राजस्थान निकाय चुनाव: बसपा ने जीतीं 19 सीटें, मायावती ने 'सरकारी गड़बड़ी' का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं को दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को राजस्थान के नगर निकाय चुनावों में पार्टी की 19 सीटों पर जीत के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी में गड़बड़ियों के कारण रीकाउंटिंग के दौरान कई बसपा उम्मीदवार बेहद कम मतों के अंतर से हार गए, जिससे पार्टी का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता था।
मायावती का एक्स पर बयान
मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'राजस्थान में हुए नगर निकाय चुनावों में बसपा ने इस बार भी 19 सीटों पर अपने पार्षदों को जिताकर सफलता हासिल की है। सरकारी मशीनरी में गड़बड़ियों के कारण रीकाउंटिंग में कई उम्मीदवारों को बहुत कम वोटों के अंतर से जबरन हराया गया; वरना पार्टी यहाँ और भी बेहतर नतीजे ला सकती थी।' उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब और देश के कुछ अन्य राज्यों में हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भी पार्टी ने पहले से बेहतर नतीजे हासिल किए हैं।
राजस्थान के समग्र चुनाव परिणाम
राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। BJP ने 4,179 वार्ड जीते, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 3,613 वार्ड जीते। इसके अलावा BJP ने राज्य के 10 नगर निगमों में से 4 में स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
हालाँकि, कांग्रेस ने बीकानेर नगर निगम में बहुमत प्राप्त किया और झालावाड़ नगर परिषद में बड़ी जीत दर्ज की, जिसे राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गढ़ माना जाता है। यह नतीजा विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि झालावाड़ को परंपरागत रूप से BJP का मज़बूत क्षेत्र समझा जाता है।
बसपा की व्यापक रणनीति और आगे का रोडमैप
मायावती ने उम्मीद जताई कि राजस्थान, पंजाब और अन्य राज्यों में मिले इन नतीजों से पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों और अगले लोकसभा चुनावों में और भी मज़बूत प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय स्तर पर मिली यह सफलता पार्टी के ज़मीनी कार्यकर्ताओं के परिश्रम का प्रतिफल है।
गौरतलब है कि बसपा हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक उपस्थिति को फिर से मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अपेक्षित प्रदर्शन से चूकने के बाद खुद को पुनर्गठित करने में जुटी है।
सरकारी गड़बड़ी के आरोप और राजनीतिक संदर्भ
मायावती के आरोप — कि रीकाउंटिंग के दौरान सरकारी मशीनरी ने हस्तक्षेप किया — चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। राजस्थान में BJP की सरकार है, और विपक्षी दलों का प्रशासनिक पक्षपात का आरोप लगाना एक स्थापित राजनीतिक परंपरा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बसपा इस स्थानीय निकाय सफलता को विधानसभा-स्तरीय समर्थन में कैसे तब्दील करती है।