मोदी सरकार के 12 वर्ष: पशुधन-डेयरी क्षेत्र में नई ऊँचाई, गौसंरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता — धर्मपाल सिंह
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 10 जून 2026 को लखनऊ के काकोरी स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र, किशन तेजखेड़ा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में पशुधन, डेयरी और गौसंरक्षण के क्षेत्र में देश ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री धर्मपाल सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने गो पूजन-अर्चन किया और गोवंश को गुड़ तथा चना खिलाकर गौसेवा एवं संरक्षण का प्रतीकात्मक संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंश संरक्षण, पशुधन विकास और पशुपालकों की समृद्धि केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं।
सिंह ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' का मंत्र देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को भी साकार कर रहा है।
पशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच
धर्मपाल सिंह ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से पशुधन स्वास्थ्य सेवाएँ गाँव-गाँव तक पहुँचाई जा रही हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट संचालित की जा रही हैं, जो पशुपालकों को उनके घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल करने पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पशु चिकित्सकीय सहायता पहुँचाई जाती है, जिससे पशुओं के उपचार, टीकाकरण और स्वास्थ्य संरक्षण को नई गति मिली है।
किसानों और पशुपालकों से अपील
मंत्री ने किसानों और पशुपालकों से अपील की कि दूध देना बंद कर चुकी गायों को छुट्टा न छोड़ें, बल्कि उनकी समुचित देखभाल करें या उन्हें निकटतम गौशालाओं में संरक्षित कराएँ। उन्होंने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है तथा उसका संरक्षण सामाजिक दायित्व के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।
राज्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने गो संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए इसमें जनसहभागिता बढ़ाने पर बल दिया। मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों ने वृहद गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण कर भूसा, चारा, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा गो संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की।
आम जनता और पशुपालकों पर असर
कैबिनेट मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को कृषि के समान महत्व दिए जाने से दुग्ध उत्पादन, पशुधन स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और रोज़गार सृजन में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। सरकार की विभिन्न योजनाएँ ग्रामीण परिवारों, महिलाओं और छोटे पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम कर रही हैं। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और स्थानीय लोगों ने ग्रामीण समृद्धि एवं गो संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।