मीरी-पीरी खालसा मार्च श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना, सुखबीर बादल ने संगत से की अधिकतम भागीदारी की अपील
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर में 24 जुलाई को मीरी-पीरी दिवस के अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब से ऐतिहासिक 'मीरी-पीरी खालसा मार्च' का शुभारंभ हुआ। यह धार्मिक और सामाजिक जागरूकता मार्च पंजाब के विभिन्न पवित्र स्थलों से होते हुए 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो में संपन्न होगा।
मार्च का शुभारंभ और प्रमुख शिरकत
सुबह 10 बजे श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना हुए इस मार्च में सिंह साहिब जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल तथा एसजीपीसी के अनेक सदस्य शामिल रहे। जत्थेदार साहिब ने समूची सिख कौम को इस मार्च में जुड़ने का आह्वान किया है।
सुखबीर सिंह बादल की संगत से अपील
मार्च के शुभारंभ अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने समूची सिख कौम को मीरी-पीरी दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से आज पूरे पंजाब में मीरी-पीरी के संदेश को घर-घर पहुँचाने के उद्देश्य से इस मार्च की शुरुआत की गई है। बादल ने संगत से अपील की कि जितने दिन यह मार्च चले, वे अधिक से अधिक संख्या में इसमें शामिल होकर गुरु साहिब के मीरी-पीरी सिद्धांत को जन-जन तक पहुँचाने में अपना योगदान दें। उन्होंने अपने संबोधन का समापन 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह' के जयघोष के साथ किया।
मार्च का उद्देश्य और संदेश
आयोजकों के अनुसार, इस मार्च का मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे और अन्य बुरी आदतों से दूर रखते हुए उन्हें सिखी स्वरूप और गुरु साहिब की शिक्षाओं से जोड़ना है। साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा प्रतिपादित मीरी-पीरी के सिद्धांत का व्यापक प्रचार-प्रसार भी इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में युवाओं के बीच नशे की समस्या एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनी हुई है।
मार्ग और पड़ाव
एसजीपीसी के अनुसार, मार्च हाल गेट, पुतलीघर, छेहरटा साहिब और अटारी सहित विभिन्न स्थानों से गुजरेगा। पहले दिन का रात्रि विश्राम गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब जी, बीड़ ठट्टा में होगा। इसके बाद यात्रा श्री दरबार साहिब तरनतारन, गोइंदवाल साहिब, धर्मकोट (मोगा), वजीदपुर, फरीदकोट, जैतो, श्री मुक्तसर साहिब और बठिंडा से होते हुए आगे बढ़ेगी।
श्रद्धालुओं से सेवा की अपील
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से इस धार्मिक यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेने और सेवा, सफाई तथा लंगर जैसी सेवाओं में सहयोग देने की अपील की है। यह मार्च 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो पहुँचकर संपन्न होगा, जो सिख इतिहास में विद्या और आध्यात्मिकता का प्रमुख केंद्र रहा है।