31 जुलाई 2026
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ताहिर हुसैन मामले में 'आप' का पलटवार: सौरभ भारद्वाज बोले — दंगों का सियासी फायदा भाजपा को मिला

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ताहिर हुसैन मामले में 'आप' का पलटवार: सौरभ भारद्वाज बोले — दंगों का सियासी फायदा भाजपा को मिला

सारांश

दिल्ली दंगा मामले में ताहिर हुसैन को उम्रकैद मिलने के बाद AAP ने पलटवार किया। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कपिल मिश्रा ने ताहिर को राजनीति में लाया, दंगों का फायदा BJP को मिला और 2025 में उसे AIMIM से लड़वाकर वोट बँटवाए गए।

मुख्य बातें

सौरभ भारद्वाज ने 31 जुलाई को आरोप लगाया कि दिल्ली दंगों का राजनीतिक लाभ BJP को मिला।
भारद्वाज के अनुसार कपिल मिश्रा ने ताहिर हुसैन को राजनीति में आगे बढ़ाया और नगर निगम चुनाव में पार्षद का टिकट दिलाया।
AAP का दावा — जिस भवन में दंगों के दौरान हथियार जमा होने के आरोप लगे, उसी में पहले कपिल मिश्रा का विधायक कार्यालय था।
2025 विधानसभा चुनाव में मुस्तफाबाद सीट पर ताहिर हुसैन को AIMIM के टिकट पर लड़वाकर भाजपा-विरोधी वोट बँटवाने का आरोप।
AAP ने कहा — आरोप लगते ही ताहिर हुसैन को पार्टी से तत्काल निष्कासित किया गया था।
भारद्वाज ने कपिल मिश्रा को सार्वजनिक खंडन की खुली चुनौती दी; BJP की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 31 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली दंगों का राजनीतिक लाभ BJP को मिला और उम्रकैद की सजा पाए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के भाजपा से गहरे संबंध रहे हैं। भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि आरोप सामने आते ही AAP ने ताहिर हुसैन को तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जबकि उनके अनुसार भाजपा गंभीर आरोपों से घिरे अपने नेताओं का बचाव करती रही है।

मुख्य आरोप और दावे

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने ही ताहिर हुसैन को राजनीति में आगे बढ़ाया और नगर निगम चुनाव में पार्षद का टिकट दिलाने में भूमिका निभाई। उनके अनुसार उस समय स्थानीय नेतृत्व ताहिर हुसैन को टिकट देने के पक्ष में नहीं था, फिर भी उसे उम्मीदवार बनाया गया।

भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि दंगों के दौरान जिस भवन पर हथियार और पत्थर जमा होने के आरोप लगे, उसी इमारत में पहले कपिल मिश्रा का चुनावी और विधायक कार्यालय संचालित होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब MCD की टीम उस भवन को अवैध निर्माण के आरोप में ध्वस्त करने पहुँची, तब कपिल मिश्रा स्वयं उसे बचाने के लिए मौके पर आए थे।

कपिल मिश्रा पर खुली चुनौती

भारद्वाज ने सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि उनके आरोप गलत हैं तो कपिल मिश्रा इनका खंडन करें — AAP अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य पेश करने को तैयार है। यह चुनौती ऐसे समय में आई है जब दिल्ली दंगा मामले में अदालत द्वारा दोषसिद्धि के बाद सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

2025 विधानसभा चुनाव से जोड़ा कनेक्शन

AAP नेता ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए दावा किया कि मुस्तफाबाद सीट पर भाजपा को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से ताहिर हुसैन को AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़वाया गया, ताकि भाजपा-विरोधी मतों का विभाजन हो सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान ताहिर हुसैन को विशेष सुविधाएँ दी गईं और पुलिस प्रशासन ने उसके प्रति नरम रुख अपनाया।

भाजपा पर व्यापक आरोप

भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में जब-जब सांप्रदायिक तनाव या दंगे हुए, उनका राजनीतिक फायदा BJP को मिला। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि जहाँ AAP ने ताहिर हुसैन पर आरोप लगते ही उसे संगठन से बाहर किया, वहीं भाजपा गंभीर आरोपों से घिरे नेताओं का बचाव करती रही है। गौरतलब है कि इन सभी आरोपों पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आगे क्या

दिल्ली दंगा मामले में अदालती फैसले के बाद सियासी बयानबाजी का यह दौर जारी रहने की संभावना है। AAP ने संकेत दिया है कि वह अपने दावों को साबित करने के लिए साक्ष्य सार्वजनिक करेगी, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आक्रामक रणनीति है — निशाना कपिल मिश्रा पर है, जो खुद दंगा-भड़काऊ भाषण विवाद में घिरे रहे हैं। लेकिन भारद्वाज के दावे गंभीर हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। जो बात मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि दोनों दलों ने वर्षों तक सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को चुनावी हथियार की तरह इस्तेमाल किया है — दिल्ली दंगे उसी राजनीति की परिणति थे। अदालत ने ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है, लेकिन व्यापक जवाबदेही का सवाल अभी भी अनुत्तरित है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरभ भारद्वाज ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली दंगों का राजनीतिक लाभ BJP को मिला और भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ताहिर हुसैन को राजनीति में आगे बढ़ाकर पार्षद का टिकट दिलाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस भवन पर दंगों में हथियार जमा होने के आरोप लगे, वहाँ पहले कपिल मिश्रा का कार्यालय था।
ताहिर हुसैन को किस मामले में सजा मिली है?
ताहिर हुसैन, जो पूर्व AAP पार्षद रहे हैं, को दिल्ली दंगा मामले में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। AAP ने आरोप सामने आते ही उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
AAP ने ताहिर हुसैन को पार्टी से कब निकाला?
AAP के अनुसार ताहिर हुसैन पर आरोप लगते ही उन्हें तत्काल पार्टी से बाहर कर दिया गया था। सौरभ भारद्वाज ने इसे BJP की कार्यशैली से अलग बताते हुए कहा कि भाजपा आरोपी नेताओं का बचाव करती रही।
2025 दिल्ली चुनाव में ताहिर हुसैन की भूमिका क्या थी?
भारद्वाज ने दावा किया कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुस्तफाबाद सीट पर ताहिर हुसैन को AIMIM के टिकट पर इसलिए लड़वाया गया ताकि भाजपा-विरोधी वोट बँट जाएँ और BJP को फायदा हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार में ताहिर को विशेष सुविधाएँ मिलीं।
कपिल मिश्रा ने इन आरोपों पर क्या कहा?
31 जुलाई तक BJP नेता कपिल मिश्रा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सौरभ भारद्वाज ने उन्हें सार्वजनिक रूप से खंडन करने की खुली चुनौती दी है और कहा है कि AAP अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य पेश करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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