26 जुलाई 2026
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मोदी सरकार के 12 वर्ष: पशुधन-डेयरी क्षेत्र में नई ऊँचाई, गौसंरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता — धर्मपाल सिंह

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मोदी सरकार के 12 वर्ष: पशुधन-डेयरी क्षेत्र में नई ऊँचाई, गौसंरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता — धर्मपाल सिंह

सारांश

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ के काकोरी में आयोजित कार्यक्रम में UP पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौसंरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट और टोल-फ्री नंबर 1962 जैसी पहलों को ग्रामीण पशुपालकों तक सेवा पहुँचाने का आधार बताया गया।

मुख्य बातें

10 जून 2026 को लखनऊ के काकोरी स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम आयोजित।
UP पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौवंश संरक्षण को केंद्र व राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
प्रदेश में 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट संचालित; टोल-फ्री नंबर 1962 पर निर्धारित समय में पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध।
पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को कृषि के समान महत्व दिए जाने से दुग्ध उत्पादन, नस्ल सुधार और रोज़गार सृजन में उल्लेखनीय प्रगति का दावा।
राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने गो संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया।

उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 10 जून 2026 को लखनऊ के काकोरी स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र, किशन तेजखेड़ा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में पशुधन, डेयरी और गौसंरक्षण के क्षेत्र में देश ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री धर्मपाल सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने गो पूजन-अर्चन किया और गोवंश को गुड़ तथा चना खिलाकर गौसेवा एवं संरक्षण का प्रतीकात्मक संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंश संरक्षण, पशुधन विकास और पशुपालकों की समृद्धि केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं।

सिंह ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' का मंत्र देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को भी साकार कर रहा है।

पशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच

धर्मपाल सिंह ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से पशुधन स्वास्थ्य सेवाएँ गाँव-गाँव तक पहुँचाई जा रही हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट संचालित की जा रही हैं, जो पशुपालकों को उनके घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराती हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल करने पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पशु चिकित्सकीय सहायता पहुँचाई जाती है, जिससे पशुओं के उपचार, टीकाकरण और स्वास्थ्य संरक्षण को नई गति मिली है।

किसानों और पशुपालकों से अपील

मंत्री ने किसानों और पशुपालकों से अपील की कि दूध देना बंद कर चुकी गायों को छुट्टा न छोड़ें, बल्कि उनकी समुचित देखभाल करें या उन्हें निकटतम गौशालाओं में संरक्षित कराएँ। उन्होंने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है तथा उसका संरक्षण सामाजिक दायित्व के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।

राज्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी

पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने गो संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए इसमें जनसहभागिता बढ़ाने पर बल दिया। मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों ने वृहद गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण कर भूसा, चारा, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा गो संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की।

आम जनता और पशुपालकों पर असर

कैबिनेट मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को कृषि के समान महत्व दिए जाने से दुग्ध उत्पादन, पशुधन स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और रोज़गार सृजन में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। सरकार की विभिन्न योजनाएँ ग्रामीण परिवारों, महिलाओं और छोटे पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम कर रही हैं। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और स्थानीय लोगों ने ग्रामीण समृद्धि एवं गो संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट और टोल-फ्री सेवा जैसी पहलों की ज़मीनी पहुँच और उपयोग दर के स्वतंत्र आँकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। गौशाला नीति की असली परीक्षा यह है कि छुट्टा गोवंश की समस्या — जो किसानों के लिए फसल नुकसान का बड़ा कारण रही है — कितनी हद तक हल हुई। ग्रामीण महिलाओं और छोटे पशुपालकों के आर्थिक सशक्तिकरण के दावों को सत्यापन-योग्य रोज़गार और आय डेटा से जोड़ा जाना चाहिए, अन्यथा ये घोषणाएँ नीतिगत इरादे से आगे नहीं बढ़ पातीं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोदी सरकार के 12 वर्षों में पशुधन और डेयरी क्षेत्र में क्या प्रमुख बदलाव आए?
UP पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को कृषि के समान महत्व दिया गया, जिससे दुग्ध उत्पादन, नस्ल सुधार, पशुधन स्वास्थ्य और रोज़गार सृजन में उल्लेखनीय प्रगति हुई। केंद्र और राज्य की संयुक्त पहल से ग्रामीण पशुपालकों तक सेवाएँ पहुँचाई गई हैं।
उत्तर प्रदेश में मोबाइल वेटरनरी यूनिट क्या है और इसका लाभ कैसे मिलेगा?
उत्तर प्रदेश में 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट संचालित हैं जो पशुपालकों के घर तक पशु चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाती हैं। टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल करने पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपचार, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाती है।
गो संरक्षण केंद्र किशन तेजखेड़ा में क्या हुआ?
10 जून 2026 को लखनऊ के काकोरी स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र, किशन तेजखेड़ा में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। UP पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने गो पूजन किया, गोवंश को गुड़-चना खिलाया और केंद्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
छुट्टा गायों के बारे में सरकार की क्या अपील है?
धर्मपाल सिंह ने किसानों और पशुपालकों से अपील की कि दूध देना बंद कर चुकी गायों को खुला न छोड़ें, बल्कि उनकी उचित देखभाल करें या उन्हें नज़दीकी गौशाला में संरक्षित कराएँ। उन्होंने गौवंश संरक्षण को सामाजिक दायित्व और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी बताया।
कृष्णा पासवान ने गो संरक्षण पर क्या कहा?
पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने गो संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया और इसमें जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण और पशुपालकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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