आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 13 मई से तीन दिवसीय असम दौरे पर, गुवाहाटी में 'कार्यकर्ता विकास वर्ग' शिविर में होंगे शामिल

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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 13 मई से तीन दिवसीय असम दौरे पर, गुवाहाटी में 'कार्यकर्ता विकास वर्ग' शिविर में होंगे शामिल

सारांश

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 13 से 15 मई तक असम के गुवाहाटी में 'कार्यकर्ता विकास वर्ग (द्वितीय वर्ष)' शिविर में शामिल होंगे। यह दौरा असम में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद हो रहा है और पूर्वोत्तर में संघ के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में अहम माना जा रहा है।

मुख्य बातें

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 13 मई 2026 को तीन दिवसीय दौरे पर असम पहुँचेंगे।
गुवाहाटी में आयोजित ' कार्यकर्ता विकास वर्ग (द्वितीय वर्ष) ' प्रशिक्षण शिविर में पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों से स्वयंसेवक भाग लेंगे।
भागवत असम और पूर्वोत्तर के वरिष्ठ संघ पदाधिकारियों के साथ अलग बैठक भी करेंगे।
यह दौरा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में नई एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण के बाद हो रहा है।
दौरा 15 मई को प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के साथ संपन्न होगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत 13 मई 2026 को तीन दिवसीय दौरे पर असम पहुँचेंगे, जहाँ वे गुवाहाटी में आयोजित संगठन के प्रमुख प्रशिक्षण शिविर 'कार्यकर्ता विकास वर्ग (द्वितीय वर्ष)' में भाग लेंगे। आरएसएस पदाधिकारियों के अनुसार, यह दौरा 15 मई को प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के साथ संपन्न होगा। यह दौरा इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में नई एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण के बाद हो रहा है।

कार्यकर्ता विकास वर्ग: क्या है यह शिविर

'कार्यकर्ता विकास वर्ग' आरएसएस का एक महत्वपूर्ण आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं में नेतृत्व क्षमता, वैचारिक समझ और संगठनात्मक कौशल को सुदृढ़ करना है। इस द्वितीय वर्ष के शिविर में केवल वे स्वयंसेवक हिस्सा लेते हैं जिन्होंने प्रशिक्षण का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया हो।

इस बार गुवाहाटी में आयोजित इस शिविर में पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों से स्वयंसेवक भाग लेंगे। आरएसएस के वरिष्ठ नेता और प्रचारक भी इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

भागवत का संभावित संबोधन

सूत्रों के मुताबिक, मोहन भागवत प्रतिभागियों को संगठन विस्तार, सामाजिक संपर्क, राष्ट्र निर्माण की पहल और देशभर में जमीनी स्तर पर गतिविधियों को मजबूत करने में कार्यकर्ताओं की भूमिका पर संबोधित कर सकते हैं। गौरतलब है कि संघ प्रमुख के इस प्रकार के दौरे कार्यकर्ताओं में वैचारिक ऊर्जा भरने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक

अपने इस दौरे में भागवत असम और पूर्वोत्तर राज्यों के वरिष्ठ संघ पदाधिकारियों के साथ अलग से बैठक भी करेंगे। यह बैठक क्षेत्रीय इकाइयों के साथ समन्वय और संगठनात्मक विस्तार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

पूर्वोत्तर में आरएसएस का विस्तार

पिछले कुछ वर्षों में आरएसएस ने शिक्षा, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से पूर्वोत्तर में अपने संगठन का उल्लेखनीय विस्तार किया है। संघ के वरिष्ठ नेता समय-समय पर क्षेत्रीय इकाइयों और स्वयंसेवकों के साथ समन्वय मजबूत करने के लिए पूर्वोत्तर का दौरा करते रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियाँ

भागवत के दौरे को देखते हुए गुवाहाटी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन कार्यक्रम के सुचारू आयोजन के लिए आयोजकों के साथ समन्वय में जुटा है। 15 मई को प्रशिक्षण शिविर के समापन के साथ आरएसएस प्रमुख का यह दौरा संपन्न होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और जनजातीय विविधता संगठन के लिए एक स्थायी चुनौती भी बनी रहती है। भागवत का सीधे 'कार्यकर्ता विकास वर्ग' में शामिल होना यह दर्शाता है कि संघ जमीनी नेतृत्व तैयार करने को रणनीतिक प्राथमिकता दे रहा है — खासकर ऐसे समय में जब राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत का असम दौरा कब से कब तक है?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 13 मई 2026 को असम पहुँचेंगे और उनका यह तीन दिवसीय दौरा 15 मई को प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के साथ संपन्न होगा।
'कार्यकर्ता विकास वर्ग' क्या है और इसमें कौन भाग ले सकता है?
'कार्यकर्ता विकास वर्ग' आरएसएस का एक आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है जो कार्यकर्ताओं में नेतृत्व क्षमता, वैचारिक समझ और संगठनात्मक कौशल विकसित करने के लिए आयोजित किया जाता है। द्वितीय वर्ष के इस शिविर में केवल वे स्वयंसेवक भाग ले सकते हैं जिन्होंने प्रशिक्षण का पहला चरण पूरा कर लिया हो।
भागवत के असम दौरे का क्या महत्व है?
यह दौरा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में नई एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण के बाद हो रहा है, जिससे इसे संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही, भागवत पूर्वोत्तर के वरिष्ठ संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे।
इस शिविर में पूर्वोत्तर के किन राज्यों के स्वयंसेवक भाग लेंगे?
आरएसएस पदाधिकारियों के अनुसार, गुवाहाटी में आयोजित इस शिविर में पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों से स्वयंसेवक भाग लेंगे, हालाँकि राज्यों की सटीक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।
पूर्वोत्तर में आरएसएस की गतिविधियाँ कैसी रही हैं?
पिछले कुछ वर्षों में आरएसएस ने शिक्षा, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से पूर्वोत्तर में अपने संगठन का उल्लेखनीय विस्तार किया है। संघ के वरिष्ठ नेता समय-समय पर क्षेत्रीय इकाइयों के साथ समन्वय मजबूत करने के लिए इस क्षेत्र का दौरा करते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस