सुहरावर्दी के हाथ बेगुनाहों के खून से रंगे थे, नाम बदलना सही: मुख्तार अब्बास नकवी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने 22 जून को कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने पश्चिम बंगाल में सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने के फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि हुसैन सुहरावर्दी के हाथ बेगुनाहों के खून से रंगे थे और यह इतिहास की हकीकत है। नकवी ने नीट परीक्षा विवाद, शिवसेना (यूबीटी) में टूट और उत्तर प्रदेश चुनावी गठबंधन पर भी तीखी टिप्पणियाँ कीं।
सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलना क्यों उचित
नकवी ने कहा, "आजादी की लड़ाई के दौरान सुहरावर्दी ने सैकड़ों लोगों के कत्ल कराए थे। हुसैन सुहरावर्दी के हाथ बेगुनाहों के खून से रंगे हुए थे, ये इतिहास की हकीकत है।" उन्होंने आगे कहा, "भारत का इतिहास सुहरावर्दी जैसे खलनायकों की करतूतों से भरा हुआ है। ऐसे में सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदला जाना उचित था, लेकिन विपक्ष को यह बात हजम नहीं हो रही।"
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के 'सुहरावर्दी एवेन्यू' का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड करने का आदेश दिया है। इस फैसले को लेकर विपक्षी दल BJP सरकार पर निशाना साध रहे हैं। नकवी ने कहा कि "विपक्ष शर्मिंदगी की बजाय सुहरावर्दी के नाम को लेकर राजनीति कर रहा है।"
शिवसेना (यूबीटी) में टूट पर नकवी की चुटीली टिप्पणी
शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने पर नकवी ने कहा, "खानदानी विरासत झटके पर झटका खा रही है। जब अपने ही लोगों को बिकाऊ कहेंगे तो वे टिकाऊ कैसे रहेंगे?" उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) गुट को आत्मचिंतन करने की सलाह दी और पूछा कि आखिर पार्टी क्यों सिमटती जा रही है और क्यों लोग छोड़कर जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधनों की स्थिरता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
नीट परीक्षा विवाद पर कड़ा प्रहार
नीट परीक्षा विवाद को लेकर नकवी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "छात्रों की परीक्षा पर छत्रपों की जो पैराशूट पॉलिटिक्स है, यह नौजवानों के भविष्य पर भय और भ्रमजाल फैलाने की कोशिश है।" उनका इशारा उन राजनीतिक दलों की ओर था जो नीट विवाद को चुनावी मुद्दा बनाने में जुटे हैं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज
उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के संभावित गठबंधन पर नकवी ने कहा, "दोनों पार्टियों को चुनाव में 440 का झटका लगेगा। इनके झांसे की झालर में अभी से झोल और शॉर्ट-सर्किट भी दिखाई पड़ रहा है।" उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव राजनीतिक दलों के लिए बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
योग दिवस और मोदी सरकार की विरासत
इससे पहले उत्तर प्रदेश के रामपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नकवी ने कहा था कि जब 2014 में लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनादेश दिया, तो भारत की हजारों साल पुरानी विरासत 'योग' को वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिशें की गईं। उन्होंने कहा कि इन्हीं कोशिशों का नतीजा है कि आज दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। नकवी की इन टिप्पणियों से स्पष्ट है कि BJP आने वाले समय में इतिहास, शिक्षा और चुनावी गठजोड़ — तीनों मोर्चों पर विपक्ष को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।