मोहसिन तकवी का सवाल: ट्रंप की जीत के बाद भी युद्ध का क्या कारण?
सारांश
Key Takeaways
- ईरान में मानवीय सहायता भेजी जा रही है।
- भारतीय छात्र ईरान में साहस के साथ रह रहे हैं।
- इजरायल की मंशा युद्ध को बढ़ाना है।
- ट्रंप की जीत के बावजूद युद्ध की स्थिति पर सवाल उठता है।
- अमेरिका की लॉबी इजरायल का समर्थन करती है।
नई दिल्ली: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष सैयद मोहसिन तकवी ने मानवीय सहायता और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों पर समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि हमदर्दी के भाव से ईरान में दवाएं भेजी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि वहां हजारों लोग जख्मी हो रहे हैं और अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों के बारे में उन्होंने कहा कि वे आम ईरानियों की तरह ही जज्बा रखते हैं। भारतीय छात्र साहस के साथ ईरान में रह रहे हैं, और ईरान सरकार मानवता के नाते उनकी सहायता कर रही है।
पश्चिम एशिया में तनाव के बारे में भारत के दृष्टिकोण पर उन्होंने कहा कि भारतीय लोगों ने ईरान के प्रति सहानुभूति प्रकट की है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बातचीत के नतीजे पर उन्होंने कहा कि यह बहुत कठिन है। आपने देखा होगा कि सीजफायर के बाद इजरायल ने लेबनान में बमबारी की, जो इस बात का प्रमाण है कि इजरायल युद्ध समाप्त नहीं करना चाहता।
सैयद मोहसिन तकवी ने कहा कि गाजा और लेबनान में निहत्थे लोगों की हत्या करना कोई बहादुरी नहीं है। अमेरिका में एक सशक्त लॉबी है, जो इजरायल के लिए काम करती है। यही कारण है कि पिछले 30-35 वर्षों से इजरायल यही कह रहा है कि ईरान 10-15 दिनों में परमाणु बम बना लेगा। अगर ईरान को बम बनाना होता, तो वह अब तक बना चुका होता।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर सैयद मोहसिन तकवी ने कहा कि अगर उन्होंने जीत हासिल की है, तो युद्ध समाप्त होना चाहिए। यदि ट्रंप ने ईरान को पराजित कर दिया है, तो फिर युद्ध की कोई आवश्यकता नहीं है। एक ही समय में धमकियां देना और शांति वार्ता करना संभव नहीं है। 40 दिनों का युद्ध यह साबित कर चुका है कि ईरान धमकियों में नहीं आने वाला है।