढ़ियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

शिवसेना (यूबीटी) की अंदरूनी कलह पर निशाना

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) के भीतर सांसदों के कथित असंतोष और बगावत की खबरों के बीच उपाध्याय ने संजय राउत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में संजय राउत की धमकियों को शायद ही कोई गंभीरता से लेता हो। उनके अनुसार, राजनीतिक नेतृत्व को खुश करने के लिए अनर्गल बयान देना राउत की पुरानी आदत रही है।

उपाध्याय ने यह भी कहा कि किसी भी दल के नेतृत्व को अपने सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को सम्मान, विश्वास और संवाद का माहौल देना चाहिए। यदि नेताओं को अपमानित किया जाए और सार्वजनिक रूप से आलोचना का सामना करना पड़े, तो संगठन में असंतोष स्वाभाविक है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस नेता के पास ऐसा सलाहकार हो, उसे विरोधियों की जरूरत नहीं — संगठन का नुकसान तय है।

विवाटेक 2026 में मोदी के संबोधन की सराहना

पेरिस में आयोजित विवाटेक 2026 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की प्रशंसा करते हुए उपाध्याय ने कहा कि भारत आज डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर है। उनके अनुसार, मोदी ने स्पष्ट किया कि AI का अर्थ केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि सर्वसमावेशी और मानव-केंद्रित विकास होना चाहिए।

उपाध्याय ने दावा किया कि वर्तमान में दुनिया भर के डिजिटल लेन-देन का लगभग आधा हिस्सा भारत में हो रहा है — जो देश की डिजिटल क्रांति की गति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि चाहे शहरी युवा हों या ग्रामीण नागरिक, सभी इस परिवर्तन के भागीदार बन रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व समुदाय से मानव कल्याण और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

आगे क्या

उपाध्याय के इन बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में सांप्रदायिक और संगठनात्मक दोनों मोर्चों पर बहस तेज होने के संकेत हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शिवसेना (यूबीटी) की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं और BJP अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर विपक्ष की आंतरिक कमजोरियों को उजागर करना। गजवा-ए-हिंद जैसे संवेदनशील शब्दों का राजनीतिक विमर्श में उपयोग सामाजिक तनाव बढ़ाने का जोखिम रखता है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज करती है। शिवसेना (यूबीटी) की अंदरूनी कलह पर BJP का यह आक्रामक रुख बताता है कि 2024 के बाद महाराष्ट्र में विपक्ष को और कमजोर करने की कोशिश जारी है। विवाटेक 2026 की तारीफ इस बयानबाजी में एक सकारात्मक आवरण जोड़ती है, लेकिन मूल एजेंडा स्पष्ट रूप से राजनीतिक है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना सज्जाद नोमानी ने ऐसा क्या कहा जिस पर संजय उपाध्याय भड़के?
मौलाना सज्जाद नोमानी ने कथित तौर पर भारत की जनगणना पर सवाल उठाते हुए हिंदुओं के बहुसंख्यक होने की स्थिति पर टिप्पणी की थी। इसी बयान को भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने हिंदू समाज के लिए चेतावनी बताया और गजवा-ए-हिंद का मुद्दा उठाया।
गजवा-ए-हिंद क्या है और उपाध्याय ने इसका उल्लेख क्यों किया?
गजवा-ए-हिंद एक धार्मिक अवधारणा है जिसे कुछ कट्टरपंथी तत्व भारत पर इस्लामी शासन स्थापित करने के संदर्भ में उद्धृत करते हैं। उपाध्याय ने इसका उल्लेख करते हुए हिंदू समाज को जनसंख्या असंतुलन और धर्मांतरण के मुद्दे पर सजग रहने की अपील की।
शिवसेना (यूबीटी) में बगावत को लेकर उपाध्याय ने क्या कहा?
उपाध्याय ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) की मौजूदा स्थिति के लिए काफी हद तक संजय राउत की कार्यशैली जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि नेताओं को अपमानित करने और संवाद न करने की प्रवृत्ति से संगठन में असंतोष स्वाभाविक है।
विवाटेक 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
पेरिस में आयोजित विवाटेक 2026 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि AI का अर्थ केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि सर्वसमावेशी और मानव-केंद्रित विकास होना चाहिए। उन्होंने विश्व समुदाय से तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
भारत की डिजिटल स्थिति को लेकर उपाध्याय ने क्या दावा किया?
संजय उपाध्याय ने दावा किया कि दुनिया भर के डिजिटल लेन-देन का लगभग आधा हिस्सा अब भारत में हो रहा है। उन्होंने इसे देश की तेज डिजिटल क्रांति का प्रमाण बताया और कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों वर्ग इस बदलाव के भागीदार हैं।
राष्ट्र प्रेस
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