ताहिर हुसैन मामले में 'आप' का पलटवार: सौरभ भारद्वाज बोले — दंगों का सियासी फायदा भाजपा को मिला
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 31 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली दंगों का राजनीतिक लाभ BJP को मिला और उम्रकैद की सजा पाए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के भाजपा से गहरे संबंध रहे हैं। भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि आरोप सामने आते ही AAP ने ताहिर हुसैन को तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जबकि उनके अनुसार भाजपा गंभीर आरोपों से घिरे अपने नेताओं का बचाव करती रही है।
मुख्य आरोप और दावे
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने ही ताहिर हुसैन को राजनीति में आगे बढ़ाया और नगर निगम चुनाव में पार्षद का टिकट दिलाने में भूमिका निभाई। उनके अनुसार उस समय स्थानीय नेतृत्व ताहिर हुसैन को टिकट देने के पक्ष में नहीं था, फिर भी उसे उम्मीदवार बनाया गया।
भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि दंगों के दौरान जिस भवन पर हथियार और पत्थर जमा होने के आरोप लगे, उसी इमारत में पहले कपिल मिश्रा का चुनावी और विधायक कार्यालय संचालित होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब MCD की टीम उस भवन को अवैध निर्माण के आरोप में ध्वस्त करने पहुँची, तब कपिल मिश्रा स्वयं उसे बचाने के लिए मौके पर आए थे।
कपिल मिश्रा पर खुली चुनौती
भारद्वाज ने सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि उनके आरोप गलत हैं तो कपिल मिश्रा इनका खंडन करें — AAP अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य पेश करने को तैयार है। यह चुनौती ऐसे समय में आई है जब दिल्ली दंगा मामले में अदालत द्वारा दोषसिद्धि के बाद सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
2025 विधानसभा चुनाव से जोड़ा कनेक्शन
AAP नेता ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए दावा किया कि मुस्तफाबाद सीट पर भाजपा को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से ताहिर हुसैन को AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़वाया गया, ताकि भाजपा-विरोधी मतों का विभाजन हो सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान ताहिर हुसैन को विशेष सुविधाएँ दी गईं और पुलिस प्रशासन ने उसके प्रति नरम रुख अपनाया।
भाजपा पर व्यापक आरोप
भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में जब-जब सांप्रदायिक तनाव या दंगे हुए, उनका राजनीतिक फायदा BJP को मिला। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि जहाँ AAP ने ताहिर हुसैन पर आरोप लगते ही उसे संगठन से बाहर किया, वहीं भाजपा गंभीर आरोपों से घिरे नेताओं का बचाव करती रही है। गौरतलब है कि इन सभी आरोपों पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या
दिल्ली दंगा मामले में अदालती फैसले के बाद सियासी बयानबाजी का यह दौर जारी रहने की संभावना है। AAP ने संकेत दिया है कि वह अपने दावों को साबित करने के लिए साक्ष्य सार्वजनिक करेगी, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा हो सकता है।