1 अगस्त 2026
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गौशालाओं में अक्टूबर 2026 तक निर्माण पूरा करें — धर्मपाल सिंह का अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम

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गौशालाओं में अक्टूबर 2026 तक निर्माण पूरा करें — धर्मपाल सिंह का अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम

सारांश

यूपी के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं को आत्मनिर्भर इकाइयों में बदलने का संकल्प लिया है — गोबर गैस प्लांट, भूसा बैंक, हर विधानसभा में पशु चिकित्सालय और हर पंचायत में दुग्ध समिति। अक्टूबर 2026 की डेडलाइन और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी के साथ यह सिर्फ समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि एक सख्त प्रशासनिक संदेश है।

मुख्य बातें

पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने 15 जून 2026 को लखनऊ में विभागीय समीक्षा बैठक में गौशालाओं के सभी निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरे करने का अल्टीमेटम दिया।
प्रत्येक गौशाला में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने के निर्देश — ऊर्जा उत्पादन और अतिरिक्त आय के लिए।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक पशु चिकित्सालय स्थापित करने की योजना; विधायकों से प्रस्ताव माँगे जाएंगे।
प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में दुग्ध समिति का गठन अनिवार्य किया गया।
भूसा बैंकों में वर्षभर का भूसा और हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।
लापरवाही या गुणवत्ता से समझौते पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 15 जून 2026 को लखनऊ स्थित विधान भवन कार्यालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश की समस्त गौशालाओं में चल रहे अवस्थापना एवं निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गौशालाओं को आत्मनिर्भर इकाई बनाने का लक्ष्य

मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गौशालाओं को महज संरक्षण केंद्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रदेश की प्रत्येक गौशाला में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए, जिससे ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय के नए स्रोत भी विकसित हो सकें। यह निर्देश राज्य सरकार की उस व्यापक सोच को दर्शाता है जिसमें गौ संरक्षण को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा जा रहा है।

भूसा बैंक, हरा चारा और मानसून तैयारी

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गौशालाओं का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए और वहाँ स्थापित भूसा बैंकों में वर्षभर के लिए पर्याप्त भूसा उपलब्ध रहे। पशुओं के लिए हरे चारे की समुचित व्यवस्था भी अनिवार्य की गई। आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए वृहद गौ संरक्षण केंद्रों में सभी आवश्यक इंतजाम समय से पूरे करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पशु चिकित्सालय की योजना

समीक्षा बैठक में धर्मपाल सिंह ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक पशु चिकित्सालय स्थापित करने की योजना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित विधायकों से प्रस्ताव प्राप्त कर समयबद्ध ढंग से कार्रवाई पूरी की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाया जा सके।

हर ग्राम पंचायत में दुग्ध समिति अनिवार्य

दुग्ध सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में दुग्ध समिति का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उनके अनुसार इससे दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बैठक में विभागीय प्रगति की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

क्या होगा आगे

बैठक में निराश्रित गोवंश संरक्षण, भूसा प्रबंधन, हरे चारे की बुआई, संचारी रोगों की रोकथाम, टीकाकरण अभियान और दुग्ध समितियों के गठन की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अक्टूबर 2026 की समय-सीमा अब एक कड़े प्रशासनिक लक्ष्य के रूप में सामने है — अगले कुछ महीने यह तय करेंगे कि उत्तर प्रदेश की गौशाला नीति कागज़ से ज़मीन तक कितनी उतरती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन की रफ्तार अपेक्षाओं से पीछे रही है। अक्टूबर 2026 की डेडलाइन और दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी प्रशासनिक दबाव बनाने के लिहाज़ से सही कदम है, पर असली परीक्षा यह होगी कि निरीक्षण तंत्र कितना स्वतंत्र और पारदर्शी है। हर पंचायत में दुग्ध समिति का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन बिना प्रशिक्षित जनशक्ति और बाज़ार संपर्क के ये समितियाँ कागज़ी ढाँचा बनकर रह सकती हैं — जैसा अतीत में कई ग्रामीण सहकारी ढाँचों के साथ हुआ है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने 15 जून 2026 को लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि प्रदेश की सभी गौशालाओं में चल रहे निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरे किए जाएं। लापरवाही या गुणवत्ता से समझौते पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
उत्तर प्रदेश की गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट क्यों लगाए जाएंगे?
मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं को आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक गौशाला में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इससे ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत भी तैयार होंगे।
हर ग्राम पंचायत में दुग्ध समिति बनाने से क्या फायदा होगा?
मंत्री के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में दुग्ध समिति के गठन से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। दुग्ध सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया गया है।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पशु चिकित्सालय कब तक बनेगा?
धर्मपाल सिंह ने निर्देश दिया है कि संबंधित विधायकों से प्रस्ताव प्राप्त कर समयबद्ध ढंग से कार्रवाई पूरी की जाए। हालाँकि इस योजना के लिए कोई अंतिम तिथि अभी घोषित नहीं की गई है; प्रक्रिया विधायकों के प्रस्ताव मिलने के बाद शुरू होगी।
बैठक में निराश्रित गोवंश संरक्षण पर क्या चर्चा हुई?
बैठक में निराश्रित गोवंश संरक्षण, भूसा प्रबंधन, हरे चारे की बुआई, संचारी रोगों की रोकथाम और टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने सभी निर्देशों के समयबद्ध अनुपालन का आश्वासन दिया।
राष्ट्र प्रेस
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