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अमरनाथ यात्रा से पहले महबूबा मुफ्ती का सोनमर्ग दौरा, यात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय रोज़गार पर उठाई आवाज़

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अमरनाथ यात्रा से पहले महबूबा मुफ्ती का सोनमर्ग दौरा, यात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय रोज़गार पर उठाई आवाज़

सारांश

अमरनाथ यात्रा से ठीक पहले महबूबा मुफ्ती का सोनमर्ग दौरा केवल स्वागत-भाषण नहीं था — उन्होंने यात्रियों की सेवा के साथ-साथ गंडोला से छिनते रोज़गार, बालटाल में अटके व्यापारी और पहलगाम हमले के बाद बंद ट्रैकिंग जैसे ज़मीनी मुद्दे एक साथ उठाए।

मुख्य बातें

PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 18 जून को सोनमर्ग का दौरा कर स्थानीय निवासियों से मुलाकात की।
उन्होंने अमरनाथ यात्रियों को हर संभव सहायता देने की अपील की और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
बालटाल में स्थानीय व्यापारियों के पंजीकरण न होने और गंडोला परियोजना से रोज़गार छिनने की आशंका पर चिंता जताई।
पहलगाम हमले के बाद बंद हुई ट्रैकिंग को दोबारा शुरू करने की माँग प्रशासन से की।
सोनमर्ग में अस्पताल , पशु चिकित्सालय , शौचालय और पानी ट्रैक बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
उपराज्यपाल से अनुरोध किया कि गंडोला को वैकल्पिक स्थान पर बनाया जाए ताकि स्थानीय आजीविका सुरक्षित रहे।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 18 जून को अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पूर्व सोनमर्ग का दौरा किया और स्थानीय निवासियों से सीधी बातचीत की। इस दौरे में उन्होंने तीर्थयात्रियों की सुविधा, स्थानीय व्यापारियों के रोज़गार और बुनियादी ढाँचे की कमियों पर खुलकर अपनी बात रखी।

तीर्थयात्रियों की मदद की अपील

महबूबा मुफ्ती ने सोनमर्ग के निवासियों से आग्रह किया कि अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग परंपरागत रूप से तीर्थयात्रियों का पूरा ख्याल रखते आए हैं, लेकिन मौजूदा सामाजिक माहौल में — जहाँ उनके अनुसार मुस्लिमों के प्रति एक अलग तरह की नफ़रत देखी जा रही है — यह ज़िम्मेदारी और भी अहम हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यात्रियों की सेवा करना सामाजिक सद्भाव का सबसे बड़ा संदेश है।

स्थानीय व्यापारियों की चुनौतियाँ

महबूबा मुफ्ती ने बालटाल क्षेत्र में स्थानीय दुकानदारों की स्थिति पर चिंता जताई। उनके अनुसार, इन व्यापारियों ने लाखों रुपये का सामान खरीदकर रखा है, लेकिन उन्हें बालटाल में व्यापार करने का उचित अवसर नहीं मिल पा रहा है और उनका पंजीकरण तक नहीं हो पा रहा।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने गंडोला परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों की आशंकाओं का उल्लेख किया। उन्होंने उपराज्यपाल से अनुरोध किया कि गंडोला को किसी वैकल्पिक स्थान पर बनाया जाए, ताकि सोनमर्ग के निवासियों की आजीविका सुरक्षित रहे।

ट्रैकिंग और पर्यटन बहाली की माँग

पहलगाम हमले के बाद ट्रैकिंग गतिविधियाँ बंद हो जाने से साहसिक पर्यटन से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन से माँग की कि ट्रैकिंग को जल्द से जल्द पुनः शुरू किया जाए, ताकि इस क्षेत्र से जीविका चलाने वाले गाइड, पोर्टर और अन्य लोगों को राहत मिल सके।

