27 अक्टूबर 2026
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मायावती ने कांग्रेस को दी नसीहत: व्यक्तिगत हमले और विषैली राजनीति देशहित में नहीं

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मायावती ने कांग्रेस को दी नसीहत: व्यक्तिगत हमले और विषैली राजनीति देशहित में नहीं

सारांश

बसपा प्रमुख मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर बिना नाम लिए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया — कहा कि व्यक्तिगत हमले, अमर्यादित बयानबाज़ी और विषैली राजनीति देश की गरिमा को नुकसान पहुँचाती है। यह बयान खड़गे की मोदी पर कथित अमर्यादित टिप्पणी के बाद आया है।

मुख्य बातें

बसपा अध्यक्ष मायावती ने 27 अक्टूबर 2026 को एक्स पर बिना नाम लिए कांग्रेस की आलोचना की।
उन्होंने भारतीय राजनीति में व्यक्तिगत हमलों, जातिवाद और हिंसक बयानबाज़ी को देश की गरिमा के लिए चिंताजनक बताया।
यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की PM मोदी पर कथित अमर्यादित टिप्पणी की पृष्ठभूमि में आया।
मायावती ने कहा कि गरीबी, बेरोज़गारी और महंगाई जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत लड़ाइयों पर।
उन्होंने सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का भी उल्लेख किया।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 27 अक्टूबर 2026 को बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधा और भारतीय राजनीति में बढ़ती व्यक्तिगत कटुता एवं विषैली बयानबाज़ी को देश की गरिमा के लिए चिंताजनक बताया। यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी की पृष्ठभूमि में आई है।

एक्स पर मायावती का बयान

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष, कटुता और आरोप-प्रत्यारोप का स्तर अब व्यक्तिगत स्तर पर भी काफी बेलगाम हो गया है। यह असंसदीय, अमर्यादित, अपमानजनक, संकीर्ण और जातिवाद से ग्रसित होते हुए हिंसक बयानबाज़ी तक पहुँच रहा है, जो अति-दुखद और देश की गरिमा व मान-मर्यादा के लिए चिंताजनक है।'

उन्होंने यह भी कहा कि शीर्ष स्तर पर आसीन लोगों के बीच यदि एक-दूसरे के लिए समुचित सम्मान नहीं है, तो कम से कम आपत्तिजनक और विषैली राजनीति को किसी भी प्रकार से बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

जनविश्वास पर मंडराता खतरा

बसपा प्रमुख के अनुसार, बढ़ती संकीर्ण और गरीब-विरोधी स्वार्थी राजनीति के कारण लोगों का भरोसा राजनीतिक व्यवस्था पर कमज़ोर होना देश और जनहित में नहीं है। उन्होंने सरकारी स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन कारणों से जनता पहले से ही बेचैन है।

मायावती का मत है कि नेताओं के बीच 'नाक की आपसी लड़ाई' स्थिति को और विषम बना रही है, जबकि जनता चाहती है कि गरीबी, बेरोज़गारी और महंगाई जैसी समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित हो।

राजनीतिक माहौल पर चिंता

मायावती ने आगाह किया कि सभी पार्टियों व उनके नेताओं के बीच अशोभनीय टीका-टिप्पणी और बयानबाज़ी की बढ़ती होड़ राजनीतिक माहौल को और भी अधिक कड़वा व विषैला बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह अनुचित है और सभी लोग इस ओर समुचित ध्यान दें तो बेहतर होगा।

गौरतलब है कि बसपा हाल के वर्षों में न तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) और न ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के साथ औपचारिक गठबंधन में है, जिससे उसकी यह नसीहत तुलनात्मक रूप से तटस्थ पक्ष से आती प्रतीत होती है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब देश में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच वाकयुद्ध चरम पर है। मायावती की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बसपा की प्रासंगिकता को पुनर्स्थापित करने के व्यापक प्रयासों का भी हिस्सा मानी जा सकती है। लखनऊ से जारी इस बयान को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में एक संतुलनकारी आवाज़ के रूप में देखा जा रहा है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस और भाजपा इस नसीहत पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं और क्या राजनीतिक बयानबाज़ी का स्वर कुछ संयमित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ स्पष्ट हैं — बसपा अपनी 'तीसरे विकल्प' की छवि को मज़बूत करने की कोशिश में है। दिलचस्प यह है कि उन्होंने भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर सत्तारूढ़ पक्ष को भी परोक्ष रूप से घेरा, मगर कांग्रेस को सीधे टार्गेट किया — जो उत्तर प्रदेश में बसपा की असली प्रतिस्पर्धी नहीं है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज़ 'खड़गे बनाम मोदी' प्रकरण की प्रतिक्रिया बता रही है, लेकिन असल सवाल यह है कि क्या बसपा इस बयानबाज़ी से अपने उस वोटबैंक को दोबारा आकर्षित कर पाएगी जो 2022 के बाद से बिखरा हुआ है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायावती ने कांग्रेस को नसीहत क्यों दी?
मायावती ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी की पृष्ठभूमि में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत हमले और विषैली राजनीति देश की गरिमा के लिए हानिकारक है।
मायावती ने एक्स पर क्या लिखा?
मायावती ने एक्स पर लिखा कि भारतीय राजनीति में आपसी द्वेष और आरोप-प्रत्यारोप का स्तर बेलगाम होकर असंसदीय, अमर्यादित और हिंसक बयानबाज़ी तक पहुँच रहा है, जो देश की गरिमा व मान-मर्यादा के लिए चिंताजनक है।
मायावती ने किन मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की?
बसपा प्रमुख ने कहा कि जनता चाहती है कि नेता गरीबी, बेरोज़गारी और महंगाई जैसी ज्वलंत समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। उन्होंने सरकारी भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का भी उल्लेख किया।
क्या मायावती ने कांग्रेस का नाम लिया?
नहीं, मायावती ने अपने बयान में कांग्रेस या किसी नेता का सीधे नाम नहीं लिया। हालाँकि, बयान का संदर्भ खड़गे की मोदी पर टिप्पणी से स्पष्ट रूप से जुड़ा हुआ था।
इस बयान का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बसपा उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी प्रासंगिकता को पुनर्स्थापित करने की कोशिश कर रही है। तटस्थ रुख अपनाकर मायावती ने खुद को BJP और कांग्रेस दोनों के विकल्प के रूप में पेश करने का प्रयास किया है।
राष्ट्र प्रेस
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