मीरवाइज उमर फारूक ने जम्मू-कश्मीर स्कूलों में 5-दिवसीय सप्ताह का किया समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने 20 सितंबर 2026 को श्रीनगर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए प्रदेश के स्कूलों में पाँच दिवसीय कार्य-सप्ताह लागू करने के प्रस्ताव का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की मानसिक सेहत और समग्र भलाई शिक्षा व्यवस्था के केंद्र में होनी चाहिए।
मीरवाइज का स्पष्ट समर्थन
मीरवाइज उमर फारूक ने कहा, 'हमारे बच्चों को न केवल पढ़ाई के लिए, बल्कि आराम करने, परिवार के साथ समय बिताने, खेलने और स्वस्थ व संतुलित तरीके से बढ़ने के लिए भी समय की ज़रूरत है। उनकी मानसिक सेहत और कुल मिलाकर भलाई शिक्षा के केंद्र में होनी चाहिए।' उन्होंने सरकार के इस कदम को 'स्वागत योग्य' बताया।
यह समर्थन ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने पुष्टि की है कि केंद्र शासित प्रदेश के स्कूलों में 5-दिन के सप्ताह का प्रस्ताव स्कूल शिक्षा निदेशालय को भेजा जा चुका है और सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है।
सीरत प्रतियोगिता में बच्चों की भारी भागीदारी
मीरवाइज ने श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में आयोजित भव्य 'सीरत' प्रतियोगिता में बच्चों की उत्साहजनक भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों के 'मकतबों' (धार्मिक विद्यालयों) से लगभग 2,800 लड़के और लड़कियों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए मीरवाइज फाउंडेशन के सहयोग से 'मकतब मसीह-उल-उम्माह' की कोशिशों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब युवा पीढ़ी सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रही है, पैगंबर की 'सीरत' से जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है।
बच्चों और युवाओं पर ध्यान
मीरवाइज उमर फारूक ने कहा, 'ऐसे समय में जब हमारे बच्चे और युवा कई सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, यह बहुत ज़रूरी है कि वे पैगंबर की 'सीरत' से जुड़े रहें, जो जीवन के हर पहलू के लिए मार्गदर्शन देती है।' उन्होंने भाग लेने वाले बच्चों, उनके शिक्षकों, माता-पिता और आयोजकों को भी बधाई दी।
सरकार की स्थिति और आगे की राह
शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू के अनुसार, पाँच दिवसीय सप्ताह का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और स्कूल शिक्षा निदेशालय इसकी समीक्षा कर रहा है। गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में केंद्र और राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए पाँच दिवसीय सप्ताह पहले से लागू है, लेकिन स्कूलों के संदर्भ में यह एक नई और महत्त्वपूर्ण पहल होगी। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो जम्मू-कश्मीर उन अग्रणी केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हो जाएगा जो बच्चों के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हैं।