बुनियादी ढाँचे की ज़रूरतें

महबूबा मुफ्ती ने जीरो पॉइंट पर पानी के प्रवाह प्रबंधन का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व गवर्नर नरिंदर नाथ वोहरा के कार्यकाल में यह तय किया गया था कि पानी के एक बहाव को कारगिल की ओर और दूसरे को गांदरबल की ओर मोड़ा जाएगा। उन्होंने इस योजना को ज़मीन पर उतारने की ज़रूरत बताई।

इसके अलावा, उन्होंने सोनमर्ग में पर्याप्त संख्या में शौचालय, पानी ट्रैक, एक अस्पताल और एक पशु चिकित्सालय बनाने की माँग रखी, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों — दोनों को सुविधा मिल सके।

सोनमर्ग की विरासत और भविष्य

महबूबा मुफ्ती ने सोनमर्ग को 'गेटवे ऑफ लद्दाख' बताते हुए कहा कि इसका विकास मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में शुरू हुआ था। उन्होंने मुजफ्फराबाद रोड और रावला रोड खुलने का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में यह क्षेत्र चीन तक जाने वाले मार्ग का प्रवेश द्वार भी बन सकता है।

उन्होंने अमरनाथ यात्रियों को संदेश देते हुए कहा कि वे यहाँ से संतुष्ट होकर लौटें और जम्मू-कश्मीर के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बालटाल के व्यापारियों का पंजीकरण क्यों नहीं हो पा रहा और गंडोला परियोजना के लिए स्थानीय परामर्श की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रही। ट्रैकिंग पर प्रतिबंध और रोज़गार की अनिश्चितता — ये दोनों मिलकर उस आबादी को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचा रहे हैं जो पर्यटन पर निर्भर है। प्रशासन की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह दौरा महज़ राजनीतिक संदेश था या ज़मीनी बदलाव की शुरुआत।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महबूबा मुफ्ती ने सोनमर्ग दौरे में क्या माँगें उठाईं?
महबूबा मुफ्ती ने अमरनाथ यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने, बालटाल में स्थानीय व्यापारियों को उचित अवसर देने, गंडोला को वैकल्पिक स्थान पर बनाने और पहलगाम हमले के बाद बंद ट्रैकिंग को फिर से शुरू करने की माँग उठाई। उन्होंने सोनमर्ग में अस्पताल, पशु चिकित्सालय और शौचालय बनाने की ज़रूरत भी बताई।
गंडोला परियोजना से सोनमर्ग के लोगों को क्या आपत्ति है?
स्थानीय निवासियों को आशंका है कि गंडोला बन जाने से उनका पारंपरिक रोज़गार — जो घोड़े, पोर्टर और दुकानदारी पर निर्भर है — छिन जाएगा। महबूबा मुफ्ती ने उपराज्यपाल से अनुरोध किया कि गंडोला को किसी अन्य स्थान पर बनाया जाए ताकि यहाँ के लोगों की आजीविका सुरक्षित रहे।
पहलगाम हमले के बाद ट्रैकिंग क्यों बंद है और इसका क्या असर है?
पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा कारणों से ट्रैकिंग गतिविधियाँ बंद कर दी गई हैं। इससे गाइड, पोर्टर और साहसिक पर्यटन से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन से माँग की है कि ट्रैकिंग जल्द बहाल की जाए।
महबूबा मुफ्ती ने अमरनाथ यात्रियों के लिए क्या संदेश दिया?
उन्होंने सोनमर्ग के निवासियों से अपील की कि तीर्थयात्रियों को हर संभव मदद दी जाए और वे यहाँ से संतुष्ट होकर लौटें। उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक माहौल में यात्रियों की सेवा करना सामाजिक सद्भाव का सबसे बड़ा संदेश है।
सोनमर्ग में बुनियादी ढाँचे की क्या कमियाँ बताई गई हैं?
महबूबा मुफ्ती के अनुसार सोनमर्ग में पर्याप्त शौचालय नहीं हैं, अस्पताल और पशु चिकित्सालय का अभाव है, और पानी ट्रैक का निर्माण भी नहीं हुआ है। इन कमियों से पर्यटकों और स्थानीय लोगों — दोनों को परेशानी होती है।
राष्ट्र प्रेस
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