मिजोरम: खवहाई गांव में घर में आग, 21 वर्षीय दिव्यांग महिला की जलकर मौत; CM ने ₹4 लाख अनुग्रह राशि का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम के खावजावल जिले के खवहाई गांव में 1 सितंबर को एक दर्दनाक अग्निकांड में 21 वर्षीय दिव्यांग महिला लालहरियात्जुआली (वोहबिक) की जलकर मौत हो गई। शारीरिक अक्षमता के कारण वह बिस्तर से उठने में असमर्थ थीं और घर से बाहर नहीं निकल सकीं, जिससे यह हादसा जानलेवा साबित हुआ।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय लालहरियात्जुआली घर में अकेली थीं। उनके परिवार के चार सदस्य उस वक्त घर से बाहर थे। जब आसपास के लोगों ने आग की लपटें देखीं और मौके पर पहुँचे, तब तक आग पूरे घर को अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग लगने का सटीक कारण अभी तक स्थापित नहीं हो सका है और जाँच जारी है।
दिव्यांगता बनी जानलेवा बाधा
अधिकारियों ने बताया कि लालहरियात्जुआली बिस्तर पर थीं और उनकी शारीरिक अक्षमता ने उन्हें स्वयं बाहर निकलने से रोका। यह घटना उन कमज़ोर वर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है जो आपात स्थिति में स्वयं की मदद करने में असमर्थ होते हैं। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अग्नि-सुरक्षा ढाँचा अक्सर अपर्याप्त रहता है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और राहत राशि
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मुझे बहुत दुख के साथ पता चला है कि आज दोपहर खावजावल जिले के खवहाई में गुरखुमा के घर में आग लग गई, जिसमें उनकी 21 वर्षीय बेटी लालहरियात्जुआली (वोहबिक) की जान चली गई।' उन्होंने आगे कहा, 'ईश्वर उन सभी लोगों के साथ रहें और उन्हें सांत्वना दें जो मृतका से प्यार करते थे और उनके करीबी थे।'
मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के नियमों के तहत पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस त्रासदी से प्रभावित परिवार के लिए नियमों के तहत हर संभव सहायता पर भी विचार किया जाएगा।
आगे क्या
पुलिस आग लगने के कारणों की जाँच कर रही है। SDRF की अनुग्रह राशि प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह घटना राज्य सरकार के समक्ष दिव्यांग नागरिकों की आपदा-सुरक्षा नीति को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।