मिजोरम: NH-306 हाईवे साइट पर करंट से तीन मजदूरों की मौत, 16 वर्षीय किशोर भी शिकार
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम के कोलासिब जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-306 (NH-306) के चौड़ीकरण कार्यस्थल पर 20 सितंबर 2026 को हुए एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में एक 16 वर्षीय किशोर भी शामिल है, जबकि तीन अन्य मजदूर घायल हैं और अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार यह हादसा शनिवार देर दोपहर कोलासिब जिले के सेथॉन इलाके में हुआ। छह मजदूर चार-लेन हाईवे परियोजना के तहत एक बिजली का खंभा हटाने का कार्य कर रहे थे। काम शुरू करने से पहले तीन अलग-अलग स्थानों से बिजली आपूर्ति बंद की गई थी। बचे हुए मजदूर यह नहीं बता सके कि बाद में लाइन में दोबारा करंट कैसे आया।
प्रारंभिक जाँच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि बिजली बंद कराने के बाद मजदूरों ने अनजाने में गलत गैंग ऑपरेटेड एयर ब्रेक स्विच बंद कर दिया था। खंभे को हटाते समय वह हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे यह घातक दुर्घटना हुई।
मृतकों और घायलों की पहचान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृत तीन मजदूरों में से दो म्यांमार के निवासी थे, जबकि तीसरा मणिपुर का रहने वाला था। मृतकों में शामिल 16 वर्षीय किशोर की उपस्थिति ने नाबालिगों को निर्माण कार्य में लगाने के प्रश्न को भी उठाया है। तीन घायल मजदूरों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परियोजना और संचालक संस्था
यह हाईवे परियोजना सरकारी कंपनी नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) द्वारा संचालित की जा रही है। NH-306 मिजोरम को असम के रास्ते देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख राजमार्ग है और इस पर चौड़ीकरण का काम अभी भी जारी है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पूर्वोत्तर भारत की संपर्क अवसंरचना के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा प्रक्रियाओं पर सवाल
इस हादसे के बाद हाईवे निर्माण स्थलों पर बिजली संबंधी कार्यों में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में बड़े पैमाने पर अवसंरचना परियोजनाएँ तेज़ गति से चल रही हैं, और श्रमिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बार फिर चर्चा में है।
जाँच की स्थिति
पुलिस ने बताया कि मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालाँकि, अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। अधिकारी बिजली आपूर्ति बंद किए जाने और बाद में लाइन में करंट आने की पूरी परिस्थितियों की जाँच कर रहे हैं। जाँच के नतीजे और संभावित जवाबदेही तय होना अभी बाकी है।