मेघालय में 24 घंटे में भारी बारिश: ईस्ट खासी हिल्स के सोहरा में 27 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मेघालय में बीते 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। 19 जुलाई को सुबह 8:30 बजे IST तक के आंकड़ों में ईस्ट खासी हिल्स जिले के आरकेएम सोहरा में सर्वाधिक 27 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मुख्य वर्षा आंकड़े
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में निम्नलिखित वर्षा दर्ज हुई — आरकेएम सोहरा ओआरजी (जिला ईस्ट खासी हिल्स): 27 सेंटीमीटर; मौसिनराम ओआरजी (जिला ईस्ट खासी हिल्स): 20 सेंटीमीटर; मावकिरवाट ओआरजी (जिला साउथ वेस्ट खासी हिल्स): 19 सेंटीमीटर; सोहरा (जिला ईस्ट खासी हिल्स): 16 सेंटीमीटर; मावकिरवाट ओडब्ल्यूएस (जिला साउथ वेस्ट खासी हिल्स): 12 सेंटीमीटर।
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और जनहानि
मेघालय के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश ने तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पुलस्त्य नदी में आई बाढ़ के कारण दो दुकानें, एक आटा चक्की और एक वाहन सर्विस स्टेशन बह गए, जिससे कई वाहन भी बाढ़ की चपेट में आए।
सुरनकोट तहसील के संगलेयानी गांव में एक मकान ढहने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग मलबे में फंसे रहे। इसी तरह नूना बांडी गांव में एक अन्य मकान गिरने से एक महिला की जान चली गई और तीन लोग घायल हो गए। भूस्खलन के कारण जिले के अधिकांश सड़क मार्ग बंद हो गए हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, 'मैंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और लगातार बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित राजौरी और पुंछ के हालात का जायजा लिया। राजौरी में सिविल प्रशासन, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।'
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन अपने चरम पर है और उत्तर-पूर्व भारत व जम्मू-कश्मीर दोनों ही क्षेत्रों में राहत-बचाव दल पूरी तरह सक्रिय हैं। गौरतलब है कि मेघालय का मौसिनराम क्षेत्र विश्व के सर्वाधिक वर्षा वाले स्थानों में गिना जाता है, और यहाँ जुलाई में इस स्तर की बारिश असामान्य नहीं है। हालांकि, एक साथ कई जिलों में अत्यधिक वर्षा का संयोजन प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा देता है।
क्या होगा आगे
मौसम विभाग की ओर से मेघालय के विभिन्न जिलों में आने वाले दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई जा रही है। पुंछ और राजौरी में बंद सड़कों को खोलने और फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।