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मोहर्रम पर झारखंड में हाई अलर्ट: 16,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, ड्रोन-CCTV से होगी चौकसी

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मोहर्रम पर झारखंड में हाई अलर्ट: 16,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, ड्रोन-CCTV से होगी चौकसी

सारांश

मोहर्रम से पहले झारखंड पुलिस ने राज्य को तीन सुरक्षा जोन में बाँटा है। 16,000 से अधिक जवान और केंद्रीय बलों की 7 कंपनियाँ तैनात होंगी। ड्रोन, CCTV और साइबर सेल की त्रिस्तरीय निगरानी से पिछले वर्षों की तनाव की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की कोशिश है।

मुख्य बातें

झारखंड में मोहर्रम के दौरान 16,000 से अधिक पुलिस एवं होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे।
केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 7 कंपनियाँ अतिरिक्त सुरक्षा के लिए राज्य में रहेंगी।
राज्य को तीन जोन — रांची , पलामू और हजारीबाग — में बाँटकर विशेष निगरानी की जाएगी।
जुलूस मार्गों पर ड्रोन कैमरों और प्रमुख स्थानों पर CCTV से निगरानी होगी।
पुलिस साइबर सेल और खुफिया एजेंसियाँ सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री पर नज़र रखेंगी।
भड़काऊ गीतों, आपत्तिजनक नारेबाज़ी और तय सीमा से अधिक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर सख्त प्रतिबंध लागू होगा।

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने मोहर्रम के मद्देनजर राज्यभर में व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। जुलूसों और धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 16,000 से अधिक पुलिस एवं होमगार्ड जवानों के साथ-साथ केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की सात कंपनियाँ तैनात की जाएंगी। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों और CCTV निगरानी के ज़रिए गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी जाएगी।

तीन सुरक्षा जोन में बँटा झारखंड

सुरक्षा प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए राज्य को तीन प्रमुख जोन में विभाजित किया गया है। रांची, पलामू और हजारीबाग को विशेष निगरानी वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है, जहाँ अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहाँ विशेष प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सुरक्षा इंतज़ाम

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि पारंपरिक धार्मिक आयोजनों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी, लेकिन कानून-व्यवस्था को बाधित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने भड़काऊ गीतों, आपत्तिजनक नारेबाज़ी और निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

मोहर्रम जुलूसों के निर्धारित मार्गों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। प्रमुख चौक-चौराहों, बाज़ारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में CCTV कैमरों के ज़रिए गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी।

सोशल मीडिया और साइबर निगरानी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह फैलाने की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस साइबर सेल और खुफिया एजेंसियों को सक्रिय किया गया है ताकि भ्रामक पोस्ट, फर्जी संदेश या सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाली सामग्री पर तुरंत कदम उठाया जा सके। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर विशेष डिजिटल निगरानी भी रखी जाएगी।

पिछली घटनाओं का संदर्भ

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में मोहर्रम के दौरान राज्य के कुछ जिलों में तनाव और विवाद की घटनाएँ सामने आई थीं। उन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मज़बूत बनाया गया है।

प्रशासन का उद्देश्य

अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए मोहर्रम को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना है। यह सुरक्षा व्यवस्था इस बात का संकेत है कि राज्य प्रशासन सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के पक्ष में नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 जवानों की तैनाती और तीन-जोन की रणनीति संकेत देती है कि प्रशासन सक्रिय है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह बल-प्रदर्शन दीर्घकालिक सामुदायिक संवाद की जगह ले सकता है। साइबर सेल की सक्रियता एक सकारात्मक कदम है, पर सोशल मीडिया पर अफवाहों की रफ्तार अक्सर प्रशासनिक प्रतिक्रिया से आगे निकल जाती है — यह अंतर भरना अभी भी बड़ी चुनौती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में मोहर्रम के दौरान कितने सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे?
झारखंड में मोहर्रम के दौरान 16,000 से अधिक पुलिस एवं होमगार्ड जवानों के साथ केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 7 कंपनियाँ तैनात की जाएंगी। यह तैनाती पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक बताई जा रही है।
झारखंड में मोहर्रम की निगरानी कैसे होगी?
जुलूस मार्गों पर ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी होगी और प्रमुख चौक-चौराहों व बाज़ारों में CCTV कैमरों का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस साइबर सेल सोशल मीडिया पर भ्रामक और सांप्रदायिक सामग्री पर नज़र रखेगी।
झारखंड को मोहर्रम के लिए किन जोन में बाँटा गया है?
राज्य को तीन प्रमुख सुरक्षा जोन में विभाजित किया गया है — रांची , पलामू और हजारीबाग को विशेष निगरानी वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है जहाँ अतिरिक्त बल तैनात रहेंगे।
मोहर्रम जुलूस के दौरान झारखंड में क्या प्रतिबंध हैं?
प्रशासन ने भड़काऊ गीतों , आपत्तिजनक नारेबाज़ी और निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड में मोहर्रम पर इतनी कड़ी सुरक्षा क्यों लगाई गई है?
पिछले कुछ वर्षों में मोहर्रम के दौरान राज्य के कुछ जिलों में तनाव और विवाद की घटनाएँ सामने आई थीं। उन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मज़बूत बनाया गया है ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकें।
राष्ट्र प्रेस
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