10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मायावती ने भाजपा-आप पर साधा निशाना: 'संत रविदास के नाम पर राजनीति से सतर्क रहे समाज'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मायावती ने भाजपा-आप पर साधा निशाना: 'संत रविदास के नाम पर राजनीति से सतर्क रहे समाज'

सारांश

पंजाब चुनाव की आहट के बीच BSP सुप्रीमो मायावती ने BJP और AAP पर संत रविदास के नाम पर राजनीतिक स्वार्थ का आरोप लगाया। 2019 के तुगलकाबाद गुरुघर विध्वंस और धलेता विवाद को याद दिलाते हुए उन्होंने समाज को सतर्क रहने और 'बेगमपुरा' के आदर्शों को जीवित रखने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

मायावती ने 10 अगस्त 2026 को एक्स पर पोस्ट कर BJP और AAP पर संत रविदास के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
10 अगस्त 2019 को दिल्ली के तुगलकाबाद में संत रविदास जी का गुरुघर बुलडोजर से ढहाया गया था; श्रद्धालु आज भी टीन शेड में पूजा करने को मजबूर हैं।
BJP पर आरोप — पंजाब चुनाव के मद्देनज़र कलश यात्रा निकालकर समाज को 'बेगमपुरा' के लक्ष्य से भटकाने की कोशिश।
AAP पर आरोप — पंजाब के धलेता गाँव में गुरुघर की दीवार गिराने पर गिरफ्तारियाँ कीं; बाद में दबाव में पुनर्निर्माण कराया।
मायावती ने तुगलकाबाद से धलेता गाँव तक की संत रविदास सम्मान यात्रा में संगत को आमंत्रित किया।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 10 अगस्त 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तुगलकाबाद स्थित संतगुरु श्री रविदास जी के गुरुघर को 10 अगस्त 2019 को ढहाए जाने की घटना को केंद्र में रखते हुए दोनों दलों पर संत रविदास के नाम पर राजनीतिक स्वार्थ साधने का आरोप लगाया। मायावती ने समाज से इन दलों की राजनीति के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

तुगलकाबाद गुरुघर विध्वंस: पृष्ठभूमि

मायावती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि 10 अगस्त 2019 को दिल्ली के तुगलकाबाद में संतगुरु श्री रविदास जी के पवित्र गुरुघर को बुलडोजर और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहा दिया गया था। उनके अनुसार, इस विध्वंस के विरोध में जब देशभर की संगत लोकतांत्रिक ढंग से सड़कों पर उतरी, तो उन्हें लाठीचार्ज, आंसू गैस, गिरफ्तारियों और मुकदमों का सामना करना पड़ा — और कई लोगों को जेल भी जाना पड़ा।

बसपा सुप्रीमो ने यह भी कहा कि गुरुघर की भूमि छीन लिए जाने के बाद आज भी श्रद्धालु लोहे के अस्थायी टीन शेड में माथा टेकने को विवश हैं। उनके अनुसार यह स्थिति करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाली है।

भाजपा पर 'बेगमपुरा' के नाम पर राजनीति का आरोप

मायावती ने आरोप लगाया कि पंजाब चुनाव नज़दीक आते ही BJP संतगुरु श्री रविदास जी के नाम पर कलश यात्रा निकालकर समाज को गुरुजी के 'बेगमपुरा' के लक्ष्य से भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'अब पंजाब चुनाव नजदीक आते ही वही भाजपा संतगुरु श्री रविदास जी के नाम पर कलश यात्रा निकालकर गुरुजी के बेगमपुर शहर के लक्ष्य से समाज को भटकाने का प्रयास कर रही है।'

गौरतलब है कि 'बेगमपुरा' संत रविदास जी की उस परिकल्पना का प्रतीक है जिसमें एक भेदभाव-मुक्त, समतापूर्ण समाज की कल्पना की गई है — जिसे BSP अपने राजनीतिक दर्शन का आधार मानती है।

आम आदमी पार्टी पर धलेता गुरुघर विवाद

मायावती ने AAP पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब के धलेता गाँव में गुरुघर की दीवार गिराए जाने पर जब संगत और BSP ने आवाज़ उठाई, तो गिरफ्तारियाँ की गईं। उनके अनुसार अंततः AAP सरकार को झुकना पड़ा और गुरुघर का पुनर्निर्माण कराना पड़ा। उन्होंने इसे AAP की नीयत पर सवाल उठाने का आधार बताया।

सम्मान यात्रा का आह्वान

BSP सुप्रीमो ने समाज से अपील की कि संतगुरु श्री रविदास जी की सम्मान यात्रा — जो तुगलकाबाद से धलेता गाँव तक पहुँच रही है — में बड़ी संख्या में भाग लें। उन्होंने लोगों से 'बेगमपुरा' के आदर्शों — सम्मान, समानता और न्याय — के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने और गुरुघरों की गरिमा व धार्मिक अधिकारों की रक्षा के संकल्प को मज़बूत बनाने का आग्रह किया।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में चुनावी गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं और रविदासिया समुदाय एक महत्वपूर्ण मतदाता वर्ग के रूप में सभी दलों की नज़र में है। तुगलकाबाद गुरुघर का मुद्दा अभी भी अनसुलझा है, और मायावती की यह पोस्ट दलित-बहुजन राजनीति में BSP की प्रासंगिकता को पुनर्स्थापित करने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उस मुद्दे पर BSP की प्रतिक्रिया उस वक्त उतनी मुखर नहीं थी जितनी आज चुनावी मौसम में है। दलित राजनीति में 'बेगमपुरा' का नारा तो सभी दल उठाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तुगलकाबाद में गुरुघर की भूमि की वापसी आज तक नहीं हुई — और इस पर किसी भी दल ने न्यायालय में निर्णायक लड़ाई नहीं लड़ी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुगलकाबाद गुरुघर विध्वंस का मामला क्या है?
10 अगस्त 2019 को दिल्ली के तुगलकाबाद में संतगुरु श्री रविदास जी के गुरुघर को बुलडोजर से ढहाया गया था। इसके विरोध में देशभर में आंदोलन हुए जिसमें श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और गिरफ्तारियाँ हुईं। आज भी संगत वहाँ अस्थायी टीन शेड में पूजा करने को मजबूर है।
मायावती ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
मायावती का आरोप है कि पंजाब चुनाव नज़दीक आते ही BJP संत रविदास जी के नाम पर कलश यात्रा निकालकर समाज को 'बेगमपुरा' के लक्ष्य से भटकाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार यह चुनावी स्वार्थ के लिए धार्मिक भावनाओं का दोहन है।
धलेता गाँव विवाद क्या था और AAP की क्या भूमिका रही?
पंजाब के धलेता गाँव में गुरुघर की दीवार गिराए जाने पर BSP और संगत ने विरोध किया, जिस पर AAP सरकार ने गिरफ्तारियाँ कीं। मायावती के अनुसार अंततः AAP सरकार को झुकना पड़ा और गुरुघर का पुनर्निर्माण कराया गया।
संत रविदास सम्मान यात्रा क्या है?
यह BSP द्वारा आयोजित एक यात्रा है जो तुगलकाबाद (दिल्ली) से धलेता गाँव (पंजाब) तक जाती है। इसका उद्देश्य संत रविदास जी के 'बेगमपुरा' के आदर्शों — सम्मान, समानता और न्याय — को जन-जन तक पहुँचाना और गुरुघरों की गरिमा की रक्षा का संकल्प लेना है।
'बेगमपुरा' क्या है और इसका राजनीतिक महत्व क्यों है?
'बेगमपुरा' संत रविदास जी की उस आदर्श नगरी की परिकल्पना है जहाँ कोई भेदभाव, गरीबी या पराधीनता नहीं होगी। BSP इसे अपने दलित-बहुजन राजनीतिक दर्शन का आधार मानती है, और पंजाब-उत्तर प्रदेश में रविदासिया समुदाय के बीच यह नारा चुनावी दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले